The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Worlds first ever white Iberian Lynx spotted in Spain

पहली बार कैमरे में कैद हुआ ये सफेद जानवर कौन है?

इबेरियन लिंक्स को नेचर फोटोग्राफर एंजेल हिडाल्गो ने अपने कैमरे में कैद किया है. एंजेल ने जिस इबेरियन लिंक्स की फोटो ली है, वो ल्यूसिस्टिक (leucistic) कंडीशन से ग्रस्त है.

Advertisement
pic
30 अक्तूबर 2025 (पब्लिश्ड: 10:00 PM IST)
Worlds first ever white Iberian Lynx spotted in Spain
वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF) के अनुसार, इबेरियन लिंक्स (Lynx pardinus) यूरेशियन लिंक्स से छोटा और हल्का होता है. (फोटो- X)
Quick AI Highlights
Click here to view more

दक्षिणी स्पेन की Jaen पहाड़ियों में एक ऐसा नजारा दिखा, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं. यहां एक नेचर फोटोग्राफर ने दुनिया की पहली सफेद वनबिलाव (Iberian lynx) को कैमरे में कैद कर लिया. ये लिंक्स ल्यूसिस्टिक (leucistic) कंडीशन से ग्रस्त है, जिस वजह से वो सफेद दिखती है.

कई प्रयासों बाद मिली सफलता

इस इबेरियन लिंक्स को नेचर फोटोग्राफर एंजेल हिडाल्गो ने अपने कैमरे में कैद किया है. इंडिया टुडे में छपी रिपोर्ट के मुताबिक एंजेल सालों से उस इलाके में कैमरे ट्रैप लगाते रहे हैं. कई असफल प्रयासों और घंटों की मेहनत के बाद उन्हें ये फोटो मिली है. एंजेल बताते हैं,

"मैं सालों से कैमरे लगा रहा हूं. कई असफलताओं का सामना किया, लेकिन इस बार प्रकृति ने मुझे कुछ वाकई अनोखा भेंट किया."

एंजेल ने जिस इबेरियन वन बिलाव की फोटो ली है, वो ल्यूसिस्टिक (leucistic) कंडीशन से ग्रस्त है. ये एक तरह की हेरिडिटी कंडीशन होती है. इस स्थिति में जानवर की त्वचा और बालों में पिगमेंटेशन कम हो जाता है, जिससे उसका रंग क्रीम या सफेद दिखता है. ये एल्बिनिज्म से अलग है, जहां रंग पूरी तरह नहीं दिखते हैं. और आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ता है.

वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF) के अनुसार, इबेरियन लिंक्स (Lynx pardinus) यूरेशियन लिंक्स से छोटा और हल्का होता है. लंबी टांगें, कान पर बालों के गुच्छे और छोटी, काली नोक वाली पूंछ इसकी पहचान हैं. ये भूरे-पीले रंग की होती है, जिसमें काले धब्बे बिखरे होते हैं. ये प्रजाति एक समय विलुप्ति होने की कगार पर पहुंच गई थी.

2000 है लिंक्स की संख्या  

2002 में लिंक्स के केवल दो अलग-थलग प्रजनन समूह बचे थे. लेकिन गहन संरक्षण प्रयासों ने चमत्कार कर दिखाया. कैद में प्रजनन, आवास पुनर्स्थापना और शिकार प्रजातियों (जैसे खरगोश) की बहाली से 2015 तक वयस्क लिंक्सों की संख्या 400 तक पहुंच गई. 2025 तक ये आंकड़ा लगभग 2,000 हो गया है. ये सफलता यूरोप की सबसे प्रभावी संरक्षण कहानियों में से एक है.

ये ल्यूसिस्टिक लिंक्स संरक्षण की सफलता का प्रतीक है. दशकों की मेहनत से प्रजाति में विविधता लौट आई है, जो भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसी दुर्लभ म्यूटेशन प्रजाति के लचीलापन को दर्शाता है. संरक्षण एजेंसी स्पेनिश वाइल्डलाइफ सर्विस अब इस लिंक्स की निगरानी कर रही हैं.

वीडियो: सोशल लिस्ट: WhatsApp का End-to-end encryption सिर्फ़ दिखावा? मजाक के चक्कर में सच खुला या Confusion?

Advertisement

Advertisement

()