बिना सैलरी डिजिटल मजदूर! फेसबुक-इंस्टा की फैक्ट्री में रोज डाटा बनाते हैं आप, एल्गोरिदम बना नया ठेकेदार
पूरी दुनिया ही एक फैक्ट्री है और आपका स्मार्टफोन आपका हाजिरी कार्ड. आप रील स्क्रॉल कर रहे हैं, किसी पोस्ट पर कमेंट कर रहे हैं या बस अपना लोकेशन ऑन रखकर सड़क पर चल रहे हैं तो आप असल में किसी कंपनी के लिए 'वैल्यू' जेनरेट कर रहे हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि इस काम के बदले आपको सैलरी नहीं मिलती.
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एल्गोरिदम बना ठेकेदार, यूजर बना मजदूर! सोशल मीडिया की असली सच्चाई
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