मानव कौल. एक्टर, डायरेक्टर, राइटर. दिल्ली के बुक फेयर में आए थे. हमने कहा, आओगुरु. साथ में खाना खाएं. भोजन पाने के बाद मानव कौल से पाया ज्ञान. सुने उनके जीवनके लल्लनटॉप किस्से. मसलन, जब वो छोटे थे तो अपने शहर होशंगाबाद में पइसा कमाने केलिए डांस क्लास चलाते थे. कौल बोले, हाथ हिलाना सिखाता और महीने के पर परसन 50रुपये कमाता. मानव कौल ने महान थिएटर आर्टिस्ट सत्यदेव दुबे का भी एक वाकया बताया.दुबे जी सर्वेश्वरदयाल सक्सेन की एक कविता तरन्नुम में गाते थे. मानव बोले, गुरु जीहमें भी सिखा दो. या कम से कम इस कविता की टीप ले लेने दो. दुबे बोले, नहींलिखवाऊंगा, तुम इसे सुनाकर लड़कियों को इंप्रेस करते फिरोगे. मानव कौल खूब इंप्रेसकरते हैं. अपने खुल रवैये से. मुंबई के थिएटर में अपनी कमाल एक्टिंग से. फिल्मोंसे. और अब कहानियों से भी. उनकी लाइफ के सब हाल जानिए इस चौचक वीडियो से. उनसे बातकी लल्लनटॉप के एडिटर सौरभ द्विवेदी ने.तो देख लीजिये इंटरव्यूhttps://www.youtube.com/watch?v=tT6hieqwu34