The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Lallankhas
  • common man reacts on shankaracharya swaroopanand saraswati anti women speeches

कानून संविधान छोड़ो, बाबाओं को सौंपो देश

बाबा जी बोले कि शनि की कुदृष्टि पड़ी तो और बढ़ेंगे रेप. और महाराष्ट्र में सूखा पड़ा साईं की पूजा की वजह से. बस वहीं से राह दिखी. हर प्रॉब्लम का सोल्यूशन दिखा.

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
आशुतोष चचा
12 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 12 अप्रैल 2016, 12:33 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
नहीं सरकार. हम पागल नहीं हुए हैं. पूरे होशो हवास में डिमांड कर रहे हैं. हम पक गए हैं रोज रोज के झंझटों से. देश में इतनी समस्या है. देख देख कलेजा कांप जाता है. आंखें भर आती हैं. लेकिन सरकारें, संविधान, कानून सब खड़े निहार रहे हैं. किसी के पास कोई इलाज नहीं है. हर तरफ बेकारी, अशिक्षा, भुखमरी, सूखा, क्राइम भरा पड़ा है. किसानों से लेकर हिरोइनों तक सुसाइड कर रहे हैं. कहीं गाय के नाम पर किसी को मार दिया जाता है. कहीं चोरी के आरोप में पकड़ कर भीड़ नंगा करके मारती है. माफ कीजिए हुजूर. लेकिन आम आदमी का भरोसा कानून पर कम होता जा रहा है. वी आर रियली वेरी सॉरी सर. कोई ये संकट नहीं काट पा रहा तो हम क्या करें. कब तक भगवान और सरकार को कोसते रहें. थैंक गॉड. एक बाबा जी ने अभी हमारी आंखें खोली हैं. दुनिया टकटकी लगाए उनके अगले बोल बचन की प्रतीक्षा कर रही है. जब उन्होंने कहा कि "संविधान बाद में आया, धर्म पहले." आधी गुत्थी तो यहीं सुलझ गई साहब. ये कन्फर्म हो गया कि संविधान पुत्तर है और धर्म बाप. संविधान से ठेंगा कुछ नहीं उखड़ने वाला है. अब सब प्रॉब्लम्स का सोल्यूशन धर्म देगा. कोर्ट नहीं, कानून नहीं, सरकार नहीं, संविधान नहीं.
वो ये भी बोले कि "शनि की दृष्टि महिलाओं पर पड़ेगी तो रेप की घटनाएं और बढेंगी" बाबाजी आप महान हो. हम देस बिदेस में जो रेप हो रहे हैं उनके पीछे कुछ कायदे की वजहें खोज रहे थे. कोई पंचायत कहती थी कि रेप के पीछे लड़कियों की जीन्स और मोबाइल का कुसूर होता है. कोई कहिस कि पोर्न फिल्मों की बाढ़ इसके लिए जिम्मेदार है. हम उनसे अग्री करते करते रह गए. कि इधर आपने ये खुलासा किया खुफिया वाला. हमको असली वजह मिल गई. थैंक्यू बाबा.
एक और बात कही बाबा ने बड़े पते की. साईं पूजा की वजह से पड़ रहा है महाराष्ट्र में सूखा. अहा. दिव्य ज्ञान. मन प्रफुल्लित फील कर रहा है. बहुत बड़ी सूखा मिस्ट्री सॉल्व हो गई. लेकिन एक संशय है. जब साईं की पूजा नहीं होती रही होगी तब भी तो सूखे पड़ते थे. आजकल के सूखों से कई गुना बदतर. सॉरी बाबा. मैं अपना क्वेस्चन वापस लेता हूं.
तो अब ये तय रहा कि रेप के पीछे शनि की दृष्टि है. सूखे के पीछे साईं की पूजा है. तो जाहिर है सरकार और संविधान इन चीजों को हैंडल नहीं कर सकते. अरे भैया रेप के लिए शनि को सजा दोगे अदालत में बुला कर? उनकी खोपड़ी पर ऑर्डर ऑर्डर करोगे. मुझे तो डर लगता है भाई. वहां भी दृष्टि टेढ़ी हुई तो हो गया राम नाम सत्त. और सूखा. उसके बारे में आपसे पहले भी एक मंत्री जी ने कहा है. कि भगवान ने चाहा तो बारिश हुई. नहीं चाहा तो सूखा पड़ा. प्रॉब्लम सॉल्व हो गई. ये सब ट्रेन वेन से पानी भेजना बंद किया जाए और भगवान को याद किया जाए.
सरकार और संविधान की नाकामियों को देखते हुए हर आम आदमी डिमांड करता है. कि संविधान, सरकार और कानून को लंबी छुट्टी पर भेज दिया जाए. देश सौंप दे दूरदर्शी बाबाओं के कंधों पर. वो जहां चाहें ढो के ले जाएं. अब हमारी आस उन्हीं से है. प्रॉब्लम्स की जड़ क्या है वो बता ही चुके हैं. समाज में जो लूपहोल्स हैं वो उनकी पकड़ में आ गए हैं. दर्द तो पता लग गया है. अब दवा भी बताएंगे. हम सब हाथ जोड़ कर रिक्वेस्ट करते हैं सरकार. हमें बाबाओं के भरोसे छोड़ दो. हर समस्या चुटकी में सुलझ जाएगी. शनि शांत हो जाएंगे. बारहों मास बारिश होगी. रेप, मर्डर, अशिक्षा, भुखमरी, बेकारी सब पिछली कोठरी में मुंह देकर रोएंगे.

Advertisement

Advertisement

()