सरकारी योजना के लिए दी गई 'घूस' वापस लो... अब TMC नेता घर-घर जाकर पैसा वापस दे रहे
Cut Money West Bengal: गांववालों ने आरोप लगाया कि 'आवास योजना' का फायदा पाने और किश्तों में देरी से बचने के लिए 5,000 रुपये से 25,000 रुपये तक कमीशन देने के लिए मजबूर किया गया था. उनका दावा है कि पिछली TMC सरकार में कई परिवारों ने डर के मारे ये पैसे दिए थे.

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में अलग ही आलम चल रहा है. लोगों से वसूली गई 'कटमनी' वापस की जा रही है. TMC नेता ने 'कटमनी' का पैसा 4 जून तक वापस करने का वादा किया है. जिन्हें पैसा मिलना है, वे लोग लाउडस्पीकर से ऐलान करके TMC नेता को उसका वादा याद दिला रहे हैं. ‘आवास योजना’ का फायदा दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से 'कटमनी' वसूली गई थी.
पश्चिम बंगाल में सरकारी योजना या विकास फंड का फायदा पहुंचाने के एवज में लोगों से कथित तौर पर जो गैर-कानूनी कमीशन वसूला जाता है, उसे 'कटमनी' कहते हैं. सरकार बदलने के बाद से कथित तौर पर 'कटमनी' लेने वाले TMC नेता डरे हुए हैं. कार्रवाई के डर से उन्होंने पैसा लौटाना शुरू कर दिया है.
इंडिया टुडे से जुड़े तापस सेनगुप्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों को 'कटमनी' लौटाने का ऐलान कूचबिहार साउथ के घुघुमारी ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 173 पर किया गया. कुछ दिन पहले ही लोगों ने TMC पंचायत सदस्य ज्योत्सना बर्मन के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था.
'आवास योजना' में जबरन वसूली 'कटमनी'गांववालों ने आरोप लगाया कि ‘आवास योजना’ का फायदा पाने और किश्तों में देरी से बचने के लिए 5,000 रुपये से 25,000 रुपये तक कमीशन देने के लिए मजबूर किया गया था. उनका दावा है कि पिछली TMC सरकार में कई परिवारों ने डर के मारे रंगदारी के पैसे दिए थे. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, ज्योत्सना बर्मन और अन्य नेताओं ने 4 जून तक लोगों को उनका पैसा वापस देने का वादा किया है.
लाउडस्पीकर से वादा याद दिलायाइसके बाद से ही लोग उन्हें वादा याद दिला रहे हैं, और प्रदर्शन कर रहे हैं. लाउडस्पीकर के अलावा गांववालों ने हाथों में प्लेकार्ड भी थामे हुए हैं. गांववालों का कहना है कि वे करीब से नजर रख रहे हैं कि 4 जून तक 'कटमनी' का पैसा वापस करने का वादा पूरा होता है या नहीं. अगर पैसा वापस नहीं हुआ, तो विरोध प्रदर्शन होगा.
'कटमनी' का पैसा वापस मिलना शुरूNDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों को पैसा वापस मिलना शुरू हो गया है. कूचबिहार के माथाभांगा में तृणमूल नेता 'कटमनी' लौटा रहे हैं. रविवार, 31 मई को पचगढ़ ग्राम पंचायत के फकीरेर कुठी इलाके में फरार TMC नेताओं के परिवार पैसे देने आए. पचगढ़ ग्राम पंचायत के बूथ प्रेसिडेंट तपन ने खुद कई गांववालों को पैसे लौटाए.
इलाके के प्रभावशाली तृणमूल नेता बाबई बर्मन की गैर-मौजूदगी में उनके पिता ने 'कटमनी' की रकम लौटाई. एक शख्स ने कहा कि उसने जमीन का विवाद सुलझाने के लिए एक TMC नेता को पैसे दिए थे, लेकिन कुछ हुआ नहीं. बाद में मैंने सुना का पैसा वापस किया जा रहा है. मैंने भी नाम लिखवा दिया और मुझे मेरा पैसा वापस मिल गया.
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