पाकिस्तान के कब्जाए कश्मीर यानी PoK के मुजफ्फराबाद में एक तगड़ा भूकंप आया. इसमेंपाकिस्तान के खैबर पख्तून इलाके से लेकर भारत के जम्मू कश्मीर तक हिल उठे. रिएक्टरस्केल पर इसका लेवल 7.6 था. जो कि खतरनाक भूकंप के लिए बहुत ज्यादा है. आस-पास केदेशों अफगानिस्तान, तजिकिस्तान और चीन के शिनजियांग इलाके में भी इसका असर देखागया. तारीख थी 8 अक्टूबर, 2005. वक्त 8 बजकर 50 मिनट. इसके बाद काफी दिनों तक ऐसेबड़े झटके आते रहे. अगले ही दिन फिर मुजफ्फराबाद शहर में 147 झटके आए. आखिरी सबसेबड़ा झटका आया 13 अक्टूबर को दोपहर दो बजे.थोड़ा ज्यॉग्रफी के हिसाब से समझो हुआ क्या था?धरती के अंदर बहुत सी प्लेटें होती हैं. जो इधर-उधर होती रहती हैं. इसी के चलतेभूकंप आते हैं. कश्मीर, यूरेशियन और इंडियन टेक्टॉनिक प्लेट जहां जुड़ती हैं, वहांपर ये हैं. यही रीजन भी था कि कभी इस जगह हिमालय जैसी बड़ी माउंटेन रेंज बनी थी.जिसमें दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटियां हैं. तो इस भूकंप का सेंटर था PoK मेंमुजफ्फराबाद शहर, जो वहां की राजधानी भी है. वो भी जमीन के 19 किमी नीचे.राजधानी मुजफ्फाराबाद पूरी तहस-नहस हो गई थीअधिकतर नुकसान PoK और उत्तरी पाकिस्तान को ही हुआ था. सारी राजधानी तहस-नहस हो गईथी. हॉस्पिटल, स्कूल और रेस्क्यू करने वाले भी सलामत नहीं थे. चाहे वो पुलिस हो याआर्मी, कोई भी इस हालत में नहीं था कि किसी दूसरे को बचा सके. सड़कें औरकम्यूनिकेशन मीडियम को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा था. यही वजह थी कि जो हजारोंमौतें हुईं उनमें से 70 परसेंट लोग केवल मुजफ्फराबाद में ही मारे गए थे.स्कूलों के ढहने के चलते मारे गए हजारों बच्चेपाकिस्तान के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक नवंबर 2005 तक मौतों की संख्या 87 हजार 350पहुंच चुकी थी. हालांकि कहा जाता है कि कुल मौतें जो इस भूकंप में हुईं वो 1 लाख सेकम नहीं रही होंगी. करीब 1 लाख 38 हजार लोग ऑफिशियल आंकड़ों के हिसाब से घायल हुएथे. चूंकि भूकंप आने के वक्त बच्चे स्कूल जा चुके थे इसलिए बहुत से बच्चे स्कूलोंकी बिल्डिंग ढहने के चलते दबकर मर गए. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 19 हजारबच्चे मारे गए थे.इसके बाद बढ़ गई थी हिमालय की ऊंचाईकरीब 5 लाख परिवार इस भूकंप से बेघर हुए. उधर ठंड भी पड़नी शुरु हो चुकी थी जिसनेकंडीशन को और बिगाड़ दिया. बात ये भी थी कि रमजान का महीना था और कई लोग सहरी केबाद नींद ले रहे थे. भूकंप आने से बहुत से लोग घरों में ही फंसे रह गए और सारे कासारा PoK उजड़ गया. इसके बाद से 15 दिन के अंदर यानी 27 अक्टूबर 2005 तक 978 भूकंपआए. बाद में सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों से पता चला कि भूकंप के बाद वहां केपहाड़ों की ऊंचाई बढ़ गई थी. और ये भूकंप भी इसी बदलाव के चलते आया था.भारत वाले कश्मीर में भी मारे गए थे हजारों लोगभारत को भी इस भूकंप में बहुत नुकसान हुआ था. भारत में इसके चलते 1297 लोग मारे गएथे. 1178 कश्मीर में, 17 जम्मू में. 102 आर्मी और पैरा मिलट्री के जवान भी इस भूकंपमें मारे गए थे. इंडिया के ऑफिशियल आंकड़ों के हिसाब से 6266 लोग घायल हुएथे. 32,723 बिल्डिंगें इंडिया में डैमेज हुईं थीं. दरअसल भारत पर 13 तारीख वालेभूकंप का जोरदार असर हुआ था. जिसके बाद होम मिनिस्ट्री तुरंत एक्टिव हुई औररेस्क्यू शुरू किया गया. पर पाकिस्तान के कब्जे वाले लोगों की हालत बहुत खराब थी.इस पूरे मामले में 40 लाख लोग बेघर हो चुके थे.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें -प्रोतिमा बेदी की न्यूड पिक्चर का वो झूठ, जो आपको हर साल हर मीडिया बताता हैजटायु एंटी-टेरर कमांडो, तो हनुमान पहले मानव-ड्रोन! राइट ब्रो?मोहम्मद कैफ़: जिसकी बैटिंग के नहीं, फील्डिंग में बचाए रन गिने जाते थेकटरीना कैफ़ का फेसबुक एंजल प्रिया ने हैक कर लियाहींग की चोरी ने पैदा की औरत!