The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Lallankhas
  • Bauva fame RJ Raunak interacted with audience at lallantop adda

आवाज़ दो पैसे की हो और नाम एक पैसे का तो कोई पूछता नहीं: आरजे रौनक

बउवा की पैदाइश से लेकर तमाम बातें बताईं लल्लनटॉप अड्डे पर.

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
आशुतोष चचा
17 नवंबर 2016 (Updated: 17 नवंबर 2016, 11:04 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
लल्लनटॉप अड्डे पर जमे लल्लनटॉप आरजे रौनक. सारा शहर इन्हें बउवा के नाम से जानता है. शहर मतलब दिल्ली और एनसीआर. बताते हैं कि पेपर डालने वाले, दूध वाले भाई लोग उनको सुनते हैं. काहे कि इत्ते सुबह आता है इनका प्रोग्राम. और शहर में इत्ते सुबह सिर्फ मॉर्निंग शिफ्ट वाले उठते हैं. तो वो भी सुन पाते हैं. खैर(ये बातचीत के बीच में बोलते हैं रौनक) एफएम सुनने वालों को एक बड़ी खास बात बतानी है. वैसे जिनके नाते रिश्तेदार पुलिस या फौज में रहते हैं. वो फौज और पुलिस की तमाम अंदरूनी बातें जानते हैं. जानने से ज्यादा बनाकर बताते हैं. वैसे ही जिनका रेडियो और यफयम से जरा सा भी कनेक्शन होता है या जिनके दोस्त रिश्तेदार इसके बारे में जरा भी जानते हैं, वो कान में बताते हैं. कि आरजे का काम खाली बोलना है. प्रोग्राम उसको प्रोड्यूसर बनाकर देता है. उनकी जानकारी के लिए बता दें कि रौनक अपने सारे प्रोग्राम लगभग खुद ही बनाते हैं. रौनक ने बउवा और सुकुमार अविश्वास की पैदाइश की कहानी बताई. अब हम ही सब कुछ न बताएंगे. अड्डा देखो. रौनक देखो. रौनक में आओ. https://youtu.be/8ZT9LgrrTYE?list=PL1BQkm1ZUCaVApTuvIzoSGHEJaj-DMZm5
लल्लनटॉप अड्डे से और: मैं हिंदी का सिद्ध नहीं, प्रसिद्ध कवि हूं: हरिओम पवार"रणबीर कपूर से लल्लनटॉप बंदा कोई नहीं है": पीयूष मिश्राजब जहाज उतरे तो जय बोलिए, जब जहाज उड़ जाए तो जय बोलिए: रवीशमुनव्वर राना ने शरारती अंदाज में बताया, हवाई जहाज में बेल्ट क्यों बांधते हैं?पत्रकार दोस्त को गोवा का सीएम कैंडिडेट बनने के लिए मना रहा हूं: आशुतोषमैं अपनी बात तो रखूंगी ही, चाहे कुछ भी हो: अंजना ओम कश्यपमैंने सब कुछ हिंदी से कमाया है: प्रसून जोशी

Advertisement

Advertisement

()