अमित शाह ने क्यों कहा कागज़ दिखाकर किसे बेवकूफ़ बना रही हो दीदी
कहा- चुनाव आने तक अकेली रह जाएंगी ममता दीदी.
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रैली में स्मृति ईरानी ने बंगाली में मंच से भाषण दिया. वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने वर्चुअल स्पीच दी. (फोटो-PTI)
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पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बीजेपी ने एक रैली की. इसमे अमित शाह को पहुंचना था, लेकिन उनका बंगाल दौरा स्थगित हो गया. इसके बाद उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए दिल्ली से ही इस रैली को संबोधित किया. वहीं स्मृति ईरानी ने वहां पहुंचकर बंगाली में भाषण दिया.स्मृति ईरानी ने मोदी के कार्यक्रम में जय श्री राम के नारे लगने से नाराज ममता पर राम का नाम लेकर ही निशाना साधा. स्मृति ने कहा कि ममता दीदी ने भले ही प्रभु राम को त्याग दिया हो, पर बंगाल में राम राज दस्तक दे रहा है.
इस रैली में अमित शाह ने कहा,People will not support a political party which makes them fight among themselves & hates the Central govt for its own profit. No patriot can stay for even a single minute in a party which insults the slogan of 'Jai Shri Ram': Union Minister Smriti Irani in Howrah, West Bengal pic.twitter.com/KBle1trVcm
— ANI (@ANI) January 31, 2021
तीन महीने से कई लोग TMC छोड़ BJP ज्वॉइन कर रहे हैं. ऐसा क्यों हो रहा है, इसका कारण क्या है, मैं मानता हूं कि ममता दीदी को सोचना चाहिए. 10 साल पहले कम्युनिस्टों के खिलाफ लड़ाई लड़कर जो सरकार बनी, ममता दीदी ने परिवर्तन का नारा दिया. एक नारा दिया था मां, माटी और मानुष की सरकार का. जनता ने इस नारे पर भरोसा किया, लेकिन ये नारा गायब हो गया. कम्युनिस्ट राज्य को जहां छोड़कर गए थे वहां से भी गिराने का काम ममता बनर्जी ने किया है. बंगाल की जनता माफ नहीं करेगी.
अमित शाह ने आगे कहा,Mamata Banerjee has taken West Bengal backwards in every sphere. People of the State will never forgive her: Union Home Minister and BJP leader Amit Shah addresses BJP rally in Howrah through video conferencing https://t.co/EC3tu0q9qx pic.twitter.com/98Fpy4YhcK
— ANI (@ANI) January 31, 2021
अब ज्यादा समय नहीं है. बंगाल में बीजेपी की सरकार आने के बाद हम पहले कैबिनेट में प्रस्ताव करेंगे कि बंगाल के गरीब लोगों को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत का लाभ मिले. और आप रोक नहीं सकती हैं. जिस तरह से बड़ी संख्या में TMC के नेता, कम्युनिस्ट नेता, कांग्रेस पार्टी के अच्छे-अच्छे नेता BJP ज्वॉइन कर रहे हैं, चुनाव आते-आते ममता दीदी आप पीछे मुड़कर देखना आप अकेली रह जाएंगी कोई और साथ देने वाला नहीं होगा.शाह ने कहा,
बंगाल के किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. उन्हें छह हजार रुपए भेजा जा रहा है, लेकिन नहीं मिल रहा है. अभी-अभी घबराकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने यह मुद्दा उठाया है. किसानों ने इस पर बड़ा विरोध किया है, बंगाल के अंदर. अभी-अभी ममता बनर्जी ने एक कागज लिखा है कि हम सहमत हैं अब आप हमें भेज दीजिए. दीदी आप किसको बेवकूफ बना रही हैं, इस कागज से उनके अकाउंट में पैसा आ जाएगा? इसके साथ किसानों की सूची चाहिए, बैंक खाता चाहिए. आपने फिर किसानों को धोखा देने का काम किया है. मोदी को 6000 भेजना है तो कैसे भेजें?शाह ने कहा कि इन्होंने बंगाल की भूमि को रक्त रंजित किया है. ममता बनर्जी की सरकार बंगाल के अंदर घुसपैठ को रोक सकती है क्या? भतीजे को मुख्यमंत्री बनाने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है. ममता की सरकार भतीजा कल्याण में व्यस्त है. शाह ने कहा कि वह जल्द ही बंगाल जाएंगे. बंगाल नहीं जा पाए शाह अमित शाह 30 और 31 जनवरी को दो दिन के बंगाल दौरे पर जाने वाले थे. लेकिन 29 को दिल्ली के इजरायली दूतावास के पास ब्लास्ट हो गया. इसके बाद खबर आई कि शाह ने बंगाल दौरा स्थगित कर दिया है. हालांकि के शाह के दौरे के स्थगित होने कि वजह सामने नहीं आई. अमित शाह को उत्तर 24 परगना जिले में मतुआ समुदाय के गढ़ ठाकुरनगर की यात्रा भी करनी थी और यहां एक सभा भी आयोजित की गई थी. इस इलाके में CAA और NRC बड़ा मुद्दा है और ख़ासकर मतुआ समुदाय के लोगों के लिए, जब दौरा रद्द होने की खबर मिली तो मतुआ समुदाय के लोग नाराज़ हो गए. हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद ममताबाला ठाकुर ने कहा कि निर्धारित यात्रा रद्द करना यह दर्शाता है कि शाह के पास नागरिकता के मुद्दे पर मतुआ समुदाय को देने के लिये कुछ खास नहीं है. जिसके बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल रॉय फ़ौरन ठाकुरनगर पहुंचे और खुद समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि शाह 'बहुत जल्द' सभा करेंगे. रॉय ने कहा, 'अमित शाह ने आने वाले दिनों में प्रस्तावित सभा आयोजित करने को लेकर शांतनु ठाकुर से फोन पर बात की है और आयोजकों से कहा है कि वे सभा के लिये लगाए गए मंच को हटाएं नहीं.' ग़ौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट (बोंगा) से बीजेपी के शांतनु ठाकुर ने अपनी रिश्तेदार ममताबाला ठाकुर को 1,11,594 वोटों से हराया था. चुनाव के वक़्त बीजेपी ने CAA और NRC को अहम मुद्दा बनाया था. जिसका फ़ायदा भी उन्हें मिला. जानकार ऐसा मानते हैं कि मतुआ समाज के लोग अमित शाह की रैली में CAA और NRC को किसी बड़े ऐलान की उम्मीद कर रहे थे. इसके बाद पार्टी ने फ़ौरन फ़ैसला लेते हुए शाह की वर्चुअल रैली का आयोजन किया और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी इस रैली को संबोधित किया. शाह के दौरा कैंसिल होने के बाद ईरानी शनिवार को ही बंगाल पहुंच गई थी.

