The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • woman give birth on cot chhindwara madhya pradesh viral video

सड़क नहीं, पुल भी नहीं... MP में खाट पर हुई महिला की डिलीवरी, रास्ते में फंसी एंबुलेंस

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक महिला की खाट पर डिलीवरी करानी पड़ी, क्योंकि बारिश की वजह से एंबुलेंस नहीं आ सकी. इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है. गांवों में बुनियादी सुविधाओं की कितनी कमी है, इसकी पुष्टि यह घटना करती है.

Advertisement
pic
pic
विभावरी दीक्षित
| शुभम कुमार
29 जून 2026 (पब्लिश्ड: 03:53 PM IST)
chhindwara madhya pradesh
मध्य प्रदेश में एक महिला की खाट पर ही डिलीवरी हुई. (फोटो- इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक वीडियो आया है. इसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि गांवों में अब भी स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी है. वीडियो में एक खाट है. उसे चार लोगों ने अपने कंधे पर उठा रखा है. उस खाट पर है एक गर्भवती महिला जिसका नौवां महीना चल रहा है. पति ने एम्बुलेंस बुलाई. मगर बारिश की वजह से पानी इतना भर गया कि एम्बुलेंस आ नहीं पाई. जिसकी वजह से महिला को बीच रास्ते खाट पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा.  

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना जिले के हथोडा हिरी गांव का है. 24 जून को 35 साल की सविता विश्वकर्मा को लेबर पेन शुरू हुआ. उनके पति शंकर विश्वकर्मा ने अस्पताल के लिए एंबुलेंस को फोन किया. बहुत देर तक इंतज़ार किया. लेकिन एंबुलेंस नहीं आई. पता चला कि बारिश की वजह से नदी का उफान तेज़ हो गया है. और इसलिए एंबुलेंस उसे पार करके गांव तक नहीं आ सकती.

खाट पर हुई डिलीवरी

रिपोर्ट के मुताबिक, जब कोई रास्ता नहीं बचा तो घरवालों को खाट के सहारे सविता को ले जाना पड़ा. महिला ने उसी खाट में बच्चे को जन्म दिया. नदी पार करने के बाद सविता और बच्चे को बाइक से अमरवाड़ा सिविल अस्पताल ले गए. और आगे का इलाज हुआ. फिलहाल मां और बच्चा दोनों ठीक हैं.

इस गांव में रहने वाले 20 परिवारों का हर साल बारिश में यही हाल होता है. गांव को शहर से जोड़ने वाला इकलौता रास्ता पानी से भर जाता है. और आने-जाने में ऐसे ही दिक्कतें होती हैं. महिला के देवर गोपाल विश्वकर्मा ने बताया कि हर साल उनके गांव में बारिश के मौसम में पानी भर जाता है. इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने बताया,

‘हर मानसून में ऐसे हालात बनते हैं. हमने कई बार पुल और अच्छी सड़क की मांग की है. लेकिन ना तो अधिकारियों और ना ही जन-प्रतिनिधियों ने इस पर ध्यान दिया. स्कूली बच्चों को भी रोज़ नदी पार करनी पड़ती है. हमने जनपद पंचायत और SDM को शिकायतें दी हैं और चुने हुए प्रतिनिधियों को भी जानकारी दी है, लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की.’

ये भी पढ़ें: नॉर्मल डिलीवरी बोल ऐन वक्त कर दी सर्जरी, डेढ़ साल बाद महिला के पेट से निकला कपड़ा

अस्पताल ने क्या बताया?

इस घटना पर बात करते हुए अमरवाड़ा सिविल अस्पताल ने कहा कि एंबुलेंस गांव तक क्यों नहीं पहुंची, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा,

‘हमें नहीं पता कि एम्बुलेंस गर्भवती महिला तक समय पर क्यों नहीं पहुंच पाई. 108 एम्बुलेंस सर्विस भोपाल कंट्रोल रूम से ऑपरेट होती है. मां और नवजात बच्चा हमारे अस्पताल पहुंच चुके हैं और दोनों स्वस्थ हैं.’

रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद गांव वालों ने फिर से मांग रखी है कि उनके गांव में पुल बनाया जाए. ताकी हर मौसम में आने-जाने का रास्ता सुरक्षित रहे. और फिर किसी महिला को इस तरह दर्द में तड़पना ना पड़े.

वीडियो: राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने जोधपुर सीजेरियन डिलीवरी मामले पर क्या कहा कि विवाद खड़ा हो गया?

Advertisement

Advertisement

()