बंगाल में भी लागू होगा वक्फ संशोधन कानून, मोदी सरकार का फैसला मानने को मजबूर हुईं ममता
Waqf Ammendment Act In West Bengal: केंद्र सरकार ने इस साल अप्रैल में वक्फ कानून में संशोधन किया था. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बहुत ही आक्रामक तरीके से इसकी मुखालफत की थी. उन्होंने कई मौकों पर कहा था कि वे इस संशोधित कानून को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने देंगी. लेकिन, अब उनका रुख इस कानून को लेकर बदल गया है.

पश्चिम बंगाल सरकार महीनों बाद राज्य में नए वक्फ संशोधन कानून को लागू करने पर राजी हो गई है. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली बंगाल सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य की 82,000 वक्फ संपत्तियों की जानकारी 5 दिसंबर 2025 तक केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड करें. वक्फ संशोधन कानून इस साल अप्रैल में संसद के दोनों सदनों से पास हुआ था. लेकिन तब पश्चिम बंगाल ने इसे अपने राज्य में लागू करने से मना कर दिया था.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार 27 नवंबर की शाम को सभी जिलाधिकारियों को लिखे एक पत्र में पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक विकास विभाग के सेक्रेटरी पी. बी. सलीम ने तय समय तक राज्य में मौजूद वक्फ प्रॉपर्टीज की जिलेवार जानकारी umeedminority.gov.in पर अपलोड करने के निर्देश जारी किए हैं. पत्र में यह भी कहा गया है कि राज्य में 82,000 से ज्यादा वक्फ संपत्तियां हैं.
ये निर्देश जारी किएबदले हुए एक्ट के सेक्शन 3B में कहा गया है कि देशभर में सभी रजिस्टर्ड वक्फ प्रॉपर्टी की जानकारी छह महीने (5 दिसंबर 2025) के अंदर सेंट्रल पोर्टल पर अपलोड की जानी चाहिए. इसी के मद्देनजर ममता सरकार ने जिलाधिकारियों को कुल 8 निर्देश जारी किए हैं. वे इस प्रकार हैंः
1. Umeed पोर्टल को देखना और समझना.
2. संबंधित इमाम और मदरसा शिक्षकों की बैठक/वर्कशॉप आयोजित करना.
3. डेटा एंट्री दो भागों में: (a) OTP आधारित रजिस्ट्रेशन और (b) वक्फ संपत्ति की जानकारी.
4. विवादित संपत्तियों को इस चरण में दर्ज करने की जरूरत नहीं.
5. इस काम के लिए अधिकारियों को नियुक्त करना और रोजाना की प्रोग्रेस को मॉनिटर करना.
6. राज्य लेवल के ऑफिस से सीनियर अधिकारियों को संबंधित जिलों का दौरा करने के लिए तैनात किया जाएगा.
7. आठ जिलों में हेल्पडेस्क तैयार, बाकी जिलों में भी स्थापित करें.
8. राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा रोजाना 2 से 4 बजे तक वर्चुअल ट्रेनिंग.
इस फैसले को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है क्योंकि पश्चिम बंगाल में वक्फ संशोधन कानून को लेकर राजनीतिक विवाद है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि वह राज्य में नए वक्फ कानून को लागू नहीं होने देंगी. कानून पास होने के कुछ दिनों बाद 9 अप्रैल को जैन समुदाय के एक कार्यक्रम में बोलते हुए ममता ने कहा था,
“मैं बंगाल में वक्फ संशोधन कानून को लागू नहीं होने दूंगी. मैं उन्हें बांटकर राज करने नहीं दूंगी. हमारे यहां 33 प्रतिशत मुस्लिम हैं. वे सदियों से यहां रह रहे हैं. उनकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है.”
इसके अलावा, नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के बिल पेश करने के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. संशोधित कानून के मुताबिक, वक्फ बोर्ड और ट्रिब्यूनल में गैर-मुस्लिम सदस्य होंगे. वहीं, अगर किसी प्रॉपर्टी पर वक्फ होने का दावा किया जाता है तो सरकार इस बारे में आखिरी फैसला लेगी. ममता बनर्जी की अगुवाई वाली TMC सरकार कानून के खिलाफ कोर्ट भी गई थी. लेकिन वहां से उसे राहत नहीं मिली.
वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: वक्फ एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्या बदल जाएगा?


