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अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का केस कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी कौन हैं?

Ashutosh Brahmachari: याचिका लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि माघ मेले में उन्हें दो बच्चे मिले, जिन्होंने दावा किया कि गुरुसेवा के नाम पर उनका यौन शोषण किया गया है.

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Ashutosh brahmchari
आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. (india today)
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राघवेंद्र शुक्ला
21 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 08:31 PM IST)
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Who is Ashutosh Brahmachari: आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाते हुए कोर्ट से उन पर एफआईआर दर्ज करने की अर्जी लगाई थी. प्रयागराज की स्पेशल कोर्ट ने उनकी ये अर्जी स्वीकार कर ली और आदेश दिया कि अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरि पर केस दर्ज किया जाए. आरोप लगाया गया है कि अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम में नाबालिगों का यौन शोषण किया जाता है. ये आरोप स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ में माघ मेले के समय से ही चल रहे 'झगड़े' के बीच आया है.

याचिका लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि माघ मेले में उन्हें दो बच्चे मिले, जिन्होंने दावा किया कि गुरुसेवा के नाम पर उनका यौन शोषण किया गया है. ये वही आशुतोष ब्रह्मचारी हैं, जिन्होंने जनवरी 2026 में माघ मेले के दौरान आरोप लगाया था कि अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर के पास उन पर जानलेवा हमला किया गया. आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया था कि माघ मेले में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति यात्रा के दौरान श्रीकृष्ण सेना के लोग जब अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर के पास से गुजर रहे थे, तब उन पर हमला किया गया. इस मामले में अविमुक्तेश्वरानंद, अरविंद मिश्रा और मुकुंदानंद समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया. 

ये आरोप मौनी अमावस्या के दिन हुई उस घटना के ठीक बाद लगाया गया, जिसमें अविमुक्तेश्वरानंद पालकी पर संगम स्नान के लिए जाने की जिद पर अड़े थे और प्रशासन उन्हें ऐसा करने से रोक रहा था. इसी के बाद से प्रशासन और शंकराचार्य के बीच विवाद ने जोर पकड़ा, जिसमें बाद में योगी आदित्यनाथ की भी एंट्री हुई. सीएम योगी ने विधानसभा में नाम लिए बिना अविमुक्तेश्वरानंद को ‘कालनेमि’ कह दिया था. इस पर पलटवार करते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी की तुलना औरंगजेब से कर दी. 

कौन हैं आशुतोष ब्रह्मचारी

आशुतोष ब्रह्मचारी तुलसी पीठ के स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य हैं. रामभद्राचार्य की अविमुक्तेश्वरानंद से बनती नहीं है. अक्सर अपने विवादित बयानों के साथ दोनों आमने-सामने हो जाते हैं. मौनी अमावस्या वाले विवाद पर रामभद्राचार्य ने कह दिया था कि अविमुक्तेश्वरानंद के साथ अन्याय नहीं हुआ था बल्कि वो खुद अन्याय कर रहे थे. उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद को ‘फर्जी शंकराचार्य’ भी बताया था. 

आशुतोष ब्रह्मचारी उन्हीं रामभद्राचार्य के शिष्य हैं. उन्होंने उनसे साल 2022 में दीक्षा ली थी. इसके बाद से ही वो संन्यासी जीवन जी रहे हैं. आशुतोष पांडेय उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी मूलतः शामली जिले के कांधला के रहने वाले हैं. यहीं के रहने वाले राजेंद्र पांडेय के घर पर उनका जन्म हुआ. आशुतोष के पिता राजेंद्र दिल्ली रोड पर चलने वाली प्राइवेट बस में कंडक्टर का काम करते थे. कांधला में प्राचीन शाकंभरी सिद्धपीठ है, जिसकी कमेटी से भी वह जुड़े हैं. वो इसके प्रबंधक भी हैं. आशुतोष के चाचा प्रदीप पांडेय मंदिर के पुजारी हैं. 

रामभद्राचार्य से दीक्षा लेने के बाद वो इस पीठ के महंत बने. मथुरा में रहने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण नाम के ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं. वो श्रीकृष्णजन्मभूमि बनाम शाही ईदगाह मस्जिद मामले में पक्षकार भी हैं. इसे लेकर उन्होंने संत समागम जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं. उनके यूट्यूब चैनल पर ऐसे कार्यक्रमों का न्योता देते भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से मिलने की तस्वीरें हैं. जिन नेताओं से उनकी मुलाकात है, उनमें यूपी के पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और भाजपा नेता सतपाल महाराज शामिल हैं.

यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के साथ भी उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है. हालांकि, इस विवाद में ब्रजेश पाठक के बयान इशारा करते हैं कि वो शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हैं. हाल ही में उन्होंने शंकराचार्य के शिष्यों के साथ माघ मेले में चोटी पकड़ने की घटना की निंदा की थी. 

हालांकि, आशुतोष महाराज लगातार अविमुक्तेश्वरानंद को निशाने पर लेते रहे हैं. मारपीट के मुकदमे के बाद उन्होंने दावा किया कि माघ मेले के दौरान उन्हें दो बच्चे मिले थे, जिन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में अपने साथ हुए यौन शोषण की बात बताई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिष्य मुकुंदानंद के साथ मिलकर बच्चों को गुरुसेवा के नाम पर गुमराह करते थे और फिर उनके आश्रम में उन बच्चों के साथ यौन शोषण किया जाता था. उन्होंने इस घटना से जुड़ी सीडी होने का भी दावा किया था.

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