उसके पास कोई अवकाश नहीं, क्योंकि वह अब सिर्फ मसखरा नहीं!
नोटबंदी में विकल हुई जनता अब उसके उपहास की पात्र है.
Advertisement

स्पेनिश पेंटर एनरीक सिमोनेट वाई लोम्बोर्दो ने ये पेंटिंग 19वीं सदी के आखिरी साल में बनाई थी. पेंटिंग में प्रोफेसर-सा दिख रहा एक बूढ़ा शख्स औरत की लाश की चीर-फाड़ कर रहा है. उसके दाएं हाथ में एक छुरी है और बाएं में वह दिल है जो उसने अभी उस शरीर से निकाला है. ये शख्स उस दिल को प्रशंसा की नजरों से देख रहा है. इस अंग के वजन और खून के रिसाव में वो खत्म होते जीवन का कोई आखिरी सिरा खोज पा रहा हो. यह ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव का विमर्श है. सभ्य और जंगलीपन का. पौरुष और स्त्रीत्व का. चिंताजनक से कहीं अधिक. इस पेंटिंग को शुरू में 'शी हैड अ हार्ट' कहा गया. बाद में इसे 'एनाटॉमी ऑफ हार्ट' नाम मिला.
Story Summary

