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हिमाचल के धार्मिक कार्यक्रम में परंपरा के नाम पर फायरिंग, गोली लगने से महिला की मौत

रितिका को सिविल अस्पताल रोहड़ू ले जाया गया. उनका काफी खून बह चुका था. इलाज के दौरान रितिका की मौत हो गई. वो 26 साल की थीं. उनके दो छोटे बच्चे हैं.

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27 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 27 अप्रैल 2026, 09:13 PM IST)
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महिला के दो छोटे बच्चे हैं. (तस्वीर- इंडिया टुडे)
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हिमाचल प्रदेश में देवलू यानी देवता की पूजा के दौरान व्यक्ति ने ही हवाई फायरिंग कर दी. गोली एक औरत को लग गई जिसकी मौत हो गई है. इसके बाद इलाके में बवाल हो गया.

घटना शिमला के रोहड़ू की है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, रोहड़ू में 26 अप्रैल की रात एक मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम रखा गया था. सेलिब्रेशन चल रहा था. गांव के लोग मंदिर के पास मौजूद थे और हर देव कार्यक्रम की तरह पारंपरिक पहाड़ी नृत्य ‘नाटी’ किया जा रहा था. तभी एक व्यक्ति ने हवा में गोली चला दी, जो रितिका नाम की लड़की को लग गई. तुरंत अफरा-तफरी मच गई.

रितिका को सिविल अस्पताल रोहड़ू ले जाया गया. उनका काफी खून बह चुका था. इलाज के दौरान रितिका की मौत हो गई. वो 26 साल की थीं. उनके दो छोटे बच्चे हैं.

हिमाचल के कई देव अनुष्ठानों में हवाई फायरिंग एक आम परंपरा मानी जाती है. सोशल मीडिया पर आपने इस तरह के कई वीडियो भी देखे होंगे, जिनमें देवता की पूजा के दौरान हवाई फायरिंग की जा रही हो. मान्यता के अनुसार, देव कार के दौरान देवलू यानी देवता के पुजारी फायरिंग करते हैं. सिर्फ पुजारी नहीं, आम लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं. कोई सख्त प्रोटोकॉल नहीं है. 

और सिर्फ बंदूकें नहीं इन आयोजनों में लोग तलवारें, डांगरू और खुखरी जैसे हथियारों के साथ पहुंचते हैं, नृत्य करते हैं. इन कार्यक्रमों में भीड़ बहुत ज्यादा होती है, जिससे किसी भी समय अनहोनी का खतरा बना रहता है. लेकिन परंपरा के नाम पर न तो प्रशासन सख्ती दिखाता है और न ही समाज इस पर खुलकर सवाल उठाता है.

हालांकि अब रितिका की मौत ने सभी को हिला कर रख दिया है. लोगों में गुस्सा है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. बढ़ती लापरवाही और दिखावे की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों रजत सोहता और अमित अक्का को गिरफ्तार कर लिया है. इन दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) और Arms Act 1959 की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

घटना को लेकर लोगों का गुस्सा तब और बढ़ गया, जब अस्पताल से रितिका की बॉडी वापस लाने के लिए एम्बुलेंस तक नहीं मिल पाई. उनकी बॉडी को एक रेत से भरी गाड़ी में लादकर वापस भेजा जा रहा था.

रितिका के परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. यही नहीं, इस घटना के बाद इस तरह की परंपराओं पर रोक की भी मांग उठ रही है.

वीडियो: शिमला में हिमाचल पुलिस और दिल्ली पुलिस आपस में क्यों भिड़े?

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