हर साल असम में क्यों आती है बाढ़, जिसकी वजह से अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं
क्या इस तबाही के लिए चीन भी जिम्मेदार है?
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असम के सभी 33 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. करीब 45 लाख लोगों पर सीधे तौर पर बाढ़ का असर है. अभी तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.
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पूर्वोत्तर भारत का राज्य असम एक बार फिर से बाढ़ की चपेट में है. असम में कुल 33 जिले हैं और सभी जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. इस बाढ़ की वजह से करीब 45 लाख लोगों पर सीधे तौर पर असर पड़ा है. अब तक कुल 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया है कि राज्य के 4,157 गांवों के 42.87 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. और राज्य की सबसे बड़ी नदी ब्रह्मपुत्र अब भी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. पूरे राज्य में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है.

तबाही कम हो या ज्यादा, लेकिन असम में हर साल इसका आना तय है. और इसकी वजह है असम की भौगोलिक परिस्थिति.
असम में बाढ़ की वजह को जानने के लिए असम की भौगोलिक परिस्थिति को समझना होगा. असम का उत्तरी हिस्सा भूटान और अरुणाचल प्रदेश से लगा हुआ है. दोनों ही पहाड़ी इलाके हैं. पूर्वी हिस्सा नागालैंड से मिलता है. पश्चिमी हिस्सा पश्चिम बंगाल और बांग्लादश से मिलता है. और असम का दक्षिणी हिस्सा त्रिपुरा, मेघालय और मिजोरम से मिलता है. इस असम में तिब्बत से निकलने वाली कई नदियां वाया अरुणाचल प्रदेश आती हैं जो बाढ़ लाती हैं. इस बाढ़ के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार ब्रह्मपुत्र नदी है, जिसकी छोटी-बड़ी कुल 35 सहायक नदियां हैं. अरुणाचल प्रदेश से जब ये नदियां असम में प्रवेश करती हैं तो पहाड़ी इलाके से सीधे मैदानी इलाके में आ जाती हैं, जिसकी वजह से तबाही ज्यादा होती है. असम में तबाही के लिए ये नदियां जिम्मेदार हैं-

गूगल मैप से लिया हुआ असम का नक्शा, इसमें नीली लाइनें नदियां हैं, जिनकी वजह से असम में बाढ़ आती है.
1. सांगपो सांगपो हिमालय से निकलने वाली नदी है. ये नदी तिब्बत के आंगसी ग्लेशियर से निकलती है. अपने ऊपरी हिस्से में इस नदी का नाम सांगपो होता है. अरुणाचल प्रदेश के जरिए ये नदी भारत में घुसती है, जहां इसे सियांग कहा जाता है. 2. लोहित ये नदी तिब्बत से निकलती है और अरुणाचल प्रदेश में भारत में आती है. अरुणाचल प्रदेश में करीब 200 किमी की दूरी तय करने के बाद ये नदी सियांग में मिल जाती है. 3. दिबांग दिबांग अरुणाचल प्रदेश से निकलने वाली नदी है. अरुणाचल प्रदेश में ही ये नदी सियांग में मिल जाती है. सियांग और दिबांग के मिलने के बाद नदी की जो धारा असम में जाती है उसे ही ब्रह्मपुत्र कहते हैं. 4. सुबन्सिरी सुबन्सिरी नदी तिब्बत से निकलती है. अरुणाचल प्रदेश होते हुए ये नदी असम में आती है और लखीमपुर जिले में ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है. सुबन्सिरी ब्रह्मपुत्र नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है, जो तिब्बत से शुरू होकर ब्रह्मपुत्र में मिलने से पहले 442 किलोमीटर की दूरी तय करती है. 5. कामेंग कामेंग नदी अरुणाचल प्रदेश के तमांग से निकलती है. पश्चिमी कमांग होते हुए ये नदी असम के सोनितपुर जिले में जाती है. वहां से ये नदी असम के तेजपुर में ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है.

असम में तबाही मचाने वाली नदियां अरुणाचल प्रदेश से आती हैं और अरुणाचल में ये नदियां तिब्बत से आती हैं.
6. डिक्रांग डिक्रांग अरुणाचल प्रदेश से निकलने वाली बरसाती नदी है. बारिश के मौसम में इसमें खूब पानी आ जाता है. असम में माजुली के पास ये नदी सुबन्सिरी नदी में मिल जाती है. 7. डिहींग डिहींग भी अरुणाचल प्रदेश से ही निकलती है. असम में ये तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ होते हुए ये नदी असम में ही डिहींगमुख के पास ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है. ब्रह्मपुत्र में मिलने से पहले ये नदी 380 किलोमीटर की दूरी तय करती है. 8. मानस मानस नदी अरुणाचल प्रदेश से निकलती है. वहां से भूटान जाती है और फिर असम के बोंगाईगांव जिले में ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है. 9. धनसिरी धनसिरी नदी नागालैंड से निकलती है. 352 किमी की दूरी तय करने के बाद ये नदी असम में ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है. 10. बाराक बाराक नदी मणिपुर से निकलती है. नागालैंग होते हुए ये नदी असम में जाती है. अभी क्या हैं असम के हालात?

