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सोनम गुप्ता का EXCLUSIVE इंटरव्यू: जानिए वो सब कुछ, जो अब तक छिपा था

मुस्लिम लड़के से इश्क़ की मिली सज़ा?

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फोटो - thelallantop
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पंडित असगर
21 नवंबर 2016 (अपडेटेड: 10 अप्रैल 2017, 11:18 AM IST)
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कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता - बशीर बद्र

गांव में किस्से बहुत सुने. आशिकी के. रुसवा होने के. लोगों की जुबानी. 'हमने तो ऐसा सुना है' के इर्द गिर्द अफसाने ऐसे रच दिए जाते हैं कि उनके सामने फॉरेंसिक रिपोर्ट भी फेल हो जाए. कहा जाता है कि 'फलां की बेटी का फलां के लड़के से चक्कर चल रहा है'. और फिर जितने लोग उस किस्से को सुनाते, उसमें सबूत नए होते. बस कॉमन यही होता 'हमने सुना है.' इसके साथ ही एक टैग लाइन और जुड़ी रहती है. 'सुना है, मगर किसी से कहना मत.' और जो बात किसी से नहीं कहने की हिदायत होती थी वही बात सबको पता होती थी. जैसे गांव में कथा कराकर सुनाई गई हो. 'सोनम गुप्ता बेवफा है' का किस्सा भी उसी 'किसी से कहना मत' से निकला है. जिसका ओर-छोर किसी को नहीं पता. बस नोट पर लिखा. और सोशल मीडिया पर चढ़ गया. तीन ही शब्द चर्चा-ए-आम हो गए. मोदी, नोटबंदी, और सोनम गुप्ता. कई फेसबुक पेज बने. आईडी बनी. और संसद चलो इवेंट भी तैयार कर दिया गया.

तो संसद बाद में जाना. पहले ये जान लीजिए कि सोनम गुप्ता क्या सोचती हैं इस बारे में. हम उनका एक्सक्लूसिव इंटरव्यू लेकर आए हैं. सोनम गुप्ता से हमने फेसबुक चैट पर बात की. 

