मेरठ में एक रिटायर्ड जज ने अपनी बेटी के तलाक को आजादी और खुशी के उत्सव में बदलदिया. ढोल की थाप, फूलों की मालाओं की मनमोहक खुशबू और बेटी के चेहरे पर दिख रहीशांति से पूरा माहौल किसी शादी से कम नहीं था. फर्क सिर्फ इतना था कि यह उत्सव बेटीके लिए एक नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक था. इस कहानी की पूरी जानकारी के लिए यहरिपोर्ट देखिए.