भारत हर साल लगभग 26-27 टन खाने के तेल की खपत करता है. लेकिन हमारी जरूरत का सिर्फ40% ही देश में तैयार होता है. क्रूड ऑयल समेत एथेनॉल भी इंपोर्ट किया जाता है. ऐसेमें सवाल है कि खाने के तेल और एथेनॉल का इंपोर्ट कैसे भारत की अर्थव्यवस्था को नयारूप दे रहा है? खासकर तब जब इनका अमेरिका से इंपोर्ट किया जा रहा है. एक ही साल मेंअमेरिका से सोयाबीन तेल का आयात तेजी से बढ़ा है. खर्चा-पानी के इस एपिसोड मेंजानिए कि भारतीय किसानों, छोटे व्यापारियों के लिए इसका क्या मतलब है?