बाबरी ध्वंस के 10 बड़े चेहरे
ऐसे लोग जो राम मंदिर आंदोलन और बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े रहे.
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फोटो - thelallantop
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बाबरी मस्जिद ढांचे पर कुदाल चलाने वाले पहले कारसेवकों को तब शायद इसका एहसास भी नहीं रहा होगा. उन्हें नहीं पता होगा कि वे मुल्क में सियासत का जो किरदार तय कर रहे हैं, वो कई साल के लिए देश के मजहबी ताने-बाने को झकझोर देगा. और हिंदुस्तानी जम्हूरियत की स्थाई टीस बन जाएगा.
तारीख थी 6 दिसंबर 1992. अयोध्या में बाबरी का विवादित ढांचा कुछ ही घंटों में ढहाकर वहां एक नया, अस्थायी मंदिर बना दिया गया. BJP-VHP-शिवसेना नेताओं और हजारों 'आक्रोशित' कारसेवकों पर केस दर्ज हुए. और 'जीत का सेहरा' भी उन्हीं के सिर बंधा. कांग्रेस न सिर्फ 1996 का चुनाव हारी, 8 साल तक केंद्र की सत्ता से बाहर हो गई. यूपी में तो उसका सफाया ही हो गया. सियासत में ये मुद्दा आज भी मरा नहीं है. कोई इसे सियासत के 'काले सफहे' के तौर पर याद करता है तो कोई 'शौर्य दिवस' मनाते हुए मिठाई बांटता है.

पढ़िए दी लल्लनटॉप पर अयोध्या भूमि विवाद की टॉप टू बॉटम कवरेज.
पर क्या आप उन नामचीन हस्तियों की कहानी जानते हैं, जो राम मंदिर आंदोलन और बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े रहे? थोड़ा चलताऊ तरीके से कहें तो ये ही वे लोग थे जो इस विवाद के नायक और खलनायक कहे गए. फैक्ट आपके सामने, चश्मा आपका अपना.
तारीख थी 6 दिसंबर 1992. अयोध्या में बाबरी का विवादित ढांचा कुछ ही घंटों में ढहाकर वहां एक नया, अस्थायी मंदिर बना दिया गया. BJP-VHP-शिवसेना नेताओं और हजारों 'आक्रोशित' कारसेवकों पर केस दर्ज हुए. और 'जीत का सेहरा' भी उन्हीं के सिर बंधा. कांग्रेस न सिर्फ 1996 का चुनाव हारी, 8 साल तक केंद्र की सत्ता से बाहर हो गई. यूपी में तो उसका सफाया ही हो गया. सियासत में ये मुद्दा आज भी मरा नहीं है. कोई इसे सियासत के 'काले सफहे' के तौर पर याद करता है तो कोई 'शौर्य दिवस' मनाते हुए मिठाई बांटता है.

पढ़िए दी लल्लनटॉप पर अयोध्या भूमि विवाद की टॉप टू बॉटम कवरेज.
पर क्या आप उन नामचीन हस्तियों की कहानी जानते हैं, जो राम मंदिर आंदोलन और बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े रहे? थोड़ा चलताऊ तरीके से कहें तो ये ही वे लोग थे जो इस विवाद के नायक और खलनायक कहे गए. फैक्ट आपके सामने, चश्मा आपका अपना.

