इंटरनेट पर इसे 'निहिलिस्ट पेंगुइन' नाम दिया गया और लोग इससे नज़रें नहीं हटा पारहे थे. कुछ लोगों को इसमें प्रेरणा दिखी, कुछ को जीवन का अर्थ, और कुछ को तो बसखुद की झलक. वैज्ञानिक दृष्टि से, यह 2007 में बनी वर्नर हर्ज़ोग की डॉक्यूमेंट्रीका एक खोया हुआ एडेलि पेंगुइन है. इंटरनेट पर लोग क्या कह रहे हैं?