पटना उच्च न्यायालय ने बिहार पुलिस को एक नाबालिग छात्र को दो महीने से अधिक समय तकअवैध रूप से हिरासत में रखने का दोषी ठहराया है और राज्य को मुआवजे के तौर पर 5 लाखरुपये देने का आदेश दिया है. यह मामला मधेपुरा जिले के एक ग्रामीण झड़प से संबंधितहै, जहां नाबालिग को आरोपपत्र में निर्दोष साबित होने के बावजूद गिरफ्तार कर लियागया था. न्यायालय ने कानूनी प्रक्रिया और बच्चे के जीवन एवं स्वतंत्रता के अधिकारका उल्लंघन करने के लिए पुलिस और मजिस्ट्रेट की कड़ी आलोचना की. पूरा मामला जाननेके लिए देखिए वीडियो.