असम में फिलहाल परिस्थितियां और भी खराब होती जा रही हैं.
असम के कुल 33 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. राज्य के करीब 4157 गांव ऐसे हैं, जो चारो तरफ से पानी से घिर गए हैं. असम का काजीरंगा नेशनल पार्क भी बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है. वहां कई जानवरों की भी मौत हो गई है. राज्य में सेना और एनडीआरएफ लगातार राहत और बचाव में जुटी हुई हैं. सरकारी की ओर से 152 मॉनिटरिंग सेंटर बनाए गए हैं. वहीं असम को राहत देने के लिए मदद के हाथ उठने लगे हैं. 11 दिनों में तीन गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की स्टार रनर हिमा दास ने असम के मुख्यमंत्री राहत कोष में अपनी आधी सैलरी दान कर दी है. इसके अलावा हिमा ने ट्वीटर पर और भी लोगों से असम की मदद करने की अपील की है.
आप भी कर सकते हैं मदद

असम के लोगों को मदद की ज़रूरत है, जो बाढ़ में घिरे हुए हैं.
असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद हम और आप भी कर सकते हैं. बस आपको करना ये है कि आप असम के मुख्यमंत्री राहत कोष की वेबसाइट पर जाइए. वहां आपको अकाउंट नंबर मिलेगा, जिसमें आप पैसे डाल सकते हैं. वहां तक पहुंचने के लिए आप यहां
क्लिक कर सकते हैं. यहां पर आपको अकाउंट की डिटेल मिल जाएगी. इसके अलावा पैसे देने के लिए क्लिक हियर टू डोनेट नाउ का भी ऑप्शन आएगा. वहां क्लिक करने पर स्टेट बैंक की वेबसाइट खुलेगी, जिसके जरिए आप असम के बाढ़ पीड़ितों की मदद कर सकते हैं. मुख्यमंत्री राहत कोष में पैसे देने के लिए आप इस डिटेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

असम के मुख्यमंत्री राह कोष में इस डिटेल के जरिए आप पैसे दे सकते हैं.
असम हो या बिहार, वहां के लोगों को हमारी मदद की ज़रूरत है. हमारी छोटी सी मदद उन्हें फिर से खड़े होने में मदद करेगी. उन्हें खाना, कपड़ा और दवाई में मदद करेगी. इसलिए उनकी मदद करिए.
लेकिन 2019 पहला साल नहीं है, जब असम इस तरह के हालात से दो चार हो रहा है. हर साल असम में बाढ़ आती है. हर साल तबाही मचाती है. हर साल लोग मारे जाते हैं और हर साल हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति पानी में बह जाती है. लेकिन ये बाढ़ क्यों आती है और कौन इसके लिए जिम्मेदार है, इसे आसान भाषा में समझने की कोशिश करते हैं. क्यों आती है असम में बाढ़?Assam: Water level of Brahmaputra river rises after incessant rainfall; around 200 villages affected in Morigaon. pic.twitter.com/Q3XYEvi36Y
— ANI (@ANI) July 15, 2019

तबाही कम हो या ज्यादा, लेकिन असम में हर साल इसका आना तय है. और इसकी वजह है असम की भौगोलिक परिस्थिति.
असम में बाढ़ की वजह को जानने के लिए असम की भौगोलिक परिस्थिति को समझना होगा. असम का उत्तरी हिस्सा भूटान और अरुणाचल प्रदेश से लगा हुआ है. दोनों ही पहाड़ी इलाके हैं. पूर्वी हिस्सा नागालैंड से मिलता है. पश्चिमी हिस्सा पश्चिम बंगाल और बांग्लादश से मिलता है. और असम का दक्षिणी हिस्सा त्रिपुरा, मेघालय और मिजोरम से मिलता है. इस असम में तिब्बत से निकलने वाली कई नदियां वाया अरुणाचल प्रदेश आती हैं जो बाढ़ लाती हैं. इस बाढ़ के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार ब्रह्मपुत्र नदी है, जिसकी छोटी-बड़ी कुल 35 सहायक नदियां हैं. अरुणाचल प्रदेश से जब ये नदियां असम में प्रवेश करती हैं तो पहाड़ी इलाके से सीधे मैदानी इलाके में आ जाती हैं, जिसकी वजह से तबाही ज्यादा होती है. असम में तबाही के लिए ये नदियां जिम्मेदार हैं-

