सियासत के मंच जब कलाकार उतरते हैं तो और कुछ हो न हो, लोगों का मनोरंजन जरूर होजाता है. पंजाब में इन दिनों यही हो रहा है. AAP नेता भगवंत मान बादलों पर अपनी'थियेट्रिक्स' से चोट कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि इससे वोटों की बारिशहोगी.भगवंत मान ह्यूमर के आदमी हैं. 'द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज' से पहचाने गए थे.हंसाने के हुनर का इस्तेमाल वो सियासी प्रचार में खूब कर रहे हैं. रंगमंच के मंझेहुए कलाकार की तरह, समझ में आने वाली और असर करने वाली नाटकीय शैली में.इन दिनों वे अपनी रैली में कह रहे हैं:'कल की होया जलालाबाद? सुखबीर बादल गेया, लोकां ने गडियां ते रोरे मारे ने.' (कलजलालाबाद में क्या हुआ? सुखबीर बादल गए थे और लोगों ने उनकी गाड़ियों पर पत्थरमारे.)सोमवार की रात सभराह के लोगों से वोट मांगते हुए भगवंत ने ये बात कही थी. वो एक दिनपहले जलालाबाद की उस घटना का जिक्र कर रहे थे, जिसमें लोगों ने सुखबीर बादल केकाफिले पर पथराव किया था. बीते दिनों पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल परजूता उछाला गया था. इस पर भगवंत कहते हैं:'बादल साब दे जुत्ती वज्जी?' 'भगवंत मान दा हाथ होना.' (बादल साहब पर जूता बजा? वोकहेंगे इसमें भगवंत मान का हाथ है.)वैसे उनके खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत भी की गई है कि वो लोगों को सुखबीर बादल कीकार पर हमले के लिए उकसा रहे थे. आयोग इस शिकायत की जांच कर रहा है.भगवंत डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के खिलाफ चुनाव लड़ने जा रहे हैं. कविताओं और नाटकीयअंदाज के बूते उन्होंने चुनाव निकालने की अच्छी रणनीति बनाई है. पंजाब मेंएंटी-इंकम्बेंसी है. बीजेपी-अकाली का वापस आना मुश्किल लग रहा है. सर्वे बता रहेहैं कि 'आप' फाइट में है. चुनाव त्रिकोणीय हो सकता है.भगवंत मान ने प्रचार के बेहद स्थानीय और लोक संस्कृति से जुड़े रूपक चुनेहैं. उन्होंने एक लोकगीत को राजनीतिक रूप देकर उसे अपना दस्तख़त बना लिया है. वोकहते हैं, 'मैं 'किकली कलीर दी' सुनाऊंगा', तो जनता खुशी हो उठती है. ये गाना बादलसरकार की खिल्ली उड़ाता है. सुनिए..'किकली कलीर दी, गप्प सुखबीर दी चिट्टा मेरे बाई दा, सलविंदर तो मंगाइदा दस्सोंकिन्ना चाइदा, घर-घर पहुंचाइदा नहीं घबराइदा नौकरी जो मंगे, डांगा नाल कुटवाइदाचिट्टा गली-गली है...'(गप्पें सुखबीर की, कोकीन (चिट्टा) मेरे भाई की, सलविंदर (पठानकोट हमले में फंसाएसपी सलविंदर सिंह) से मंगवाते हैं बताओ कितना चाहिए, घर-घर पहुंचाएंगे घबराने कीकोई बात नहीं. अगर कोई नौकरी मांगेगा, उसे डंडों से पिटवाएंगे. गली-गली में कोकीनहै.)https://www.youtube.com/watch?v=SKgxe6EjhIMभगवंत मान ने अपनी इस काबिलियत का खूब इस्तेमाल किया है. पिछले साल 'अच्छे दिनों'पर निशाना साधते हुए उन्होंने एक कविता सुनाई थी, जो सोशल मीडिया पर काफी शेयर कीगई थी. ये भगवंत का कंफर्ट जोन है, जो उनके विरोधियों को खासा असहज करता होगा.https://www.youtube.com/watch?v=fRg9iaaixzcइस विधा के कई दिग्गज हमारे पास मौजूद हैं. सिद्धू के जुमला-प्रधान प्रचार को कौनभूल सकता है. लालू प्रसाद यादव का वो वीडियो भी लगे हाथ देख लें, जब उन्होंने पीएममोदी की मिमिक्री की थी.https://www.youtube.com/watch?v=tec5mHX4AJo&t=30s--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: नशे में टाइट होकर डाइट लेते भगवंत मान का वीडियो वायरल भगवंत मान,तुम्हें कानून बनाने के लिए भेजा गया है, तोड़ने के लिए नहीं