हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री हाथ धोकर नहीं, पूरा नहा-धोकर क्लासिक फ़िल्मों के पीछेपड़ी रहती है. हालांकि विद्या बालन ने श्रीदेवी की फ़िल्म 'सदमा' के रीमेक में उनकाकैरेक्टर प्ले करने से मना कर दिया है. बालू महेंद्र 'सदमा' के निर्देशक थे. 'सदमा'उन्हीं की तमिल फ़िल्म 'मूनद्रम पिरई' की रीमेक थी. इस बात से पता चलता है किविद्या लीक से हटकर चलने वाली एक्ट्रेस हैं. विद्या इस बात पर जो़र देती हैं किक्लासिक फ़िल्मों को अकेला छोड़ देना चाहिए. उन्होंने, 'मुझे सदमा फ़िल्म के रीमेकमें श्रीदेवी का रोल ऑफ़र किया गया था. लेकिन मैंने इसे करने से मना कर दिया. मुझेलगता है कि सदमा जैसी फ़िल्म को छेड़ा जाना नहीं चाहिए. ये एक क्लासिक फ़िल्म है.हो सकता है कि कोई इस रोल को अच्छे से निभा भी ले, लेकिन ये रोल मैं नहीं कर सकती.हो सकता है विद्या ये न चाह रही हों कि उन्हें श्रीदेवी से कंपेयर किया जाए.क्योंकि श्रीदेवी ने 'सदमा' में जो एक्टिंग की थी, उसे आज भी याद किया जाता है. बातये भी है कि क्लासिक फ़िल्मों के जितने भी रीमेक बनते हैं वो अप टू द मार्क नहींहोते.सदमा फ़िल्म में श्रीदेवी ने ऐसी लड़की का रोल किया था, जिसका दिमाग ब्रेन इंजरी केकारण, छह साल की बच्ची जितना हो गया था.कुछ ऐसे रीमेक भी बने हैं, जिन्हें रीमेक से ज़्यादा मीम्स की दुकान कहेंगे तो सटीकबैठेगा. राम गोपाल वर्मा को रमेश सिप्पी की 'शोले' के साथ छेड़-छाड़ करने में ज़राभी हिचक महसूस नहीं हुई. राम गोपाल वर्मा की आग सबसे खराब रीमेक है. अमिताभ बच्चनने गब्बर का रोल करके, अपने डायलॉग्स के साथ सबको सदमे में डाल दिया था. अब'हिम्मतवाला' फ़िल्म की बात करें. ओरिजनल फ़िल्म में जीतेंद्र और श्रीदेवी थे.फ़िल्म में तड़कते-भड़कते गाने थे लेकिन स्टोरीलाइन क्लीयर नहीं थी. फिर भी फ़िल्महिट थी. साजिद खान ने अजय देवगन और तमन्ना को लेकर इसका रीमेक बनाया, जिसमें वोफ़ेल हो गए. वैसे हर रीमेक इतनी बुरी तरह नहीं पिटी. संजय लीला भंसाली की 'देवदास'को काफ़ी पसंद किया गया था. ये फ़िल्म दिलीप कुमार की 'देवदास' की रीमेक थी. लेकिनये हर किसी के बस की बात नहीं. रोहित शेट्टी की फ़िल्म 'बोल बच्चन', अमोल पालेकर कीफ़िल्म 'गोलमाल' को ट्रिब्यूट की गई थी. 'बोल बच्चन' का इस क्लासिक फ़िल्म से कोईलेना देना नहीं लगा. अजय देवगन ने बुरी एक्टिंग की थी. अभिषेक बच्चन का किरदार तोलगा कि जल्दबाज़ी में लिखा गया है. वैसे इस फ़िल्म ने बहुत कमाई की थी. भगवान जानेये चमत्कार कैसे हुआ.फ़िल्म 'शोले' के एक सीन में जय और वीरू.उमराव जान में रेखा ने जिस तरह की एक्टिंग की थी, आज कोई वो रोल करने बैठे तो शायदही उस लेवल को छू पाए. ऐश्वर्या राय ने कोशिश की, लेकिन वो रेखा को मैच नहीं करपाईं. चंद्र बरोट की 'डॉन' में अमिताभ बच्चन थे. शाहरुख खान को लेकर इसका रीमेकबनाया फ़रहान अख्तर ने. अग्निपथ और ये दोनों डॉन फ़िल्में, सबूत हैं इस बात का किमॉर्डन टाइम का ध्यान रखते हुए रीमेक बनाया जाए, तो वो त्रासदी नहीं बनेगी. ऋषिकपूर और टीना मुनीम की फ़िल्म कर्ज़ का रीमेक बना- कर्ज़ (Karzzzz...) जिसमें हिमेशरेशमिया जैसे एक्टर थे. नई 'ज़ंजीर', जिसमें राम चरण थे. ये दोनों फ़िल्में हमारीसबसे बुरी यादों में से एक हैं.आने वाले टाइम में राजेश खन्ना और तनुजा स्टारर 'हाथी मेरे साथी' का भी मॉर्डनतड़के के साथ रीमेक बन रहा है. साथ ही राजेश खन्ना की एक और क्लासिक फ़िल्म'इत्तेफ़ाक' के रीमेक का ट्रेलर आ चुका है, जिसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा और सोनाक्षीसिन्हा हैं.--------------------------------------------------------------------------------ये स्टोरी 'DailyO' के लिए विश्वदीप घोष ने लिखी है.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो देखें:--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:स्पेस मूवी ‘चंदा मामा दूर के’ की ये 10 बातें आप ज़रूर जानना चाहेंगेराज कुमार के 42 डायलॉगः जिन्हें सुनकर विरोधी बेइज्ज़ती से मर जाते थे!फ्रंटल न्यूडिटी देने वाली वो बहादुर भारतीय अभिनेत्रीकेजरीवाल पर पांच साल से बन रही फिल्म अब रिलीज होगीअनुराग कश्यप की बेहद एक्साइटिंग फिल्म ‘मुक्काबाज़’ का फर्स्ट लुक!अनुष्का शर्मा की फिल्म ‘परी’ की 5 बातें जो आपको जाननी चाहिए!प्यार के देवता यश चोपड़ा ने क्यों कहा था: ‘जो लव नहीं करते वो मर जाएं!’Cannes की 8 धाकड़ फिल्में, जो ऐश्वर्या-सोनम के गाउन की खबरें भुला देंगी