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कोरोना वैक्सीन लगवाने से पहले इन सवालों के जवाब जान लेंगे तो फायदे में रहेंगे

वैक्सीन की डिलीवरी, Co-WIN का फंडा... और भी बहुत कुछ

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7 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 7 जनवरी 2021, 07:52 AM IST)
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भारत में जल्द ही वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. इसके लिए खासतौर पर co-win नाम का प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है. तस्वीर दिल्ली में वैक्सीन के ड्राई रन की है.
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भारत ने कोरोना की 2 वैक्सीन इमरजेंसी यूज के लिए अप्रूव कर दी हैं. इन वैक्सीन्स को लगाने की हरी झंडी सरकार जल्द ही देने वाली है. ऐसे में मन में कई सवाल उठना लाजमी है. हेल्थ मिनिस्ट्री ने वैक्सीनेशन के लिए डिटेल में प्लानिंग की है. आइए जानते हैं जरूरी सवालों के जवाब.
सबसे पहले वैक्सीन कहां रखी जाएगी?
भारत में अभी सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड, भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को मंजूरी मिली है. अब ये वैक्सीन बनाने वाले सरकार से मिले ऑर्डर के आधार पर अपनी वैक्सीन भेजेंगे. हवाई मार्ग से कुल चार जगहों पर वैक्सीन भेजी जाएगी, जिनमें करनाल, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता शामिल हैं.
बाकी जगहों पर ये कैसे पहुंचेगी?
इन जगहों से राज्यों की डिमांड के हिसाब से वैक्सीन को देश के हर कोने में पहुंचाया जाएगा. यह वैक्सीन स्पेशल फ्रिज वाली वैन या दूसरी गाड़ियों में ले जाई जाएगी. ये वैक्सीन राज्यों के मुख्य सेंटर पर पहुंचेगी, जिसके बाद राज्य सरकार के निर्देशों के हिसाब से जिलों में मौजूद वैक्सीन हेल्थ सेंटरों तक पहुंचाई जाएगी.
लाने-ले जाने में खराब तो नहीं हो जाएगी वैक्सीन?
हर वैक्सीन को एक खास तापमान पर रखा जाता है. ऐसे में वैक्सीन को एक निश्चित तापमान पर रखे जाने के इंतजाम किए जा रहे हैं. हर फ्रिज में तापमान ट्रैकर लगाए गए हैं, जो हर राज्य-जिले के वैक्सीन स्टोर की जानकारी उपलब्ध कराएंगे. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में अभी 29 हजार कोल्ड चेन पॉइंट्स हैं. इनमें सोलर पावर, वॉक इन कूलर, आइस लाइन रेफ्रिजरेटर जैसी सुविधाएं हैं.
सरकार वैक्सीन देने की शुरुआत कैसे करेगी?
हेल्थ मिनिस्ट्री ने बुधवार को साफ किया है कि फ्रंटलाइन वर्कर्स यानी मेडिकल और पुलिस कर्मचारियों आदि को वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने की कोई जरूरत नहीं होगी. उनका डेटा सरकार के पास पहले से मौजूद है. सामान्य लोगों के लिए सरकार ने एक खास डिजिटल सिस्टम बनाया है. जिस पर उन्हें रजिस्टर करना होगा.
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हेल्थ मिनिस्ट्री ने हर हेल्थ सेंटर तक वैक्सीन को पहुंचाने का एक ढांचा तैयार किया है.

