The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Why India Choose Operation Sindoor Name After Pahalgam Attack

पहलगाम के बदले का नाम 'ऑपरेशन सिंदूर' ही क्यों?

Operation Sindoor: एक तस्वीर जो पहलगाम हमले का प्रतीक बनी, इसमें एक पत्नी थी जिनके पति की हत्या कर दी गई थी. कई और महिलाओं की कहानियां सामने आईं. आतंकियों ने 'सिंदूर' पर खून के छींटे छोड़े थे. भारतीय सेना ने 'सिंदूर' को पाकिस्तान के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज कर दिया.

Advertisement
Operation Sindoor Name
भारतीय सेना ने 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया है. (सांकेतिक तस्वीर: AI)
pic
युद्धजीत शंकर दास
font-size
Small
Medium
Large
7 मई 2025 (अपडेटेड: 7 मई 2025, 09:22 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor). तारीख 22 अप्रैल, 2025. पहलगाम में आतंकी हमला हुआ. 26 आम नागरिकों की हत्या हुई. कुछ तस्वीरें सामने आईं. इन्हीं में से एक तस्वीर थी- हिमांशी नरवाल की. उनकी शादी के मात्र छह दिन हुए थे कि उनके पति को आतंकियों ने गोली मार दी. तस्वीर में हिमांशी अपने पति नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के शव के पास घुटनों के बल बैठी थीं. बहुत समय नहीं लगा जब ये तस्वीर, इस त्रासदी का प्रतीक बन गई.

आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद जब हिमांशी अपने पति को श्रद्धांजलि दे रही थीं, तब उनकी मांग में सिंदूर नहीं था. 

Image embed
पहलगाम हमले के बाद की तस्वीर

ऐसी ही कहानी उत्तर प्रदेश के कानपुर की एशान्या की है. उनके पति शुभम द्विवेदी को भी इस हमले में मार दिया गया. आपबीती बताते हुए वो कहती हैं कि उनके पति को अगर कुछ और सेकंड का समय मिलता, तो वो एशान्या को 'आई लव यू' कहते… 

पति के बारे में पूछा और गोली मारी

एशान्या ने बताया कि हमले के वक्त वो अपने पति के साथ थीं. हमलावर आया, उसने उनके पति के बारे में पूछा. इससे पहले कि वो अपना जवाब पूरा कर पाते, आतंकी ने गोली मारनी शुरू कर दी. महिला को ये कहकर छोड़ दिया, “जाओ मोदी को बताना यहां क्या हुआ?” 

ऐसी कई महिलाएं थीं जिनकी मांगों से सिंदूर मिटा दिए गए. आतंकियों ने अपनी बर्बरता दिखाई. लोगों के सिर में गोली मारी. कई गोलियां मारी. खासकर पुरुषों को. आतंकियों ने एक मैसेज देने की कोशिश की.

स्पष्ट मैसेज है

तारीख 7 मई, 2025. एकदम तड़के सुबह, भारतीय सेना एक तस्वीर पोस्ट की- Operation Sindoor. तस्वीर में सिंदूर भी दिखाया गया. मैसेज स्पष्ट था- पहलगाम का बदला. भारत ने उन मिटाए गए सिंदूरों के बदले की शुरुआत कर दी. कुछ ही घंटों में, सिंदूर अब भारतीय विवाहित महिलाओं के माथे की चमक भर नहीं रह गया. अब ये न्याय, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और बदले का भी प्रतीक बन गया.

Image embed

मैसेज स्पष्ट है- पाकिस्तान को उसी की भाषा में मुंहतोड़ जवाब. पीड़ा के जिस पहलु को आतंकियों ने निशाना बनाया, जो इस हमले का प्रतीक बना, भारत ने पाकिस्तान के इतिहास पर उस प्रतीक को अंकित किया. ठीक उन्हीं आतंकियों की भाषा में. 

पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए संतोष जगदाले की बेटी कहती हैं कि इस ऑपरेशन का नाम सुनकर ही वो बहुत रोईं. उन्होंने कहा,

Image embed
Image embed

पहलगाम हमले के पीड़ित मंजूनाथ राव के रिश्तेदार रवि किरण ने भी कुछ ऐसा ही कहा. उन्होंने कहा, 

Image embed
Image embed

ऑपरेशन सिंदूर लाइव अपडेट: भारत ने लश्कर के ठिकानों पर दागी मिसाइलें, इन 9 जगहों पर हुआ एयर स्ट्राइक

योद्धा का प्रतीक है सिंदूर

सिंदूर का महत्व वैवाहिक जीवन भर नहीं है. इसकी महता बढ़ाते हैं- योद्धा. भारत में योद्धा जब युद्ध के लिए जाते जाते थे, तब अपने माथे पर टीका या तिलक लगाते थे, जो प्रायः सिन्दूर का होता था.

राजपूतों और मराठा योद्धाओं को उनके माथे पर लाल चमकते हुए निशान के साथ दिखाया गया है. 

भारत ने ये स्पष्ट किया है कि ये हमला उन्हीं जगहों पर किया गया है जहां से आंतकी साजिश बनाए जाते थे. 

वीडियो: पाकिस्तान में यहां बैठे थे आतंकी, इन जगहों पर एक्शन, नक्शे से समझिए

इस पोस्ट से जुड़े हुए हैशटैग्स

Advertisement

Advertisement

()