जब अमिताभ और स्मिता की फिल्म 'नमक हलाल' आई, अमिताभ बच्चन सुपरस्टार थे. फिल्मेंसिर्फ उनके नाम पर चल जाती थीं. प्रकाश मेहरा ने फ्रंट डेस्क पर बैठने वाली पूनम केरोल के लिए स्मिता को साइन किया, इस कॉन्फिडेंस के साथ कि बंदी इस ग्लैमरस रोल केलिए परफेक्ट है. पर स्मिता के दिमाग में कुछ और चल रहा था. पूरी फिल्म की शूटिंग केदौरान वो घबराई हुई थीं. उनकी मां विद्या बताती हैं कि 'आज रपट जाएं' जैसे रॉन्चीगाने को शूट करने के बाद वो बहुत उदास हो गई थीं और काफी देर तक रोती रहीं.अमिताभ संग इंटिमेट सीन करने के बाद उन्हें काफी एम्बैरेस्मेंट झेलनी पड़ी.https://www.youtube.com/watch?v=oeQGqEQq9qw विडियो मैगजीन लहरें को दिए गए एकइंटरव्यू में अमिताभ कहते हैं: "स्मिता मेरी बहुत ख़ास दोस्त थी. हम अक्सर बैठ करबातें किया करते थे. जिस तरह का काम वो करती थी, उसे उसकी गहरी समझ थी. पर जिस तरहकी पॉपुलर फिल्में मैं करता था, उसे लेकर स्मिता के मन में हमेशा एक शंका बनी रहतीथी. जब उसने पहली बार मेरे साथ काम किया, वो बेहद परेशान और घबराई हुई थी. उसनेमुझे कहा, "मुझे नहीं पता मैं यहां क्या कर रही हूं. गानों में नाचते हुए मैं बहुतबेवकूफ दिखूंगी." पर धीरे धीरे वो सीख गयी. मैं उससे हमेशा कहता था कि उसके जैसेकलाकारों को और मेनस्ट्रीम फिल्में करनी चाहिए. पर वो मना करते हुए कहती कि वोइसमें फिट नहीं बैठती. वो कहती, "सिनेमा और कला को देखने का मेरा तरीका अलग है.मेरी मदद करिए, वरना मैं इस सेटअप में काम नहीं कर पाऊंगी." (स्मिता पाटिल कीबायोग्राफी A Brief Incandescence से)