मानेकशॉ ने अगर 3 अप्रैल 1971 को कह दिया होता हां, तो शायद बांग्लादेश नहीं बनता
Indira vs Manekshaw: 3 अप्रैल 1971 को कैबिनेट मीटिंग में इंदिरा गांधी चाहती थीं कि भारत तुरंत पूर्वी पाकिस्तान पर हमला करे. लेकिन सेना प्रमुख सैम मानकेशॉ ने साफ कहा कि अभी युद्ध किया तो हार का खतरा है. वजह थी मौसम, लॉजिस्टिक्स, दो मोर्चों का डर और अंतरराष्ट्रीय राजनीति. मानकेशॉ की उसी “ना” ने भारत को तैयारी का वक्त दिया और दिसंबर 1971 में 13 दिन के अंदर पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया. नतीजा हुआ बांग्लादेश का जन्म और भारत की ऐतिहासिक जीत.
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3 अप्रैल 1971, दिल्ली का एक कमरा और पूरे उपमहाद्वीप का भविष्य
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वीडियो: हुंदरमान: वो गांव जिसे 1971 के युद्ध में भारत ने पाकिस्तान से वापस लिया

