मुंबई में बीएमसी चुनावों के दौरान उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब आरोप लगे किमतदाताओं की उंगलियों पर लगी स्याही आसानी से मिटाई जा सकती है. इससे दोबारा मतदानहोने की आशंका बढ़ गई और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे. विपक्षीनेताओं ने चुनाव आयोग पर लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि आयोग ने जांच का आदेश देतेहुए किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार किया, जिससे यह मुद्दा एक बड़े राजनीतिकटकराव में बदल गया.