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प्रधानमंत्री बनने ही वाली थीं सोनिया गांधी, तभी राहुल गांधी ने कुछ ऐसा कहा, फैसला बदल गया

Sonia Gandhi ने 2004 में प्रधानमंत्री का पद छोड़ दिया था. वरिष्ठ पत्रकार Neerja Chowdhury ने उन सभी बातों के बारे में बताया, जो सोनिया गांधी के ऐसा कदम उठाने की वजह बनीं.

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सोनिया गांधी (बाएं) और राहुल गांधी (दाएं) के बीच माहौल तनावपूर्ण था.
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मौ. जिशान
7 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 7 फ़रवरी 2026, 11:01 PM IST)
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साल 2004 के आम चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व में यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस (UPA) नेभारतीय जनता पार्टी की अगुआई वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) को सत्ता से बेदखल कर दिया. इसके बाद पूरे देश की निगाहें इस सवाल पर टिक गईं कि भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? कांग्रेस संसदीय दल ने सोनिया गांधी को अपना नेता चुना और सहयोगी दल भी यही चाहते थे कि सोनिया गांधी प्रधानमंत्री बनें. लेकिन ऐन मौके पर सोनिया गांधी ने यह पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया. इस फैसले के पीछे क्या वजह थी, इसके बारे में सीनियर पत्रकार नीरजा चौधरी ने विस्तार से बताया है.

दी लल्लनटॉप के शो 'गेस्ट इन द न्यूजरूम' में इस बार हमारी मेहमान 12 प्रधानमंत्रियों को कवर करने वालीं सीनियर जर्नलिस्ट नीरजा चौधरी बनीं. दी लल्लनटॉप के संपादक कुलदीप मिश्रा से बातचीत में उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी का प्रधानमंत्री न बनना सिर्फ विपक्ष के दबाव या 'विदेशी मूल' के मुद्दे तक सीमित नहीं था. उनके मुताबिक, असली वजह गांधी परिवार के भीतर हुई बातचीत और खासतौर पर राहुल गांधी की चिंता थी. नीरजा चौधरी के अनुसार,

"सोनिया गांधी को कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी ने अपना नेता चुन लिया था. रविवार को उनके घर डिनर था, जिसमें तमाम क्षेत्रीय दलों के नेता आए थे. उस वक्त UPA की यही इच्छा थी कि सोनिया गांधी प्रधानमंत्री बनें. लेकिन सोमवार को पूरी कहानी पलट गई, जिसके बारे में नटवर सिंह (पूर्व विदेश मंत्री) ने मुझे बताया. सोमनाथ चटर्जी (पूर्व लोकसभा स्पीकर) और विश्वनाथ प्रताप सिंह (पूर्व प्रधानमंत्री) ने भी यही बताया."

नीरजा चौधरी ने आगे कहा,

"सोमनाथ चटर्जी और विश्वनाथ प्रताप सिंह ने मुझसे कहा था कि हम तो चाहते थे कि सोनिया गांधी प्रधानमंत्री बनें, लेकिन अगर उनके अपने बच्चे ही नहीं चाहते थे तो हम क्या कर सकते थे?"

इस पूरे घटनाक्रम पर नीरजा चौधरी ने विदेश मंत्री नटवर सिंह के बयान का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने अपनी किताब में भी कोट किया है. चौधरी के मुताबिक, नटवर सिंह ने उन्हें बताया कि एक मीटिंग के दौरान सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और मनमोहन सिंह एक कमरे में थे. नटवर सिंह भी मनमोहन सिंह को ढूंढते हुए वहां पहुंच गए और स्टाफ ने उन्हें अंदर जाने दिया, क्योंकि वे अक्सर आते-जाते रहते थे. इसी दौरान राहुल गांधी वहां आए और उन्होंने अपनी मां से बेहद भावुक शब्दों में कहा,

"अगर आप प्रधानमंत्री बनीं, तो मैं अपने साथ कुछ बहुत बुरा कर लूंगा."

नीरजा चौधरी के अनुसार, “इसी तरह के शब्द थे और सोनिया गांधी बहुत परेशान हो गई थीं.”

Rahul Gandhi Sonia Gandhi 2004
(PTI)

उन्होंने आगे बताया कि नटवर सिंह के मुताबिक राहुल गांधी ने अपनी मां से कहा,

"मेरी दादी (पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को मार दिया. मेरे पिता (पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी) को मार दिया. छह महीने में आपको मार देंगे. मैं नहीं चाहता कि ऐसा कुछ हो."

राहुल गांधी को डर था कि प्रधानमंत्री बनने के बाद सोनिया गांधी की जान को गंभीर खतरा हो सकता है. नीरजा चौधरी के शब्दों में,

“नटवर सिंह ने ऑन द रिकॉर्ड कहा कि राहुल की वजह से ही सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री न बनने का फैसला किया.”

यह सोनिया गांधी के लिए बड़ी दुविधा थी. एक तरफ देश का प्रधानमंत्री बनना और दूसरी तरफ उनकी सुरक्षा को लेकर उनके बच्चों की चिंता. चौधरी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का पद छोड़कर वे पूरे देश में कबूल की गईं. उन्होंने कहा कि पीएम की पोस्ट उनकी पहुंच में था, लेकिन उन्होंने फिर छोड़ दिया. नीरजा चौधरी ने सवाल किया, "प्रधानमंत्री पद कौन छोड़ता है? आप इसे बलिदान कहिए या कुछ और."

वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: अटल बिहारी वाजपेयी क्यों बनाना चाहते थे अलग पार्टी? पत्रकार नीरजा चौधरी ने सब बताया

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