ट्रंप की जीत की खबर से अमेरिका छोड़ने का मचा भभ्भड़
लोग चले कनाडा और न्यूज़ीलैंड.

हमारे यहां चुनावों में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान भेजने-भिजाने के चुटकुले बनते हैं. कुछ लोगों ने ये भी कहा था कि अगर मोदी जीत गए तो हम देश छोड़ देंगे. अब अमेरिका वालों ने ये प्रेरणा चाहे हमारे यहां से ली हो या आत्मप्रेरणा हो, बहुत सारे अमेरिकी चुनाव परिणाम आने से पहले ही पड़ोसी मुल्क कनाडा की ओर जाने की सोच रहे हैं.
डोनल्ड ट्रंप जीत गए हैं. ट्रंप के विरोधियों में हार का गम है या सही में कोई डर है देश से बाहर जाने की इच्छा रखने वाले लोग इतने हैं कि कनाडा की सरकारी बेवसाइट ‘सिटिजनशिप और इमिग्रेशन कनाडा’ बैठ गई है. और ये वेबसाइट ट्रंप की जीत की फाइनल खबर आने से पहले ही बैठ गई. कनाडा की इस वेबसाइट पर कनाडा में रहने और कनाडा की नागरिकता के लिए आवेदन करने संबंधी जानकारी रहती है. लेकिन अमेरिकी चुनावों के रुझान आते ही यह वेबसाइट चलनी बंद हो गई.
फरवरी में कनाडा के केप ब्रेंटन द्वीप ने घोषणा की थी कि अगर अमेरिका में ट्रंप जीते तो आप यहां शरण ले सकते हैं. कनाडा की नागरिकता मिलनी मुश्किल है लेकिन यूरोपियन देशों की नागरिकता लेने जैसा मुश्किल नहीं है. बड़ी मधुर भाषा में कनाडा के आधिकारिक खाते से आज एक ट्वीट भी हुआ है, जिसमें लिखा गया है – कनाडा में प्रवासियों को अपने साथ अपनी संस्कृति और परंपराएं लाने और उनको साथी देशवासियों के साथ बांटने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.
ट्रंप की जीत से खिन्न लोगों के लिए दूसरा विकल्प बना है न्यूज़ीलैंड. किवी नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले अमेरिकी लोगों की संख्या में पिछले एक महीने में 80 फीसदी इजाफा हो गया है और ये वो लोग हैं जो ट्रंप के व्हाइट हाउस जाने से पहले-पहले अमेरिका छोड़ देना चाहते हैं.
इसी तरह का भभ्भड़ ब्रिटेन के यूरोपियन यूनियन से बाहर होने के बाद मचा था. तब कुछ लोगों ने यूरोपियन नागरिकता बरकरार रखने के लिए ब्रिटेन से बाहर यूरोप के देशों में बसने का विचार किया था. आमतौर पर यह भभ्भड़ कुछ ही दिन रहता है और फिर सब कुछ पुराने ढर्रे पर आ जाता है.
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