जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा मामले की सुनवाई कर रहे थे. दोनोंजजों ने मामले में विभाजित निर्णय सुनाया है. हालांकि, मामले को बड़ी बेंच के पासनहीं भेजा गया है. क्योंकि मृतक का शव लगभग 20 दिनों से मोर्चरी में पड़ा है. ऐसेमें अदालत ने याचिकाकर्ता की मांग से इतर शव को दूसरे गांव में दफनाने का अंतिमफ़ैसला सुना दिया है. पूरा मामला समझने के लिए देखिए वीडियो.