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'मैं नशे में हूं, तुम मेरा फायदा उठाना चाहोगी?'

सच्चाई पढ़े-लिखों की. सच्चाई फेसबुक की.

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28 जुलाई 2016 (अपडेटेड: 28 जुलाई 2016, 02:38 PM IST)
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रिवेंज पोर्न के एक मामले में सुनवाई करते हुए उड़ीसा हाई कोर्ट ने भूल जाने के अधिकार का जिक्र किया.
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एक-दो दिन पहले की बात है. सो कर उठी और फेसबुक खंगाला तो जादवपुर यूनिवर्सिटी के नाम से टाइमलाइन भरी मिली. लगा फिर से कोई प्रोटेस्ट हुआ होगा. या सॉलिडेरिटी मार्च निकाला होगा. खैर! दोस्तों ने काफी कुछ शेयर किया हुआ था. तो सोचा क्यूं ना एक बार देखा जाए. पता किया जाए कि आखिर मामला क्या है? सब तसल्ली से पढ़ा. अहां! क्या अच्छी शुरुआत हुई दिन की.
तो हुआ कुछ यूं है कि कोई एकलव्य चौधरी हैं. जो जादवपुर यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन के स्टूडेंट हैं. इनको पिछले चार दिन में चालीस हज़ार से ज्यादा लोगों सर्च कर चुके हैं. इसलिए नहीं कि ये कोई सेलेब्रिटी हैं. या ओलिंपिक में खेलने जाने वाले खिलाड़ी हैं. बल्कि ये जादवपुर यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाली एक प्रोफेसर के बेटे हैं. जनाब पिछले तीन साल से लड़कियों को अश्लील मेसेजस भेजने का काम कर रहे थे. मेसेजस की झांकी हम आपको दिखा देते हैं:
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1. एकलव्य: तुम्हारे होंठ ऐसे लगते हैं मानो किसी गंभीर काम के लिए बने हो. तुम्हारा दिमाग और अंगुलियां इतना विटी रिप्लाई करने में कितने माहिर हैं. मुझे जांच करनी पड़ेगी कि वो किन और चीज़ों में भी माहिर हैं. तो बताओ तुम कब मिल सकती हो, बिच? मैं जानता हूं कि तुम्हारा मुखौटा गिर गया है और तुम भी यही चाहती हो. लड़की: नहीं, तुम्हें नहीं पता मैं क्या चाहती हूं. तुम्हारा निष्कर्ष गलत है.
2. एकलव्य: यू आर सच अ हॉट फक. आपके सुन्दर शरीर को मैं चूम लेना चाहता हूं. कस के पकड़ कर. लड़की: मैं कमिटेड हूं. एकलव्य : मुझे पता है तुम माइंड नहीं करोगी. लड़की: मैं बिल्कुल माइंड करूंगी.
3. एकलव्य: मैं बहुत ही एक्साइटेड हो गया हूं. तुम पंद्रह साल की हो? क्या तुम्हारे हॉर्मोन्स उबाल नहीं खा रहे? क्या तुम नई चीज़ों को खोजना नहीं चाहोगी? नए चीज़ों के अनुभव के बारे में क्या ख्याल है? लड़की: नहीं एकलव्य: और भी एक्साइटेड करने...
4. एकलव्य: मुझे एक सीनियर के हिसाब से यह कहना नहीं चाइए. इस बात के लिए मुझे मारना मत पर तुम्हारे ब्रेस्ट बहुत ही गॉर्जियस हैं. लड़की: जो बात आपको नहीं कहनी चाहिए थी, आपने वो बात कह ही दी. एकलव्य : नहीं, सच में गॉर्जियस हैं. इस बात में कोई डाउट नहीं है.
5. एकलव्य : तुम्हारी डीपी बहुत ही अच्छी लग रही है. मेरा मन तुम्हारे चेहरे पर अपना **** **** का मन कर रहा है. लड़की:
6. एकलव्य: मेरा **** बहुत ही हार्ड है. मैं आज हाई हूं. क्या तुम इसका फायदा उठाना चाहोगी? लड़की: एकलव्य दा, मुझे लगता है आप अभी होश में नहीं हैं. आपको सो जाना चाहिए.
