किस्मत में था, किसी और के प्यार की वजह से बन गईं एलिजाबेथ ब्रिटेन की महारानी
नेटफ्लिक्स की नई सीरीज 'द क्राउन' में दिखाई जाएगी एलिजाबेथ की कहानी.
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फोटो - thelallantop
1947 का साल था. दुनिया बदल गई थी. ब्रिटिश राज का सूरज अस्त हुआ था. क्राउन ज्वेल हिंदुस्तान अब अपने पैरों पर खड़ा हो रहा था. अमेरिका तय कर रहा था कि कौन सा देश किससे बात करेगा. एक शर्माये हुए छोटे भाई की तरह ब्रिटेन हर बात में हां कह देता था. हिज मजेस्टी इस चीज को झेलने के लिए ज्यादा दिन तक धरती पर नहीं रुके. 4-5 साल के अंदर उन्होंने दुनिया छोड़ दी.
25 साल की लड़की को नेटफ्लिक्स ने नोटिस किया जब वो 90 की हो गई!
25 साल की लड़की एलिजाबेथ बनी महारानी. ब्रिटेन ही नहीं, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा समेत सारे कॉमनवेल्थ मुल्कों की. भारत ने तो पहले ही मना कर दिया था ब्रिटेन के राज को मानने से. महारानी को भी कोई अफसोस नहीं था. क्योंकि खुद महारानी की जिंदगी बदल गई थी. अब वो एक बेखौफ लड़की नहीं रही थीं, जो कहीं चली जाती, घूम लेती. किसी को भर नजर देख सकती. अब उन पर दबाव आ गया था. एक खास तरीके से रहने का. बोलने का. उठने-बैठने का.
धीरे-धीरे दुनिया आपस में मशगूल होती गई. राजे-महाराजाओं की तस्वीर धुंधली पड़ती गई. किताबों का हिस्सा बन गए. यदा-कदा लोग इतिहास में झांक लेते जब लोकतंत्र के चर्चों से उब जाते. पर महारानी बनी रहीं. और दुनिया को अहसास कराती रहीं कि एक परंपरा अभी बाकी है. सम्मान की परंपरा. अब पता नहीं कि सही है या गलत. पर वो एक ऐसे युग का प्रतिनिधित्व कर रही थीं जो लोगों की नजरों से बाहर हो गया था.
महारानी को लोगों ने देखा. हर जगह उनकी उपस्थिति महसूस की गई. पर नहीं देखा तो उनका मन, उनका जीवन. कि कैसे एक 25 साल की लड़की महारानी में तब्दील हो गई. कैसे एक परंपरा को ढोना पड़ा. लोग भूल गए कि उस लड़की के मन में भी स्ट्रगल हुआ होगा. अपने आप को लेकर. लोगों को लेकर. षड़यंत्रों को लेकर. अपने भविष्य को लेकर. धीरे-धीरे महारानी को याद किया जाता रहा उनके जन्मदिन पर. अचानक 80 की हो गईं, 90 की हो गईं. बीच में लोग बस राजकुमार-राजकुमारियों के बारे में ही पता करते रहते.

पर नेटफ्लिक्स ने अब जा के इस चीज को महसूस किया है. नई सीरीज लांच की है- The Crown. इसमें वो महारानी के जीवन के शुरूआती दौर को दिखाएंगे. पहला एपिसोड आ भी चुका है. 64 साल से महारानी हैं, इतना तो बनता ही है. 100 मिलियन डॉलर खर्च हुआ है. कपड़े, गहने, घोड़े, पेंटिंग सब उस दौर की बनाई गई हैं. एक ही डर है कि राजघराना कभी अपने बारे में सही खबरें नहीं बताता. तो कितना बताएंगे पता नहीं.
