OSM पर सवाल उठाने वाले छात्र वेदांत फिर CBSE से भिड़ गए, वजह 'सरासर झूठ' है
Central Board of Secondary Education और Vedant Srivastava एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं. मामला इस बार Re Evaluation Result से जुड़ा हुआ है.

CBSE ने अपने ही एक छात्र के दावे को ‘Blatant Lie’ यानी ‘सरासर झूठ’ बता दिया है. बदले में उस छात्र ने भी CBSE को जवाब दे दिया है कि वो झूठ नहीं बोल रहा, बल्कि बोर्ड दो अलग-अलग तरीकों को एक साथ जोड़कर पेश कर रहा है. ये छात्र कौन है? वेदांत श्रीवास्तव. वही 12वीं कक्षा वाले वेदांत, जिनकी वजह से कुछ हफ्ते पहले CBSE के नए On-Screen Marking System (OSM System) को लेकर पूरे देश में बहस की शुरुआत हुई. अब एक बार फिर से CBSE और वेदांत आमने-सामने हैं.
हाल ही में CBSE ने री-इवैल्यूएशन का रिजल्ट घोषित किया, जिसके बाद वेदांत श्रीवास्तव ने X पर एक वीडियो पोस्ट किया. इसमें वो कहते हैं कि उन्होंने 11 सवालों के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया था. लेकिन आखिर में उनके महज 2 ही नंबर बढ़े. 1 नंबर गणित में और 1 कम्प्यूटर साइंस में. वेदांत का दावा था कि फिजिक्स में ‘री-इवैल्यूएशन’ के बावजूद एक भी नंबर नहीं बढ़ा.
इन आरोपों पर कुछ ही घंटों बाद, CBSE ने एक बयान जारी किया. बोर्ड ने कहा कि वेदांत का ये दावा न सिर्फ “तथ्यात्मक रूप से गलत” है, बल्कि “सरासर झूठ” भी है. यानी CBSE ने वेदांत के दावों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताने के साथ-साथ, उन्हें ‘सरासर झूठ’ भी बता दिया.
इसके साथ CBSE ‘नंबर’ का पूरा ‘ब्रेक-अप’ भी करता है. इसमें बोर्ड के मुताबिक, गणित में वेदांत के थ्योरी मार्क्स 46 से बढ़कर 47 हुए. कम्प्यूटर साइंस में 61 से बढ़कर 62 हो गए. जबकि, फिजिक्स में थ्योरी मार्क्स पहले 35 थे, जो अब बढ़कर ‘44’ हो गए हैं. मतलब, फिजिक्स में 9 नंबर बढ़े, और तीनों विषयों को मिलाकर 11 नंबर बढ़ गए. ध्यान रहे, ये ‘CBSE’ का कहना है. हमारा नहीं.
CBSE के इस जवाब के बाद विवाद और बढ़ जाता है. बोर्ड के इन दावों और ‘झूठ’ कहने वाले आरोपों पर वेदांत ने फिर से X पर जवाब दिया. वो लिखते हैं कि CBSE जिन 9 नंबरों की बात कर रहा है, वो री-इवैल्यूएशन से नहीं बढ़े. बल्कि ये तो वो उनके असल मार्क्स हैं, जो उन्हें पहले ही मिलने चाहिए थे. मगर ये मार्क्स उन्हें पहले नहीं दिए गए. क्योंकि, उस वक़्त उन्हें किसी दूसरे छात्र की फिजिस्क आंसर शीट दिखा दी गई थी. वेदांत ने पोस्ट कर कहा,
“फिजिक्स के 9 नंबर री-इवैल्यूएशन से नहीं बढ़े हैं. ये मेरे वही असली नंबर हैं, जो आपने पहले मुझे नहीं दिए थे क्योंकि आपने मेरी आंसर शीट बदल दी थी. री-इवैल्यूएशन से सिर्फ कम्प्यूटर साइंस और गणित में एक-एक नंबर बढ़ा है.”

इसके बाद उन्होंने एक सवाल भी उठाया, “अगर पहले दिखाई गई फिजिक्स आंसर शीट मेरी थी ही नहीं, तो उस कॉपी पर दिए गए नंबर मेरे कैसे हो सकते थे? फिर मेरे बयान को सरासर झूठ कैसे कहा जा सकता है?”

अगर इसे थोड़ा और आसान तरीके से समझें, तो वेदांत को पहले उनकी आंसर शीट की जगह किसी और छात्र की आंसर शीट और मार्क्स दे दिए गए थे. इसकी वजह से वेदांत को फिजिक्स थ्योरी में 35 नंबर मिले. बाद में गलती सुधारकर CBSE ने वेदांत को उनकी सही आंसर शीट मुहैया करवाई. इस सही आंसर शीट में वेदांत के नंबर 35 नहीं, बल्कि 44 आ रहे थे. यानी वेदांत के असली नंबर कितने हुए? 44. जो असल में किसी दूसरे छात्र की कॉपी मिलने से घटकर 35 हो गए थे. इसका सीधा मतलब समझें तो वेदांत को असल में फिजिक्स थ्योरी में कितने नंबर घोषित होने चाहिए थे? 44. ये एक अलग गलती थी, जिसे CBSE को सुधारना था.
दूसरी गलती क्या थी? चेकिंग में कम नंबर देने की. (वेदांत के मुताबिक). वेदांत का कहना है कि उन्हें कुछ क्वेश्चन पर जितने नंबर मिलने चाहिए थे, उससे कम मिले, इसलिए उन्होंने री-इवैल्यूएशन के लिए 11 क्वेश्चन डाले. लेकिन इनमें से सिर्फ़ 2 ही नंबर बढ़ाए गए. जबकि जो फिजिक्स में बढ़ने चाहिए थे, उनपर कोई एक्शन ही नहीं लिया गया. उसमें सिर्फ़ वही नंबर बढ़ाकर दिखा दिए गए, जो आंसर शीट बदलने वाली गलती की वजह से कम हुए थे, और री-इवैल्यूएशन तो कुछ हुआ ही नहीं. ये वेदांत के मौजूदा दावे हैं.
अब यहां से थोड़ा पीछे चलते हैं. क्योंकि इस पूरे CBSE विवाद में वेदांत सबसे अहम चेहरों में से एक रहे हैं. रिजल्ट आने के बाद सबसे पहले ‘वेदांत श्रीवास्तव’ ने ही OSM सिस्टम की खामियों की पोल खोली थी. उन्होंने X पर एक लंबा थ्रेड लिखकर बताया था कि CBSE ने वेरीफिकेशन के दौरान उन्हें फिजिक्स की जो सेकंड आंसर शीट दिखाई है, वो उनकी है ही नहीं. हैंडराइटिंग किसी दूसरे छात्र की थी. इसकी फोटोज भी उन्होंने अपनी पोस्ट्स में शेयर कीं. जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया. फिर कई दूसरे छात्र भी सामने आए और OSM सिस्टम में गड़बड़ियों के आरोप लगाने लगे.
बाद में CBSE ने माना कि पोस्ट रिजल्ट प्रोसेस के दौरान गलती से आंसर शीट एक्सचेंज हो गई थी. इसके बाद बोर्ड ने वेदांत को उनकी असली फिजिक्स आंसर शीट उपलब्ध कराई. उसी करेक्शन के बाद उनके फिजिक्स के कुल नंबर 65 से बढ़कर 74 हो गए.
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