टैक्स का वो 'भूत' जो GST के बाद भी आपके पॉकेट को डरा रहा है
Central Excise Day: 24 फरवरी 1944 को 'सेंट्रल एक्साइज एंड सॉल्ट एक्ट' बनाया गया था. मकसद था देश के भीतर बनने वाली चीजों पर टैक्स वसूलना. साल्ट यानी नमक का नाम सुनकर गांधी जी की दांडी यात्रा याद आ गई होगी. लेकिन वो हुई थी 1930 में, हां मगर उस ‘नमक कानून’ ने ही आगे चलकर ‘सेंट्रल ड्यूटी’ का रूप लिया.
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सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी का गणित बड़ा पेचीदा है
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वीडियो: खर्चा-पानीः 1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स ऐक्ट लागू होने के बाद क्या-क्या बदल जाएगा?

