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वक्फ बिल की बहस में प्रियंका गांधी का ना होना एक 'धब्बा', मुखपत्र ने कांग्रेस सांसद पर उठाए सवाल

Waqf Amendment Bill 2025 पर लोकसभा में हुई बहस में Priyanka Gandhi Vadra की गैरमौजूदगी को लेकर एक मलयालम अखबार ने कड़ी आलोचना की. अखबार ने इसे 'धब्बा' करार देते हुए पूछा कि प्रियंका गांधी इस अहम बहस से क्यों गायब थीं.

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4 अप्रैल 2025 (पब्लिश्ड: 06:35 PM IST)
Priyanka Gandhi, Waqf Bill
प्रियंका गांधी ने वक्फ बिल की बहस में हिस्सा नहीं लिया. (PTI)
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वक्फ (संशोधन) बिल 2025 लोकसभा और राज्यसभा दोनों से पास हो गया है. इस बिल पर दोनों सदनों में 12 घंटे से ज्यादा समय तक चर्चा हुई, जिसमें सरकार और विपक्ष के दिग्गज नेताओं ने अपनी बात रखी. हालांकि, इस अहम बहस के दौरान वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की गैर-मौजूदगी पर सवाल खड़े हो रहे हैं. एक मलयालम अखबार ने प्रियंका गांधी के सदन में ना रहने पर उनकी कड़ी आलोचना की है.

बुधवार, 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) बिल 2025 पर चर्चा चल रही थी. लेकिन इस चर्चा में प्रियंका गांधी मौजूद नहीं थीं. अब इसे लेकर केरल के प्रभावशाली मुस्लिम संगठन 'समस्त केरल जमीयतुल उलेमा' के मुखपत्र 'सुप्रभातम' ने प्रियंका गांधी की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए और कड़ी आलोचना की.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक 4 अप्रैल को 'सुप्रभातम' ने अपने एडिटोरियल में लिखा,

वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी का व्हिप के बावजूद संसद में ना आना एक 'धब्बा' बन गया है. इस सवाल का जवाब कभी नहीं मिलेगा कि जब भाजपा मुसलमानों के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही थी, तब प्रियंका गांधी कहां थीं. इस सवाल का भी जवाब नहीं मिलेगा कि देश की एकता को खत्म करने वाले विधेयक पर विपक्षी नेता क्यों नहीं बोला.

अखबार ने कहा कि यह सवाल भी 'अनंत काल तक गूंजता' रहेगा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस विभाजनकारी बिल के खिलाफ क्यों नहीं बोला. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) समर्थक 'समस्त केरल जमीयतुल उलेमा' केरल का एक बड़ा संगठन है. केरल के मुस्लिम समुदाय में इसकी गहरी पैठ है.

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्रियंका गांधी अमेरिका में अपने एक कजिन से मिलने गई हैं, जिन्हें कैंसर हो गया है. ऐसा कहा जा रहा है कि उन्होंने स्पीकर को इस बारे में जानकारी दी है.

'सुप्रभातम' की आलोचना इसलिए अहम है क्योंकि प्रियंका गांधी नवंबर 2024 में वायनाड से उपचुनाव जीतकर पहली बार संसद बनी हैं. वायनाड में अच्छी खासी संख्या में मुस्लिम आबादी रहती है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, वायनाड जिले में 49.5 फीसदी हिंदू, 21.5 फीसदी ईसाई और 28.8 फीसदी मुस्लिम आबादी है. 2024 लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने वायनाड और रायबरेली सीटों से चुनाव जीता था. राहुल ने वायनाड से इस्तीफा देकर रायबरेली सीट चुनी, जिसके बाद वायनाड में उपचुनाव हुआ.

कांग्रेस को इस चुनाव में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) का मजबूत समर्थन मिला था, जो प्रियंका गांधी की भारी जीत की बड़ी वजह थी. इससे पहले IUML ने राहुल गांधी को वायनाड से भारी अंतर से जिताने में कड़ी मेहनत की थी.

मुखपत्र में लिखा है कि बाबरी मस्जिद के बाद वक्फ बिल संघ परिवार का मुसलमानों और देश की धर्मनिरपेक्षता पर किया गया ‘सबसे बड़ा हमला’ है. लोकल अखबार ने उन विपक्षी नेताओं का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने आधी रात के बाद संसद में बिल के खिलाफ़ लड़ाई लड़ी और विधेयक के खिलाफ़ वोट किया.

'सुप्रभातम' ने कहा कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), वामपंथी पार्टियां, बीजू जनता दल (BJD) और YSR कांग्रेस समेत इंडिया अलायंस ने इस बिल का विरोध किया. एडिटोरियल में इस बात पर खास जोर दिया गया कि लोकसभा में गौरव गोगोई, कल्याण बनर्जी, असदुद्दीन ओवैसी और हिबी ईडन जैसे सांसदों के भाषणों ने बिल के प्रावधानों की तीखी आलोचना की, जिससे सरकार की नीयत पर सवाल उठे. इसी तरह केसी वेणुगोपाल, ईटी मोहम्मद बशीर, एनके प्रेमचंद्रन और के राधाकृष्णन ने भी ‘बिल में छिपे एजेंडे’ को उजागर करते हुए सरकार को ‘कठघरे में खड़ा’ किया.

वीडियो: वक्फ संशोधन बिल पर क्या बोले सपा सांसद Afzal Ansari?

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