इंदौर कलेक्ट्रेट में सार्वजनिक शिकायत सुनवाई के दौरान एक परेशान दिहाड़ी मजदूरफूट-फूटकर रोने लगा, क्योंकि उसका नाम कथित तौर पर एसआईआर प्रक्रिया के दौरानमतदाता सूची से हटा दिया गया था. बार-बार आने, दस्तावेज जमा करने और आर्थिक नुकसानके बावजूद, उसका दावा है कि उसकी शिकायत पर कभी ध्यान नहीं दिया गया, जिससेसार्वजनिक सुनवाई की प्रभावशीलता और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठते हैं.