The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Lallankhas
  • CRPF commando B Ramdas rejoins his duty after losing his legs in an IED blast

हमले में दोनों पैर खो दिए थे कोबरा जवान ने, अब जैसे सामने आया है आप यकीन नहीं करेंगे

इस जवान की इस वक्त की फोटो देखकर आप खड़े होकर सलाम करेंगे.

Advertisement
pic
6 जून 2018 (अपडेटेड: 6 जून 2018, 04:19 AM IST)
Img The Lallantop
अपनी पत्नी के साथ CRPF कमांडो रामदास. ब्लास्ट में जूतों के परखच्चे उड़ गए थे.
Quick AI Highlights
Click here to view more

आतंकवादियों की नौ गोलियां खाने के बाद दोबारा ड्यूटी जॉइन करने वाले CRPF कमांडेंट चेतन चीता खूब चर्चा में रहे हैं. ऐसी ही कहानी है CRPF की कोबरा बटालियन के बी. रामदास की, जिन्होंने एक ब्लास्ट में दोनों पैर खोने के बावजूद फिर से ड्यूटी जॉइन कर ली है.

आखिर कैसे हुआ ये सब?

CRPF की 208 बटालियन के डिप्टी कमांडेंट एम. प्रदीप ने हमें बताया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में CRPF की 208 कोबरा बटालियन तैनात है. बी. रामदास CRPF की कोबरा फोर्स में कॉन्स्टेबल हैं.


बी. रामदास (दाएं से दूसरे).
बी. रामदास (दाएं से दूसरे).

29 नवंबर 2017 को 24 कमांडोज की एक टीम सहायक कमांडेंट ए.के. श्रीवास्तव की अगुवाई में पडोली जंगल में पेट्रोलिंग कर रही थी. यह जंगल नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आता है. इस टीम में कॉन्स्टेबल बी. रामदास नेविगेटर थे. दोपहर के करीब 1.30 बजे कंसाराम गांव के पास जंगल में एक आइईडी ब्लास्ट हुआ. यह नक्सलियों ने प्लांट किया था.  इस ब्लास्ट में रामदास बुरी तरह घायल हो गए.


आईडी ब्लास्ट में बुरी तरह जख्मी हुए थे रामदास.
आइईडी ब्लास्ट में बुरी तरह जख्मी हुए थे रामदास.

उन्हें पास के किस्तराम पोस्ट ले जाया गया. रामदास की दोनों टांगें और बायां हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया था. इस पोस्ट में उन्हें फर्स्ट ऐड देकर हेलिकॉप्टर से रायपुर भेजा गया. रायपुर के नारायणा अस्पताल में रामदास को भर्ती करवाया गया. रात को उनका ऑपरेशन हुआ. उनकी जान बचाने के लिए उनके दोनों पैर घुटने के ऊपर से काटने पड़े. लेकिन किस्मत से उनका ज़ख्मी हाथ बच गया.


अस्पताल में भर्ती रामदास के साथ इनकी फोर्स के साथी.
अस्पताल में भर्ती रामदास के साथ इनकी फोर्स के साथी.

दोनों पैर गंवाकर भी रामदास ने हौसला नहीं खोया. उनकी बटालियन के साथियों ने उनका बहुत हौसला बढ़ाया, जिससे वो साइकोलॉजिकली जल्दी रिकवर हुए. फिजिकल रिकवरी होने पर रामदास ने वापस ड्यूटी जॉइन करने की इच्छा जताई.


पैर खोने के बावजूद हौसला नहीं खोया.
पैर खोने के बावजूद हौसला नहीं खोया.

फोर्स जॉइन करने के लिए उन्हें कृत्रिम पैर लगाए गए. कृत्रिम पैर लगने के बाद 27 मई, 2018 को रामदास ने अपनी यूनिट जॉइन कर ली. यूनिट जॉइन करने पर उनके साथियों ने उनका स्वागत किया.


यूनिट में वापस आने पर रामदास का सबने स्वागत किया.
यूनिट में वापस आने पर रामदास का सबने स्वागत किया.

फिलहाल रामदास को मेडिकल लीव पर भेज दिया गया है. पूरी तरह फिट होने के बाद उन्हें क्षमता के मुताबिक काम दिया जाएगा.


रामदास की पत्नी उनकी यूनिफॉर्म पहनकर उनके सामने आती थी, जिससे उनका हौसला बढ़ा सकें. सोशल मीडिया पर रामदास और उनकी पत्नी का यह फोटो वायरल हो रहा है. इस फोटो में रामदास की पत्नी ने उनकी यूनिफॉर्म पहन रखी है. वो रामदास के पास खड़ी हैं. इस फोटो पर लोग रामदास और उनकी पत्नी के जज्बे की तारीफ कर रहे हैं.



ये भी पढ़ें-

कश्मीर में पत्थरबाजों को CRPF की गाड़ी से कुचलने की वो हकीकत जो आपको कोई नहीं बताएगा

पड़ताल: क्या पत्थरबाजी से श्रीनगर में CRPF का ट्रक पलट गया?

सात गोलियां खाने वाले इस जवान को चार साल बाद सही इलाज मिल ही गया

जब 65 की लड़ाई में CRPF के जवानों ने पाकिस्तान की एक पूरी ब्रिगेड को खदेड़ दिया था

सात गोलियां खाने के बाद ये CRPF जवान पॉलीथिन में आंते लपेटकर घूमने को मजबूर है

वीडियो-क्या BSF में खराब खाने की शिकायत करने वाला सिपाही मार दिया गया है?

Advertisement

Advertisement

()