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एकलव्य का भांडा फोड़ा उसी की क्लास की एक लड़की ने. 23 जून को लड़की का फेसबुक पर लिखा हुआ पोस्ट वायरल हो गया.
लड़की ने लिखा है कि कैसे एकलव्य ने उसे हैरस किया. पिछले साल अगस्त में कंप्लेंट भी करा चुकी है. बावजूद इसके एकलव्य ने अपनी हरकतें नहीं छोड़ीं. लड़की ने साथ ही यह भी लिखा है कि 13 लड़कियां और हैं. जिन्हें एकलव्य ने सेक्शुअली हैरेस किया है. बाकी लड़कियों ने भी फेसबुक पर सारे स्क्रीनशॉट्स शेयर किए.
सबने मिलकर जॉइंट स्टेटमेंट भी दी है. जैसा प्रेरणा प्रथम सिंह और जसलीन कौर के केस में हुआ था ठीक वही हुआ इस बार. फेसबुक ने इन लड़कियों की पोस्ट्स डिलीट कर दी. कुछ लड़कियों के फेसबुक एकाउंट्स हैक कर लिए गए.
और शर्मनाक बात यह भी है कि एकलव्य की दोस्त जाह्नबी मुख़र्जी ने इन हरकतों में उसका साथ दिया. लड़की ने जाह्नबी पर आरोप लगाया है कि एकलव्य और जाह्नबी दोनों ने मिलकर उसे डिपार्टमेंट और यूनिवर्सिटी कैंपस में भी हरैस किया.
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लड़की ने ये भी लिखा है कि एकलव्य इंग्लिश डिपार्टमेंट का एक चर्चित चेहरा है. इनकी माता श्री एक जानी-मानी प्रोफेसर हैं. डिपार्टमेंट में उनकी चलती है. इसलिए लड़कियों की कभी हिम्मत नहीं हुई खुलकर सामने आ पाने की. पर अब वो ये सब नहीं सहन कर सकती. बड़ी हिम्मत जुटा कर वो यह सब लिख रही है.
पूरे इंसिडेंट के बाद इन लड़कियों को क्या-क्या नाम नहीं दिए गए. किसी ने ये पब्लिसिटी स्टंट, तो किसी ने वाहियातपना बताया. पढ़िए, किस तरह के कमेंट देखने में आए फेसबुक पर:
'ब्लॉक क्यूं नहीं किया?'
'लड़की को भी मजा आ रहा था.'
'फेसबुक पर फेमस होने का अच्छा तरीका है.'
'गॉर्जियस स्तन ही तो कहा है. ये तो कॉम्प्लीमेंट हो गया. ओफेंस की क्या बात थी.'
'इसमें स्पेशल क्या है. लड़कियां खुद सहज थीं ऐसी बातचीत करने में.'
बिल्कुल ठीक कहा लोगों ने. साइबर बुलींग के इस दौर में कुछ भी अब्यूजिव नहीं है. इन औरतों को तो अब तक आदत हो जानी थी इन सबकी. लड़कें हैं, हो जाता है जवानी के जोश में. खोट तो लड़की में था. क्या कर रही थी फेसबुक पर? जनाब, शर्म पर औरतों का कॉपीराइट है. आदमियों का नहीं. और ये बात जितनी जल्दी ये औरतें समझ लें तो बेहतर होगा.
मैं तो कहती हूं कि एकलव्य की मां को फेसबुक पर आगे आकर सब सच-सच बताना चाइए. कैसे उनका बेटा एक होनहार लड़का है. जाना-माना कवि है. कल को एक अच्छा स्कॉलर बनेगा. क्या 13 लड़कियों को अब्यूज करने से वो अच्छा स्टूडेंट नहीं रहेगा. शायद उन्हें भी ब्रॉक टर्नर के बाप की तरह ख़त लिखना चाहिए था.
जनाब, ये दशा है युवाओं की. कहने का ये मतलब नहीं कि सब लड़के एक जैसे हैं. लेकिन ये भी सोचने वाली बात है कि इस तरह के लोग हमारे ही आस-पास रह रहे हैं. हमारी यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं. पढ़े-लिखे परिवारों में बड़े हो रहे हैं. और रवैया साइकोपैथ जैसा है.
और आप कहते थे अनपढ़ लोग रेप करते हैं, रिक्शा वाले छेड़ते हैं. कौन सी दुनिया में हैं आप?


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