गूगल मैप से लिया हुआ असम का नक्शा, इसमें नीली लाइनें नदियां हैं, जिनकी वजह से असम में बाढ़ आती है.
1. सांगपो सांगपो हिमालय से निकलने वाली नदी है. ये नदी तिब्बत के आंगसी ग्लेशियर से निकलती है. अपने ऊपरी हिस्से में इस नदी का नाम सांगपो होता है. अरुणाचल प्रदेश के जरिए ये नदी भारत में घुसती है, जहां इसे सियांग कहा जाता है. 2. लोहित ये नदी तिब्बत से निकलती है और अरुणाचल प्रदेश में भारत में आती है. अरुणाचल प्रदेश में करीब 200 किमी की दूरी तय करने के बाद ये नदी सियांग में मिल जाती है. 3. दिबांग दिबांग अरुणाचल प्रदेश से निकलने वाली नदी है. अरुणाचल प्रदेश में ही ये नदी सियांग में मिल जाती है. सियांग और दिबांग के मिलने के बाद नदी की जो धारा असम में जाती है उसे ही ब्रह्मपुत्र कहते हैं. 4. सुबन्सिरी सुबन्सिरी नदी तिब्बत से निकलती है. अरुणाचल प्रदेश होते हुए ये नदी असम में आती है और लखीमपुर जिले में ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है. सुबन्सिरी ब्रह्मपुत्र नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है, जो तिब्बत से शुरू होकर ब्रह्मपुत्र में मिलने से पहले 442 किलोमीटर की दूरी तय करती है. 5. कामेंग कामेंग नदी अरुणाचल प्रदेश के तमांग से निकलती है. पश्चिमी कमांग होते हुए ये नदी असम के सोनितपुर जिले में जाती है. वहां से ये नदी असम के तेजपुर में ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है.

असम में तबाही मचाने वाली नदियां अरुणाचल प्रदेश से आती हैं और अरुणाचल में ये नदियां तिब्बत से आती हैं.
6. डिक्रांग डिक्रांग अरुणाचल प्रदेश से निकलने वाली बरसाती नदी है. बारिश के मौसम में इसमें खूब पानी आ जाता है. असम में माजुली के पास ये नदी सुबन्सिरी नदी में मिल जाती है. 7. डिहींग डिहींग भी अरुणाचल प्रदेश से ही निकलती है. असम में ये तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ होते हुए ये नदी असम में ही डिहींगमुख के पास ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है. ब्रह्मपुत्र में मिलने से पहले ये नदी 380 किलोमीटर की दूरी तय करती है. 8. मानस मानस नदी अरुणाचल प्रदेश से निकलती है. वहां से भूटान जाती है और फिर असम के बोंगाईगांव जिले में ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है. 9. धनसिरी धनसिरी नदी नागालैंड से निकलती है. 352 किमी की दूरी तय करने के बाद ये नदी असम में ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है. 10. बाराक बाराक नदी मणिपुर से निकलती है. नागालैंग होते हुए ये नदी असम में जाती है. अभी क्या हैं असम के हालात?

असम में फिलहाल परिस्थितियां और भी खराब होती जा रही हैं.
असम के कुल 33 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. राज्य के करीब 4157 गांव ऐसे हैं, जो चारो तरफ से पानी से घिर गए हैं. असम का काजीरंगा नेशनल पार्क भी बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है. वहां कई जानवरों की भी मौत हो गई है. राज्य में सेना और एनडीआरएफ लगातार राहत और बचाव में जुटी हुई हैं. सरकारी की ओर से 152 मॉनिटरिंग सेंटर बनाए गए हैं. वहीं असम को राहत देने के लिए मदद के हाथ उठने लगे हैं. 11 दिनों में तीन गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की स्टार रनर हिमा दास ने असम के मुख्यमंत्री राहत कोष में अपनी आधी सैलरी दान कर दी है. इसके अलावा हिमा ने ट्वीटर पर और भी लोगों से असम की मदद करने की अपील की है.
I have contributed my bit and requesting others also to please help people of Assam. #AssamFloods
https://t.co/y7ml1EMGzG
— Hima MON JAI (@HimaDas8) July 16, 2019
आप भी कर सकते हैं मदद

असम के लोगों को मदद की ज़रूरत है, जो बाढ़ में घिरे हुए हैं.
असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद हम और आप भी कर सकते हैं. बस आपको करना ये है कि आप असम के मुख्यमंत्री राहत कोष की वेबसाइट पर जाइए. वहां आपको अकाउंट नंबर मिलेगा, जिसमें आप पैसे डाल सकते हैं. वहां तक पहुंचने के लिए आप यहां
क्लिक कर सकते हैं. यहां पर आपको अकाउंट की डिटेल मिल जाएगी. इसके अलावा पैसे देने के लिए क्लिक हियर टू डोनेट नाउ का भी ऑप्शन आएगा. वहां क्लिक करने पर स्टेट बैंक की वेबसाइट खुलेगी, जिसके जरिए आप असम के बाढ़ पीड़ितों की मदद कर सकते हैं. मुख्यमंत्री राहत कोष में पैसे देने के लिए आप इस डिटेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

असम के मुख्यमंत्री राह कोष में इस डिटेल के जरिए आप पैसे दे सकते हैं.
असम हो या बिहार, वहां के लोगों को हमारी मदद की ज़रूरत है. हमारी छोटी सी मदद उन्हें फिर से खड़े होने में मदद करेगी. उन्हें खाना, कपड़ा और दवाई में मदद करेगी. इसलिए उनकी मदद करिए.
