IPAC को लेकर एक नया विवाद तब खड़ा हो गया जब एक जांच में पाया गया कि राजनीतिकपरामर्श कंपनी द्वारा 2021 में प्राप्त किए गए ₹13.5 करोड़ के असुरक्षित ऋण पर सवालउठ सकते हैं - क्योंकि जिस कंपनी से उसने ऋण लेने का दावा किया था, वह आधिकारिकरिकॉर्ड में मौजूद नहीं है. पूरा विवाद समझने के लिए देखिए वीडियो.