वैक्सीन लेने के लिए कहां रजिस्टर करना होगा?
सरकार ने आम लोगों के वैक्सिनेशन के लिए Co-WIN (Covid Vaccine Intelligence Work) नाम का एक वैक्सीन डिलीवरी मैनेजमेंट सिस्टम बनाया है. यह एक डिजिटल प्लैटफॉर्म होगा. मतलब, यह एक ऐप होगा, जिसे बाकी ऐप्स की तरह डाउनलोड किया जा सकेगा.
कहां से डाउनलोड करें Co-WIN ऐप?
फिलहाल यह ऐप लॉन्च नहीं हुआ है. अगर आपने Co-WIN नाम कोई ऐप डाउनलोड किया है तो उसे डिलीट कर दें. इस वक्त कोविन नाम से एंड्रॉयड और आईओएस प्लैटफॉर्म पर दिखने वाले ऐप प्राइवेसी को नुकसान पहुंचा सकते हैं. सरकार इस वक्त इस ऐप पर फ्रंटलाइन वर्कर्स का डेटा अपलोड और मेंटेन कर रही है. जब भी यह आम पब्लिक के लिए लॉन्च होगा, सरकार इसकी बाकायदा घोषणा करेगी.
Co-WIN ऐप काम कैसे करेगा?
एक बार Co-WIN ऐप लाइव होने के बाद यह आपको रजिस्ट्रेशन के तीन ऑप्शन देगा. फ्रंटलाइन पर काम करने वाले जिन लोगों को इस ऐप का एक्सेस है, उनके अनुसार फिलहाल ऐप पर तीन तरह से रजिस्ट्रेशन के तरीके दिख रहे हैं. सेल्फ रजिस्ट्रेशन, इंडिविजुल रजिस्ट्रेशन और बल्क अपलोड. ये कैसे काम करेंगे, इसके बारे में आधिकारिक जानकारी मिलना अभी बाकी है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार खुद से रजिस्टर करने वाले और कैंप आदि लगाकर रजिस्ट्रेशन करने जैसे सारे ऑप्शन खुले रखना चाहती है.
Co-WIN में रजिस्टर के लिए क्या डॉक्युमेंट्स चाहिए?
वैक्सीन के लिए ऐप पर रजिस्ट्रेशन करवाने को आम लोगों को अपना फोटो वाला पहचान प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा. यह पहचान पत्र आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड आदि हो सकते हैं. सरकार ने कहा है कि अगर किसी के पास पहचान पत्र नहीं है, तब भी वह लोकल अथॉरिटी के जरिए रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकेगा.
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सरकार ने आम लोगों को वैक्सीन देने के लिए ऐसा दिखने वाला co-win नाम का वैक्सीन डिलीवरी सिस्टम बनाया है. इसके जरिए ही लोगों को वैक्सीन देने की प्रक्रिया शुरू होगी.

एक बार Co-WIN रजिस्ट्रेशन के बाद क्या होगा?
रजिस्ट्रेशन होते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर सफल रजिस्ट्रेशन का मेसेज (12 भाषाओं का ऑप्शन) आ जाएगा. इसके साथ ही आपको नजदीकी हेल्थ सेंटर पर वैक्सीनेशन की तारीख और वक्त दे दिया जाएगा. बताए दिन और वक्त पर हेल्थ सेंटर जाना होगा. वहां पर मौजूद हेल्थवर्कर आपको वैक्सीन देकर आपके वैक्सीनेशन की एंट्री अपने सिस्टम में करेगा. आपके पास मेसेज आ जाएगा कि आपको कब और किसने वैक्सीन का डोज दिया है. इसके साथ ही अगली डोज की तारीख और वक्त भी मेसेज पर भेज दिया जाएगा. वैक्सीनेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाने पर QR बेस डिजिटल सर्टिफिकेट इश्यू किया जाएगा. इस सर्टिफिकेट को मोबाइल या क्लाउड पर मौजूद डिजीलॉकर में भी रख सकते हैं. इसमें एक यूनिक हेल्थ आईडी लेने का भी ऑप्शन होगा. किसी को टीके के बाद दिक्कत आती है तो क्या होगा?
किसी भी तरह की दिक्कत या तकनीकी भाषा में कहें तो Adverse Event Following Immunization (AEFI) के लिए इंतजाम भी डिजिटल डिलीवरी सिस्टम में किया गया है. वैक्सीन लेने वाले को कुछ समय तक मॉनीटर किया जाएगा. टीका लगने के बाद आधे से एक घंटे तक आराम करने को कहा जाएगा. अगर कोई परेशानी महसूस होती है तो वहीं बताकर मदद मांगी जा सकती है. घर आने के बाद कोई प्रॉब्लम होती है तो हेल्पलाइन के जरिए रिपोर्ट किया जा सकता है.
क्या वैक्सीन लगवाना जरूरी होगा?
नहीं, यह एक ऐच्छिक व्यवस्था है. जिसका मन करे लगवाए और जिसका मन करे, वह न लगवाए.
क्या वैक्सीन के लिए पैसे देने होंगे?
हेल्थ मिनिस्टर हर्षवर्धन के मुताबिक, फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए यह वैक्सीन पूरी तरह से मुफ्त होगी. आम लोगों के लिए कीमतों के बारे में फिलहाल सरकार की तरफ से कोई घोषणा नहीं की गई है.

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