सोनम गुप्ता बेवफा है इसका सच क्या है? सच ये है कि राजू ने जो मेरे साथ किया, वो इस दुनिया के सामने आया नहीं अब तक, और हर बार की तरह दुनिया ने एक औरत को दोषी ठहरा दिया. वो सच क्या है जो सामने नहीं आया? राजू शालू से मिलने जाता था मेरी पीठ पीछे... मैंने सवाल किया तो. मुझे ही बदनाम कर दिया. मैं राजू से अब भी बहुत प्यार करती हूं.
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  इल्जाम ये है कि आप किसी मुसलमान लड़के से मिलती थीं? मैं बस मिलती थी. उसे ये दिखने के लिए कि जो मैं महसूस कर रही थी. वो भी करे. पर उसने इस बारे में कुछ बात नहीं की. बस नोट पर लिख कर फरमान जारी कर दिया. सौकत के और मेरे बीच ऐसा कुछ नहीं था. और उसकी अम्मा ने भी शालू के बारे में कहा, उस सबका क्या? उसके बारे में तो कुछ नहीं कहा गया. मुझे रुसवा कर डाला. अम्मा ने क्या कहा? अम्मा ने कहा कि वो नहीं चाहती कि शालू उनके घर आए! अम्मा मुझे ही चाहती थी. मैं तो हर चीज़ के लिए तैयार थी, फिर जब चीजें बढ़ गईं तो मैंने सब खत्म कर दिया. पर कुछ दिनों के लिए, पर राजू ने मेरे साथ ये सब कर दिया. अभी आपने कहा कि सौकत और आपके बीच कुछ नहीं था? हां कुछ नहीं था. पर जब राजू मुझे छोड़ चुका था, तो मुझे तो आगे बढ़ना ही था. मुझे धर्म परिवर्तन के लिए कहा गया. तो आप सौकत के साथ रहना चाहती थीं, मगर धर्म बीच में आ गया? जी, पर ये फैसला मैंने शालू के आने के बाद किया और जब मैं आगे बढ़ने लगी मुझे बेवफा करार दे दिया. अब ना तो मेरे पास राजू है और सौकत भी मुझे छोड़ चुका है. मैं अब क्या करूं, बताइए?
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लेकिन सौकत के साथ ही क्यों? वहां तो और भी मुश्किल हो सकती थी, क्योंकि तीन बार तलाक का मामला वैसे ही चर्चा में है. उससे डर नहीं था आपको जहां मोहब्बत होती है वहां कोई डर नहीं होता सर. बहुत सी फर्जी सोनम गुप्ता सोशल मीडिया में आ गई हैं, इससे असली सोनम गुप्ताओं पर क्या असर पड़ेगा. जी, ये आप सही कह रहे हैं. यहां हमें अपना अस्तित्व साबित करना पड़ता है! ये गलत है. ऐसा क्यों मान लिया जाता है कि लड़कियां ही बेवफा होती हैं? क्योंकि ये आज से नहीं सदियों से चला आ रहा है, आपने बस कहीं पढ़ा कि सोनम गुप्ता बेवफा है और आपने मान लिया, किसी ने उसका कारण जानने की कोशिश नहीं की. क्योंकि मैं लड़की हूं. सब लोगों ने ऐसी सोच बना रखी है. अगर मैं नोट पर लिख दूं कि राजू बेवफा है. मान लेंगे. बल्कि ये ही कहेंगे कि देखो बेवकूफ लड़की ने लिखके नोट गंदा कर दिया. लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया और नोटों को गंदा करते चले गए. फिर इतने दिन तक आप चुप क्यों रहीं. एक्शन क्यों नहीं लिया? मैं साहस नहीं जुटा पाई मैं बहुत डरी हुई थी इन सबसे. लोग कह रहे हैं कि आपको UNESCO ने इंटरनेशनल बेवफा घोषित कर दिया है. जी अब आप बताइए, मैं क्या करूं? सीता माता के साथ भी इस समाज ने ऐसा किया था, देखा जाए तो एक तरह से उन्हें भी बेवफा ही कहा गया था. वो चुप रही थीं, मैं चुप नहीं रहूंगी, फिर आप क्या करेंगी, आगे की प्लानिंग क्या है? मैं अपना स्टैंड लूंगी, सोशल मीडिया पर अपने लिए लड़ाई लड़ूंगी और इंसाफ पाकर रहूंगी. ज़्यादा हुआ तो मैं नेताओं के पास भी जाऊंगी. आम आदमी पार्टी से मेरे अच्छे संबंध हैं.
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विपक्षी पार्टियों का कहना है कि सोनम गुप्ता बीजेपी सरकार की एजेंट है, जो नोट बंदी से लोगों का ध्यान भटका रही है. जबकि लोग मुश्किल में हैं और कतारों में खड़े हैं? ये बिल्कुल गलत है. बीजेपी तो हमेशा से ही लोगों को मुद्दे से भटकाती आई है. उन्हें ये समझना होगा. सोनम गुप्ता बेवफा है, उसके खिलाफ संसद चलो नाम से इवेंट भी चला दिया है, इसपर आपका क्या कहना है? संसद जा कर कितनी ही समस्याओ का हल हुआ है, जो मेरी समस्या का होगा. मैं गुज़ारिश करती हूं कि इन सब चीजों से आप लोग मेरा मज़ाक ना उड़ाएं. बस ये जोक्स और फ़ोटो शेयर करना बंद कर दें, क्योंकि ना जाने कितनी ही और सोनम गुप्ता इसका शिकार हो रही हैं. अगर इस बदनामी की वजह से खुदा न करे किसी सोनम ने अपनी जिंदगी को ख़त्म कर लिया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? ये समाज होगा. आप होंगे. मैं होउंगी. हम सब लोग होंगे. सोनम बेवफा नहीं है यूं ही बदनाम हो गई. कहा जा रहा है कि खुद को मशहूर करने के लिए सोनम ने ये ड्रामा रचा है? मशहूर होना और बदनाम होना, फ़र्क़ है सर. मैं एक आम लड़की की तरह आम ज़िन्दगी जीना चाहती हूं. मुझे और कुछ नहीं चाहिए. जिस तरह से नोटों पर लिखा जा रहा है, मांग हो रही है कि सरकार को नोटों पर ही लिख देना चाहिए कि 'मैं सोनम गुप्ता को बेवफा होने का वचन देता हूं.' ये बहुत गलत है, आप लोग बार-बार मुझे बेवफा साबित करने पर तुले हुए हैं. और मेरे मरने तक मेरी आखरी सांस भी यही कहेगी कि मैंने कोई बेवफ़ाई नही की है. राजू को कोई सबक देना चाहेंगी? उसे कुछ समय बाद खुद ही समझ आएगा कि उसने क्या खोया है. आखिरी सवाल, देश की तमाम सोनम गुप्ताओं के नाम कोई मैसेज देना चाहेंगी. कि वो क्या करें ? मैं कहना चाहूंगी कि आप बिल्कुल ना डरें. ये बस हमें दबा कर रखने की कोशिश है. और आप डटकर खड़ी रहिए और बता दीजिए लोगों को कि "मैं सोनम गुप्ता हूं और मैं बेवफा नही हूं" और लोगों को मानना पड़ेगा ये.
 

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