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फ्रीज अकाउंट से निकाल लिए करोड़ों रुपये, बैंक मैनेजर पर 'मिलीभगत' का आरोप

ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने सेक्टर-83 गुरुग्राम के एक्सिस बैंक अकाउंट को 14 जून 2023 को फ्रीज करने को कहा था. आरोप है कि बैंक अकाउंट में 2.60 करोड़ रुपये बैंक मैनेजर से ‘मिलीभगत’ कर निकाल लिए गए.

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Withdrawal of Rs 2.60 crore from a frozen bank account, FIR registered against three Including Bank Manager
फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. (फाइल फोटो- इंडिया टुडे)
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रिदम कुमार
10 जून 2025 (पब्लिश्ड: 03:15 PM IST)
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फ्रीज किए गए बैंक अकाउंट से 2.60 करोड़ रुपये निकालने का मामला सामने आया है. दावा है कि बैंक मैनेजर की कथित ‘मिलीभगत’ यह रकम निकाली गई. पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. फिलहाल मैनेजर समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तार नहीं हुई.

दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, मामला 2022 का है. तब NSG के पूर्व डिप्टी कमांडेंट और उनके परिवार के सदस्यों पर धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में पांच FIR दर्ज हुई थीं. मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से ED भी जांच कर रही थी. 

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ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने सेक्टर-83 गुरुग्राम के एक्सिस बैंक अकाउंट को 14 जून 2023 को फ्रीज करने को कहा था. आरोप है कि बैंक अकाउंट में 2.60 करोड़ रुपये बैंक मैनेजर से ‘मिलीभगत’ कर निकाल लिए गए. जांच के बाद इस मामले में निशा यादव, किरण पाल यादव और दीपक कुमार के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.

क्या है पूरा मामला

जनवरी 2022 में NSG के पूर्व डिप्टी कमांडेंट और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी. इनमें NSG डिप्टी कमांडेंट प्रवीण यादव, दिनेश मोहन सोरखी, कमल सिंह, ममता यादव, कोशिया इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, ऋतुराज यादव, नवीन खटोदिया, एक्सिस बैंक और अज्ञात व्यक्तियों के नाम शामिल थे. मामले में ED ने भी मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) की जांच शुरू की. NSG के पूर्व डिप्टी कमांडेंट और उनके परिवार के सदस्यों के करोड़ों रुपये कुर्क किए गए थे.

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अख़बार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में पता चला कि प्रवीण यादव ने मानेसर स्थित सेंट्रल वेयर हाउस के लिए एक फर्ज़ी बैंक अकाउंट खोला था. इसके लिए फेक डॉक्यूमेंट्स दिए गए थे. शिकायत करने वालों से धोखे से पैसे लिए गए. इनका इस्तेमाल ट्रेडिंग खातों में निवेश करके किया गया था. ED ने इस मामले में कहा कि ममता, ऋतुराज यादव, नवीन और दिनेश कुमार की मदद से चल और अचल संपत्तियां भी खरीदी थीं. आरोपियों ने ज़मीन और लग्ज़री कारें खरीदकर पैसे को डायवर्ट किया था. 

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