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भागकर शादी पर HC की फटकार, कहा– ‘मां-बाप के पास जाओ’, फिर दी सुरक्षा

बेंच ने यह सवाल उठाया कि क्या माता-पिता का अपने बच्चों की शादी के फैसलों पर कोई भी हक नहीं होना चाहिए? भले ही वे बच्चे बालिग ही क्यों न हों.

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22 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 07:24 PM IST)
Why Have You Come Here Go To Your Parents No Place Here For Those Who Dont Respect Parents says Uttarakhand HC to runaway couple
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने कपल पर टिप्पणी की है (PHOTO-X)
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने घर से भागकर शादी करने वाले एक कपल से कहा कि वो कोर्ट में क्यों आए हैं. उन्हें उनके माता-पिता के पास जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि जिस मां-बाप ने उन्हें पैदा किया, क्या बच्चों के लिए उनकी इच्छाओं का कोई महत्व नहीं है. कपल ने परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर शादी की थी और कोर्ट में अपने लिए सिक्योरिटी की मांग की थी. इस याचिका को सुनते हुए कोर्ट ने पहले तो दोनों को खूब सुनाया लेकिन बाद में पुलिस को आदेश दिया कि वो कपल को जरूरी सुरक्षा दें. 

यह मामला 18 साल की लड़की और 21 साल के एक लड़के का है. दोनों ने हाल ही में एक मंदिर में शादी की थी. कोर्ट को बताया गया कि महिला के रिश्तेदारों को यह शादी मंजूर नहीं थी और वे इस जोड़े को धमकियां दे रहे हैं. इस मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश थपलियाल की. इसी दौरान कोर्ट ने अपील करने वाले कपल से पूछा कि क्या माता-पिता का अपने बच्चों की शादी के फैसलों पर कोई भी हक नहीं होना चाहिए? भले बच्चे बालिग ही क्यों न हों. Law Chakra की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा,

“यह किस तरह की शादी है? सिर्फ इसलिए कि वे बालिग हैं तो वे कुछ भी करेंगे? जिन माता-पिता ने उन्हें जन्म दिया, उनकी कोई राय नहीं होगी? पहले तो वे उन लोगों से पूछते ही नहीं जिन्होंने उन्हें पाला-पोसा. फिर उन पर धमकियां देने का आरोप लगाते हुए याचिका दायर कर देते हैं. समाज किस दिशा में जा रहा है? मां और पिता ने उन्हें जन्म दिया है. फिर भी उनकी इच्छाओं का कोई महत्व नहीं है.”

मामले पर सुनवाई कर रहे जज ने कहा कि कपल को कोर्ट से मदद मांगने की जगह अपने परिवारों के पास वापस जाना चाहिए. जज ने कहा,

"पहले जाकर अपने माता-पिता से पूछो. उन्होंने तुम्हें जन्म दिया और इतनी मुश्किलों से पाला-पोसा. अब वे तुम्हारे दुश्मन बन गए? तुम्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है और तुम चाहते हो कि हम पुलिस को निर्देश दें कि तुम्हारे माता-पिता को अरेस्ट करे. सिर्फ इसलिए क्योंकि तुम्हें शादी करनी है? 10 लाख रुपये के जुर्माने के साथ याचिका खारिज की जाती है! वे यहां क्यों आए हैं? अपने माता-पिता के पास जाओ. 

रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने कपल से ये भी कहा कि जो लोग अपने माता-पिता का सम्मान नहीं करते, उनके लिए यहां कोई जगह नहीं है. उन्होंने उनसे अपने रहने और सुरक्षा का ध्यान खुद रखने के लिए कहा और बोले कि कानून ऐसे लोगों का साथ नहीं दे सकता. सुनवाई के दौरान ही कोर्ट ने महिला की मां का फोन नंबर मांगने के लिए कार्यवाही को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया. कोर्ट ने महिला की मां से बात करने की इच्छा जाहिर की. कोर्ट ने कहा कि वो उनकी मां से बात करेंगे. कम से कम मां को ये पता हो वो कि उनकी बेटी यहां है. अगर कल को वो आकर यहां कहने लगें कि हमने शादी की इजाजत कैसे दी, तो हम क्या कहेंगे?

हालांकि जज की महिला के माता-पिता से बात नहीं हो पाई. 

युवक और युवती को सुनाने के बाद अंत में कोर्ट ने आदेश दिया कि उनकी उम्र और शादी को देखते हुए राज्य के अधिकारियों को उनकी सुरक्षा करनी होगी. अदालत ने कहा कि पुलिस इस जोड़े पर मंडरा रहे खतरे का आंकलन करे और उनकी जान और आजादी की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए. अदालत ने पुलिस को यह निर्देश भी दिया कि वह महिला के माता-पिता को चेतावनी दे कि वे कानून को अपने हाथों में न लें.

वीडियो: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संभल के अफसरों को क्यों फटकार लगाई?

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