ईमानदारी से बता रहे हैं. पहली बार आशुतोष राणा को फिल्म में देखा तो रातों मेंनींद नहीं आती थी. रात में सूसू करने जाते तो मम्मी को जगाते थे. फिल्म थी संघर्ष.खूंखार विलेन बने थे आशुतोष राणा. उनका वो स्टाइल आज भी याद आए तो रोंगटे खड़े होजाते हैं. उसके बाद बहुत से किरदारों में उनको देखा. ज्यादातर खलनायक. आशुतोष मध्यप्रदेश में पैदा हुए. गदरवारा, नरसिंहपुर जिले में. नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा दिल्लीमें एक्टिंग पढ़ी. फिर मुंबई जाकर रम गए. स्वाभिमान से शुरू हुआ करियर आज जहां हैंवहां से हम जैसे उनके फैन चींटी जैसे दिखाई देते हैं. लेकिन वो कहते हैं कि दर्शकहैं तो हम हैं. एक्टिंग के अलावा आशुतोष का मन सबसे ज्यादा किसी चीज में रमता है तोवो हैं किताबें. उन्हीं में डूबते उतराते रहते हैं. 'साहित्य आजतक' में वो आपसे,हमसे मिलने आ रहे हैं. उसके पहले हमने उनसे छोटी सी बात की. फोन पर. माइक्रोक्वेश्चन वाली बातें. इतने भर से उनके व्यक्तित्व का अंदाजा नहीं मिल सकता लेकिनउसका हल्का सा प्रतिबिंब जरूर मिलेगा. 1. रावण हिंदी साहित्य का विलेन माना जाताहै. रावण से आपका बचपन से नाता है. बचपन से रामलीला में रावण के रोल किए. फिररामायण एपिक में रावण के चरित्र को अपने संवाद दिए. रावण के अंदर एक सबसे अच्छी बातक्या लगती है. और एक सबसे बुरी? आशुतोष. रामायण में राम नायक हैं, रावणप्रतिनायक.(ये शब्द अपनी डिक्शनरी में जोड़ लें.) दोनों महान. दोनों योद्धा. दोनोंविद्वान. दोनों शिव उपासक. दोनों शक्ति प्रेमी. अखंड प्रतापी. दोनों की फैनफॉलोविंग अच्छी है. दोनों में अंतर केवल इंकार और स्वीकार का है. अगर राम इंकारकरते. पिता का कहना नहीं मानूंगा. वन नहीं जाऊंगा. भाई को राज नहीं करने दूंगा. तोवो रावण होते. रावण अगर स्वीकार कर लेता. ऋषियों को मत सताओ. भई नहीं सताता. सीताको वापस कर दो. भई कर देता हूं. बड़े भाई राम से पंगा मत लो, मित्रता कर लो. ठीक हैजी कर लेता हूं. ये स्वीकार करके रावण राम बन जाता. 2. कौन सी किताब आपको सर्वाधिकपसंद है. जिसने आपकी विचारशीलता पर विशेष प्रभाव डाला हो. आशुतोष. मुख्य बात येनहीं कि मुझे कौन सी किताबें पसंद हैं. बात ये है कि मुझे किताबें बहुत पसंद हैं.किसी एक का नाम लूं तो बाकी के साथ अन्याय होगा. फिर भी कुछ किताबें विशेष प्रियहैं. कृष्ण की आत्मकथा, मधु शर्मा ने लिखा है. आठ भागों में. विष्णु गुप्त चाणक्य.शिवाजी सावंत ने कर्ण लिखा, वो अच्छी किताब है. नरेंद्र कोहली की लिखी महासमर. 3.किस कवि में आपकी सबसे ज्यादा रुचि है? आशुतोष. कविताओं में परमरुचि है. रामधारीदिनकर मेरे प्रिय कवि हैं. इनके अलावा दुष्यंत कुमार, निराला भी पसंद हैं. 4. सारीबातें साहित्य से जुड़ी कर लीं. लेकिन अगर आपकी फिल्मों के बारे में कुछ न जाना तोअफसोस रहेगा. आपकी फिल्मी यात्रा में सबसे यादगार किस्सा? आशुतोष. देखो जो अभिनय हमकर रहे हैं, हमारी चाहत है. मोहब्बत है. इसकी राह में हर कदम यादगार रह जाता है. हरपल. हम बंबई आए. तब से जीवन इसी के नाम है. हम उन भाग्यशाली लोगों में हैं जिनकापैशन एजूकेशन और प्रोफेशन एक ही है. तो ये आशुतोष की जिंदगी का वो हिस्सा है जिसकेबारे में वही जानता है जो उनको जानता है. आप भी उनको जानें. उनको सुनें. आशुतोष सेरूबरू हों 13 नवंबर स्टेज- 1 11 बजे से 12 बजे तक साहित्य आज तक इंदिरा गांधी नेशनलसेंटर फॉर द आर्ट्स, जनपथ, नई दिल्ली--------------------------------------------------------------------------------साहित्य आजतक के बारे में सब कुछ: लल्लनटॉप कहानी लिखो और 1 लाख रुपए जीतो अपनेफेवरेट स्टार से मिलो, चिकोलाइट मज़ा लो, नि:शुल्क!