अब UMEED से पहचाना जाएगा वक्फ बोर्ड, किरेन रिजिजू ने संसद में किया एलान
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश कर दिया गया है. कांग्रेस और सपा समेत इंडिया ब्लॉक के सभी दल बिल का विरोध कर रहे हैं. वहीं एनडीए की सहयोगी जेडीयू और टीडीपी ने बिल के समर्थन का एलान किया है.

वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) बुधवार को लोकसभा में पेश हो गया. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने (Kiren Rijiju) बिल को सदन के सामने रखा. उन्होंने एलान किया कि वक्फ विधेयक अब Unified Waqf Management Empowerment Efficiency and Development यानी UMEED नाम से जाना जाएगा. बिल पेश करते हुए रिजिजू ने कहा कि जितनी व्यापक चर्चा के बाद ये बिल आया है, वैसा कभी नहीं हुआ. रिजिजू ने कहा,
विपक्ष के विरोध पर किरन रिजिजू ने कहा कि हम बिल में सुधार कर रहे हैं तो सवाल क्यों? जिस बात का बिल से कोई लेना-देना नहीं है, उससे लोगों को भरमाया जा रहा है. रिजिजू ने कहा,
रिजिजू ने दावा किया कि अगर 2014 में भाजपा सत्ता में नहीं आई होती तो पिछली कांग्रेस सरकार संसद और एयरपोर्ट की जमीन भी वक्फ को दे देती. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का काम वक्फ प्रॉपर्टी को संभालने और संचालन करने के लिए गवर्नेंस करने का तरीका है. ये वक्फ की संपत्ति को किसी भी तरह से मैनेज नहीं करता है. उसके मैनेजमेंट में हस्तक्षेप नहीं करता है. मंत्री ने कहा कि यह बिल कोई भी धार्मिक हस्तक्षेप नहीं करने जा रहा है. इस बिल में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है. किसी मस्जिद के मैनेजमेंट में हस्तक्षेप करने का प्रावधान इस बिल में नही है. मुसलमान जकात देता है उससे हमारा कोई लेना-देना है.
उन्होंने आगे कहा,
कांग्रेस पर निशाना साधते हुे उन्होंने कहा,
विपक्ष पर बरसे अमित शाहकांग्रेस के विरोध पर गृहमंत्री अमित शाह ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भारत सरकार की कैबिनेट ने यह बिल सदन के सामने रखा है. पहले यह बिल जेपीसी को दिया गया, जिसका विपक्ष का आग्रह था. कमिटी ने इस पर अपना मत प्रकट किया. वो जो मत प्रकट हुआ, वो फिर से कैबिनेट के सामने गया. कमिटी के जो सुझाव थे, वो कैबिनेट ने स्वीकार किए. संसोधन के रूप में किरन रिजिजू इसे लेकर सदन में आए हैं. शाह ने आगे कहा कि आप ही (कांग्रेस) का आग्रह था कि जेपीसी बने. ये कांग्रेस की कमिटी नहीं है. कांग्रेस की कमिटी पर सिर्फ मुहर लगती थी. हमारी कमिटी है जो चर्चा के आधार पर विचार करती है. परिवर्तन करती है. अगर परिवर्तन को स्वीकार ही नहीं करना था तो कमिटी ही क्यों बनवाई?
विपक्ष कर रहा विरोधबता दें कि बिल पर 8 घंटे तक सदन में चर्चा की जाएगी. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत तमाम विपक्षी दल बिल का विरोध कर रहे हैं. वहीं, भाजपा की सहयोगी टीडीपी और जेडीयू ने विधेयक के समर्थन का एलान किया है. आशंका है कि बिल के सदन में पेश होने के बाद खूब हंगामा होगा.
सदन से बाहर नेताओं की बयानबाजी जारी है. विपक्षी दलों की ओर से चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार से अपील की गई है कि वक्फ बोर्ड बिल का समर्थन न करें. कांग्रेस सांसद के सुरेश ने बुधवार को कहा कि इंडिया गठबंधन मजबूती से बिल का विरोध करेगा. पूरा विपक्ष बिल के खिलाफ एकजुट है. जेपीसी में शामिल रहे हमारे सांसदों ने भी इसके विरोध का फैसला लिया है. जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार जैसे नेताओं के सपोर्ट के बिना यह विधेयक कानून नहीं बन सकता. किशोर ने एएनआई से कहा,
वहीं, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर मुसलमानों को गुमराह करने का आरोप लगाया है. रिजिजू ने कहा कि कुछ नेता निर्दोष मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं. उन्हीं लोगों ने कहा था कि सीएए मुसलमानों की नागरिकता छीन लेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. उन्होंने दावा किया कि कई कांग्रेस नेता और विपक्षी दल निजी तौर पर कहते हैं कि इस विधेयक की जरूरत है, लेकिन वे वोट बैंक के लिए इसका विरोध कर रहे हैं.
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वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: वक्फ संशोधन बिल पर सरकार क्या बड़ा करने जा रही है?

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