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किसी के प्यार की खातिर गद्दी मिली एलिजा को, किस्मत प्रचंड थी
1952 में हिज मैजेस्टी जॉर्ज VI की मौत हो गई थी. तो उनके बाद एलिजाबेथ को गद्दी दी गई. उसके 5 साल पहले प्रिंस फिलिप से शादी हुई थी. एलिजा की. लंबे रोमांस के बाद. 1953 में सार्वजनिक रूप से एलिजा को क्राउन मिला. पर इसके बाद शुरू हुआ मुश्किलों का दौर.खुद तो एलिजा ने अपनी मर्जी से शादी की थी. क्योंकि उस वक्त वो स्वतंत्र थीं. पर महारानी बनने के बाद अपनी छोटी बहन प्रिंसेस मार्गरेट को 1955 में अपनी मर्जी से शादी करने से रोक दिया था. क्योंकि वो एक डिवोर्स्ड आदमी से शादी कर रही थीं. ये सही था या गलत. नहीं जानते. क्योंकि ये चीज वक्त के हिसाब से तय होती हैं. बाद में प्रिंस चार्ल्स ने अपनी मर्जी से डायना से शादी की ही. एक बार मार्गरेट की ही सेक्स की तस्वीरों को लेकर स्कैंडल भी हुआ था. तो मुद्दे बहुत जटिल होते हैं. सारी बातें सबको पता नहीं चल पातीं.
एलिजा और मार्गरेट1926 में जब जॉर्ज V के दूसरे बेटे की तीसरी बेटी हुई तो यही माना गया कि उत्तराधिकार संभालने में तो ये बहुत नीचे रहेगी. मतलब कोई संयोग ही नहीं बनता था. पर संयोग बना और यही एलिजा महारानी बनीं. 1930 में छोटी बहन का जन्म हुआ था.
एलिजा की जिंदगी महारानियों वाली नहीं थी. सुख थे सारे. पर पालन-पोषण साधारण था. किसी के भी बच्चों के साथ खेलना. कोई प्रतिबंध नहीं था. अपने दादा महाराज को ग्रैंडपा इंग्लैंड कह के बुलाती थीं. पर एलिजा एक चीज अलग करती थीं. सीखने की बहुत चाह थी उनमें. राजघराने के लोगों में ये चीज नहीं थी उस वक्त. वो जो था, उसी में मशगूल रहते थे. हिस्ट्री, लिटरेचर सब पढ़ा एलिजा ने पर पढ़ाई ढ़ंग से नहीं हुई.
एलिजातभी एक वाकया हुआ. एलिजा के अंकल ने राजगद्दी छोड़ दी. किंग एडवर्ड VII ने अपने प्यार एक अमेरिकी लड़की वालिस सिंपसन के लिए गद्दी छोड़ दी. वालिस शादी-शुदा थी. और महाराज से प्यार करने के लिए तलाक दे दिया अपने पति को. तो तलाकशुदा लड़की से शादी करने के लिए महाराज को राजघराने ने मना कर दिया. महाराज ने राजघराने को मना कर दिया.
तो अब एलिजा के पिता को गद्दी मिल गई. उस वक्त वो दस साल की थीं. उनको एक सैनिक ने बताया कि तुम्हारे पप्पा अब राजा बन गये हैं. एलिजा को समझ में नहीं आया. पर इनकी मम्मी को समझ में आ गया था. उन्होंने एलिजा के लिए ट्यूशन रख दिया. घर पर ही सब चीजों की पढ़ाई होने लगी. भविष्य के लिए तैयारी होने लगी. पढ़ाई इसलिए भी नहीं हो पाई क्योंकि दूसरा विश्व-युद्ध शुरू हो गया. महारानी अपनी बेटिय़ों को सुरक्षित रखना चाहती थीं.
एलिजाबेटियों को ब्रिटिश गवर्नमेंट ने प्रोपेगैंडा का हथियार बना लिया. हर जगह कहा जाने लगा कि लड़ाई के चलते इन लड़कियों को बंकर में सोना पड़ रहा है. दिक्कतें हो रही हैं. तो इससे जनता के मन में और भावनाएं बढ़तीं. आखिर अब इनको उत्तराधिकारी नजर आ रहा था इन लड़कियों में.
उसी वक्त एलिजा मिलीं प्रिंस फिलिप से. पर एलिजा के डैड को फिलिप पसंद नहीं थे. क्योंकि उनकी नजर में फिलिप के पास कोई मैनर ही नहीं था. इसकी एक और वजह थी. फिलिप किसी तरह से जर्मनी से जुड़े थे. तो ये चीज उस वक्त पाप-कर्म मानी जाती थी. पर वो वक्त भी आया कि एलिजा और फिलिप की शादी हुई. फिर एलिजा महारानी भी बनीं. और अब उनके जीवन पर वेब सीरीज आ रही है. तो देखा जाएगा कि ये लोग कितना सच दिखा पाते हैं. क्योंकि अगर सच नहीं दिखाया तो महारानी का रोजाना का पब्लिक जीवन तो बोरिंग ही है.

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