मोदी सरकार की नोटबंदी को साल भर से ज़्यादा हो गया. बड़े नोट बंद करने का दावाकरते-करते और बड़ा नोट ले आए मोदी जी. हज़ार का गायब हो गया और दो हज़ार का आ गया.उसके बाद जो कुछ महीनों तक नोटों की किल्लत रही उसे तो खैर अक्खा इंडिया जानता है.पुराने नोट बंद हो गए थे और नए छपे नहीं थे. मोदी जी के बताए 50 दिनों से कई ज़्यादादिनों तक बवाल मचा रहा. ऐसे में किसी उत्सुक शख्स ने आरटीआई डालकर पूछा कि भैया येनोट छापने में क्या खर्चा आता है. जो जवाब मिला वो बताते हैं आपको.रिज़र्व बैंक अपने नोट सब्सिडियरी के माध्यम से छापता है. सब्सिडियरी का नाम हैभारतीय रिज़र्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL). RTI के जवाब में बंदेको डिटेल्ड जवाब मिला. इस जवाब के मुताबिक़ दो हज़ार रुपयों के हज़ार पीस का पैकेट RBIको 3,540 रुपए का पड़ता है. यानी 3 रुपए 54 पैसे का एक नोट. मने सीधी भाषा में लगभगसाढ़े तीन रुपए खर्च होते हैं. ज़ाहिर है इसमें चिप का खर्चा शामिल नहीं है.500 का नया नोट.500 के नए नोट के हज़ार पीस का पैकेट छापने में 3,090 रुपए का खर्चा आता है. मने एकनोट तीन रुपए नौ पैसे का पड़ता है. चिप इसमें भी नहीं है.इसके अलावा बाकी नोटों के खर्च का ब्यौरा भी मिला था. RBI से हासिल डेटा के मुताबिक़अलग-अलग नोट छापने में कुछ यूं खर्च आता है: पांच रुपए का नोट: 48 पैसे 10 रुपए कानोट: 96 पैसे 20 रुपए का नोट: एक रुपया पचास पैसे 50 रुपए का नोट: एक रुपया 81 पैसे100 रुपए का नोट: एक रुपया 79 पैसे पांच का नोट जो लगभग आठ आने में छपता है.इसके अलावा 500 और 1000 के पुराने नोटों की छपाई में कितना खर्च आता था ये भी जानलीजिए. बंद हो चुका 500 का नोट 2 रुपए 50 पैसे में छपता था. वहीं हज़ार के में 3रुपए 17 पैसे की लागत आती थी.हालांकि ये आंकड़े करीब सालभर पुराने हैं लेकिन कुछ ज़्यादा बढ़ोतरी खर्चे में होने कीसंभावना कम है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:क्विज: आईपीएल में डिविलियर्स सबसे पहले किस टीम से खेले थे?बिहार के लोगों ने 1500 वाले जियो फोन में व्हॉट्सऐप चला लिया हैएक अरब से ज़्यादा लोगों के कंप्यूटर पर दिखने वाली ये फोटो आई कहां से है?वीडियो: फ़ेक फेसबुक आईडी बनाएं तो ये गलतियां न करें