TMC राज वाले गुंडों 'डॉन' और 'गब्बर' को पुलिस ने कपड़े और बाल उतारकर सड़क पर घुमाया
West Bengal Police ने तीन आरोपियों की परेड निकाली. किसी के हाथ में हथकड़ियां थीं, तो किसी का सिर मुंडवा दिया गया. कच्छा और बनियान में आरोपियों को घुमाने पर TMC ने BJP सरकार पर निशाना साधा है.

'वक्त बदल गए, जज्बात बदल गए.' जब सरकार बदलती है, तो हालात बदल जाते हैं. पश्चिम बंगाल में जो अपराधी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज में कथित तौर पर धाक जमाते थे, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार आते ही उनकी धाक निकल गई. पुलिसिया कार्रवाई में पकड़े तीन बड़े आरोपियों की खुलेआम परेड निकाली गई. किसी के हाथों में हथकड़ी, तो किसी के सिर और दाढ़ी के बाल उतरवा दिए गए. पुलिस ने आरोपियों को कच्छा-बनियान और अधनंगे शरीर के साथ बंगाल की सड़कों पर घुमाया.
राजनीतिक छतरी जब सरकती है, तो ऐसा ही होता है. 2011 में TMC ने वामदल को सत्ता से बेदखल किया था, तब वामदलों से जुड़ें लोगों की यही कहानी थी. अब सत्ता बदलते ही वामदल जैसा हाल TMC से जुड़ाव रखने वाले लोगों के साथ होने लगा.
गुंडों का सिर मुंडवाकर परेड निकालीइंडिया टुडे से जुड़े अनुपम सिंह और शौनक सान्याल की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते दिनों हावड़ा के कुख्यात आरोपी आकाश सिंह को हावड़ा पुलिस ने बनियान और कच्छे में सड़कों पर घुमाया गया. इस दौरान वो हाफ पैंट और टी शर्ट में दिखा. आकाश सिंह को कुछ दिन पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार किया था.
जब पुलिस आकाश सिंह को लेकर हावड़ा की सड़कों पर दिखी तो आकाश सिंह के बाल और दाढ़ी काट दी गई थी. पुलिस ने आकाश सिंह के संबंध में मालीपांचघरा और गोलाबाड़ी पुलिस स्टेशनों के 'अपराध स्थल' का दौरा किया. उसे 'डॉन' के नाम से जाना जाता है. उस पर पुलिस अधिकारी पर गोली चलाने और हावड़ा में एक्सटॉर्शन गैंग चलाने का आरोप है.
शाहिन मोल्ला को बनियान में घुमायाहावड़ा में रंगदारी के आरोप में गिरफ्तार पूर्व ट्रैफिक होमगार्ड शाहिन मोल्ला उर्फ सानी को भी पुलिस ने बनियान में घुमाया. वो 4 दिन की पुलिस हिरासत में है. शाहिन पर अवैध वसूली (तोलाबाजी) के आरोप में शनिवार, 23 मई को सांकरेल थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उसके खिलाफ करोड़ों रुपये की अवैध वसूली करने के आरोप लगाए गए हैं. उसे तृणमूल विधायक प्रिया पॉल का करीबी बताया जाता है.
शमीम अहमद की हथकड़ियों में परेडएक अलग ऑपरेशन में शिबपुर में लोकल TMC वार्ड 36 के अध्यक्ष शमीम अहमद उर्फ 'बड़े' या 'गब्बर' को एक सफेद बनियान में घुमाया गया. शिबपुर पुलिस की एक टीम ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के साथ मिलकर शमीम को GT रोड और शिबपुर ट्राम डिपो इलाके से गुजारा. वीडियो में अहमद को हथकड़ियों में देखा गया.
7 मई को चुनाव के बाद हुई हिंसा के एक मामले में शमीम अहमद मुख्य आरोपी है. इस घटना में चौरा बस्ती में BJP के अल्पसंख्यक विंग के जुलूस पर बम और बंदूक से हमला किया गया था, जिसमें तीन लोग घायल हो गए थे. 21 मई को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शमीम को चेंबूर से गिरफ्तार किया था.
ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल वापस लाए जाने के बाद हावड़ा की एक अदालत ने उसे आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, शमीम अहमद TMC विधायक और पूर्व मंत्री अरूप रॉय का करीबी सहयोगी है.
TMC ने विरोध जतायाअपराधियों की इस तरह परेड निकालने का तृणमूल कांग्रेस ने विरोध जताया है. सीरमपुर से TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने X पर लिखा,
"सरकार का काम कभी भी सर्कस चलाना नहीं हो सकता. ना ही यह राज्य की जिम्मेदारी है कि वह लोगों के मनोरंजन के लिए तमाशे दिखाए. सरकार का सबसे पहला फर्ज संविधान और कानून के राज के हिसाब से काम करना है. जब पुलिस प्रशासन को बहुत ज्यादा और बिना किसी रोक-टोक के ताकत दे दी जाती है, तो अक्सर संस्थाओं के अंदर क्रूरता के सबसे बुरे रूप जाग उठते हैं. न्याय की जगह एक तरह की वहशी जीत की भावना ले लेती है, और बदकिस्मती से ऐसे तमाशे समाज के एक तबके को मजेदार और संतोषजनक भी लगते हैं. लेकिन इनमें से किसी भी बात से संविधान का मान नहीं बढ़ता."

उन्होंने आगे कहा,
"मैं किसी भी अपराधी के गुनाहों का ना तो समर्थन करता हूं और ना ही उन्हें सही ठहराता हूं. फिर भी, एक बड़े अपराधी को भी रस्सियों से बांधकर बाजार में घुमाया नहीं जा सकता. ऐसे काम शायद कुछ लोगों की क्रूर सनक को शांत कर दें और संस्थागत ज्यादतियों को सही ठहरा दें, लेकिन ये कानून और मानवाधिकारों के बुनियादी सिद्धांतों, दोनों का साफ-साफ उल्लंघन हैं."
कल्याण बनर्जी ने कहा कि अगर कोई सरकार एक संवैधानिक संस्था की तरह काम करने के बजाय सर्कस की टोली की तरह बर्ताव करने लगे, तो आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल के लोगों को भारी तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है.
वीडियो: कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के घर क्यों पहुंची पुलिस?

