टेक्नोलॉजी के जमाने में हमारे इमोशंस भी हाईटेक हो गये हैं. अगर आपके पासस्मार्टफोन है तो इमोजी या स्माइली का मतलब खूब समझते होंगे. मूड के हिसाब सेअलग-अलग इमोजी का इस्तेमाल होता है. वॉट्सएप, मेल, फेसबुक चैट हर जगह इमोजी नेकब्जा जमा रखा है. चैट में कभी-कभी सिर्फ इमोजी ही भेज देते हैं और सामने वाला समझजाता है कि दोस्तों का मूड कैसा है. डिजिटल गप्पों, खासकर वॉट्सएप पर इसका उपयोगजमकर होता है.पिछले 4-5 सालों से इमोजी का खूब इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन 2015 में ये कुछ ज्यादाही फेमस हो गया. जिसके बाद 2015 में ही ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने इसे वर्ड ऑफ द ईयरचुना. और इमोजी हो गया डिक्शनरी में शामिल. डिक्शनरी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि2015 में लोगों ने सबसे ज्यादा हंसते-हंसते रोने वाली इमोजी का यूज किया गया था.'face with tears of joy' emojiलेकिन वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने दुनिया की सबसे पुरानी इमोजी ढूंढनिकाली है. 1635 में इसका इस्तेमाल स्लोवाकिया के म्यूनिसिपल अकाउंट के दस्तावेजमें किया गया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि स्लोवाकिया के स्ट्रजोव माउंटेन के पासएक गांव में एक वकील ने डॉक्यूमेंट्स का रिव्यू करते हुए अपने सिग्नेचर के साथ गोलाबनाकर बीच में 2 डॉट देकर एक छोटी लाइन खींच दी है. जिसका आजकल हम यूज मुस्कराने केलिए करते हैं. इस हिसाब से इमोजी लगभग 400 साल पुरानी होगी.स्लोवाकिया के नेशनल आर्काइव के प्रमुख पीटर ब्रिंजा कहते हैं कि मैं नहीं जानता कियह स्लोवाकिया की सबसी पुरानी इमोजी है या नहीं. लेकिन यह स्लोवाकिया के ट्रेंचीनशहर की सबसे पुरानी इमोजी है.इमोजी का चलन आया यहां सेइमोजी जापानी शब्द है. 1990 में जापान की डोकोमो-आई-मोड मोबाइल सर्विस प्रोवाइडरकंपनी ने टेक्स्ट मैसेज में इमोजी यूज करने की सुविधा दी थी. जापानी टेलीकॉम कंपनीडोकोमो के कर्मचारी शिगेताका कुरीता ने इमोजी को बनाया था. दिलचस्प बात ये है किशिगेताका कुरीता न तो डिजाइनर थे और न कंप्यूटर इंजीनियर. उन्होंने अर्थशास्त्र कीपढ़ाई की थी. जापान की डिक्शनरी में इमोजी को 1997 में ही शामिल कर लिया गया था.लेकिन ये पहली बार हुआ कि ऑक्सफोर्ड ने शब्द के अलावा पिक्टोग्राफ यानी चित्र कोअपनी डिक्शनरी में जगह दी है.आज के समय में इमोजी हमारी लाइफ का जरूरी हिस्सा सा बन गया है. हमें अपनी फीलिंगबताने के लिए लंबा-चौड़ा लिखने की जरूरत नहीं पड़ती है. अगर आप पार्टी कर रहे हैंतो बियर ग्लास की फोटो भेज देते हैं. किसी की बात से सहमत होते है तो 'थम्ब' काइस्तेमाल करते हैं. कहीं जा रहे हैं तो फ्लाइट या कार वाली इमोजी भेज देते हैं.खुशी, दुख, क्रोध, प्यार जताने से लेकर हर एक एक्शन के लिए इमोजी भरी पड़ी है.लेकिन इसके साथ-साथ इमोजी हमारी भाषा में कुछ ऐसे बदलाव भी ला रही हैं जिनके बारेमें हम सोच ही नहीं पा रहे हैं.इमोजी आपको धोखा दे सकती हैं. सामने वाला शायद बहुत दुखी हो लेकिन उसने हंसते हुईस्माइली भेज दी तो हम समझते हैं कि वो खुश है. लेकिन ऐसा होता नहीं है. अगर हम फोनया मैसेज के जरिये बात करें तो आवाज और शब्द से हम समझ जाते हैं लेकिन इमोजी सेनहीं है. इमोजी भले ही नये जमाने की नई भाषा बन गई है लेकिन इसके चक्कर में हम शायदरियल फीलिंग से दूर होते जा रहे हैं.ये शायद इमोजी का नहीं, इस पूरे डिजिटल युग का श्राप है कि हम टाइप किए शब्दों मेंभावनाएं खोजने को मजबूर हैं. शब्दों से आवाज नहीं आती, इमोजी के जरिए आप किसी को छूनहीं सकते. किसी पर ज्यादा प्यार आ जाए तो एक के बजाय 5 दिल बनाकर भेज सकते हैं.लेकिन अगले को समझा नहीं सकते कि उसका होना हमारे लिए कितना अनमोल है. हम अपने साथीकी हर मिनट की खबर रख सकते हैं, मगर फिर भी उसके करीब नहीं रह सकते. इंसान की आवाजऔर स्पर्श का कोई रिप्लेसमेंट नहीं होता.लेकिन इमोजी का महत्व कम नहीं होता. जहां टीचर पहले कॉपी में बच्चों को स्टार दियाकरते थे, अब इमोजी देते हैं. इमोजी के चलते ऑफिस के बोरिंग और फॉर्मल ईमेल में भीजान आ जाती है. इमोजी बनाते रहें. :-)Also Read:उरई ग्राउंड रिपोर्ट: जहां मुसलमान अपना धर्म बदलकर हिंदू हो गएऑस्कर-2017 की फिल्मेंः 'ला ला लैंड' - सबसे ज्यादा 14 नॉमिनेशन पाने वाली मूवीअजय देवगन की फिल्मों के 36 गाने जो ट्रक और टैंपो वाले बरसों से सुन रहे हैंऑस्कर 2017 की फिल्में: 'लविंग' - दो लोगों ने अवैध प्यार किया, लॉ बदलना पड़ा!सनी देओल के 40 चीर देने और उठा-उठा के पटकने वाले डायलॉग!जब-जब कोई इंडियन फिल्म बैन होगी, एक पूर्व चीफ जस्टिस की ये टिप्पणी पढ़ लेना!ऑस्कर-2017 की फिल्मेंः 'मूनलाइट' - कठोर और जमा देने वाली!जिसे हमने एडल्ट कचरा समझा वो फिल्म कल्ट क्लासिक थीखुशवंत सिंह के मैड किस्सेः धर्मेंद्र को पुलिस से बचाया, नरगिस उनके बिस्तर मेंसोई!