फरवरी में आई 'अलीगढ़' की तारीफ़ सबने की. और क्यों न करते, इस तरह की फिल्मेंइंडिया में बनाने के लिए जिगरा चाहिए. लेकिन ये जिगरा इसके पहले भी दिखाया गया है.ये और बात है कि कई फिल्मों को 'आपत्तिजनक' होने के कारण रिलीज नहीं किया गया.1995 में यानी आज से 21 साल पहले 'गे' सब्जेक्ट वाली एक हिंदी फिल्म बन रही थी.इसका नाम था अधूरा. नाम की तरह फिल्म भी अधूरी रह गई. इसके कलाकारों में एक आजवर्ल्ड लेवल का एक्टर बन गया है. उसका नाम है इरफान.'अधूरा' की कहानी क्या थी?एक 'गे' कपल. एक बहुत बड़ा बिज़नेसमैन. एक अख़बार का एडिटर. बिजनेसमैन को अखबार केएडिटर से प्यार हो जाता है. फिर जर्नलिस्ट एक लड़की से शादी कर लेता है. मगरबिजनेसमैन अब तक उस टूटे रिलेशन की याद में अटका हुआ है.अब उठाते हैं किरदारों की शक्ल से पर्दा. बिजनेसमैन बने थे फिल्म के डायरेक्टर आशीषबलराम नागपाल. वह उस समय टीवी की दुनिया का नामी चेहरा हुआ करते थे. एडिटर का रोलएक नए लड़के को मिला था. इरफान खान नाम था उसका. एनएसडी दिल्ली से थिएटर पढ़कर आयाथा. उसकी बीवी का रोल किया था मशहूर टीवी एक्ट्रेस किट्टू गिडवानी ने.credit: spotboyeफिल्म 'अधूरा' 1995 में बन कर तैयार हो गई. इसकी लागत आई सिर्फ 10 हजार रुपये. मगरफिर भी इस 90 मिनट की फिल्म को रिलीज नसीब नहीं हुई.सेंसर बन गया संस्कारी विलेनहमेशा की तरह. इस फिल्म को उस वक़्त के सेंसर बोर्ड ने रिलीज़ नहीं होने दिया. वजह?वही. फिल्म में 'आपत्तिजनक' सीन थे. और गे रिलेशनशिप को स्क्रीन पर दिखाना सेंसरबोर्ड देश की सेहत के लिए अच्छा नहीं मानता.