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वंदे मातरम का अपमान करने पर मिलेगी सजा? मीटिंग हो गई, जल्द बन सकते हैं राष्ट्रगान जैसे नियम

इस महीने की शुरुआत में गृह मंत्रालय (MHA) ने एक बैठक बुलाई थी. बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि क्या Vande Mataram के लिए भी वही नियम हों, जो जन गण मन (राष्ट्रगान) के लिए होते हैं. क्या-क्या हुआ इस मीटिंग में?

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Vande Mataram protocol
संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा के सदस्य राष्ट्रगान के लिए खड़े हुए. (फोटो: PTI)
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अर्पित कटियार
24 जनवरी 2026 (Updated: 24 जनवरी 2026, 03:25 PM IST)
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देश में इन दिनों राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर बहस जारी है. बीते साल संसद के शीतकालीन सत्र में भी इस पर खूब चर्चा हुई. अब गृह मंत्रालय (MHA) इस बात पर विचार कर रहा है कि वंदे मातरम के गाने के लिए भी वही प्रोटोकॉल लागू किए जाएं या नहीं, जो अभी जन गण मन (राष्ट्रगान) के लिए हैं (Vande Mataram Protocol).

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में सरकार की एक बड़ी बैठक हुई. इसमें वंदे मातरम को गाने या सुनाने के नियमों पर बात की गई. चर्चा यह थी कि क्या इसके लिए भी वही नियम हों, जो जन गण मन (राष्ट्रगान) के लिए होते हैं.

सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय (MHA) ने यह बैठक बुलाई थी, जिसमें कई मंत्रालयों के सीनियर अधिकारी शामिल हुए. बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि क्या वंदे मातरम के लिए भी यह तय किया जाए कि इसे कब और कैसे गाया जाए, राष्ट्रगान के साथ गाया जाए या नहीं, और अगर कोई इसका अपमान करे तो क्या सज़ा होनी चाहिए.

हालांकि, जब इंडियन एक्सप्रेस ने इस बैठक को लेकर सवाल पूछे, तो गृह मंत्रालय की तरफ से इस पर कोई जवाब नहीं आया.

राष्ट्रीय गीत को लेकर कोई नियम नहीं

वंदे मातरम गीत बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था. यह 1905-08 के स्वदेशी आंदोलन के दौरान लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना और आज़ादी की लड़ाई से गहराई से जुड़ गया. संविधान सभा ने इसे राष्ट्रगान के बराबर सम्मान दिया है, लेकिन अभी तक इसके गाने या सुनने को लेकर कोई तय नियम नहीं हैं. जैसे- खड़े होना ज़रूरी है या नहीं, कोई खास शारीरिक मुद्रा होनी चाहिए या नहीं, या फिर अपमान करने पर सज़ा का प्रावधान हो.

राष्ट्रगान को लेकर क्या हैं नियम?

राष्ट्रगान को राष्ट्रीय गीत की तुलना में ज्यादा संवैधानिक और कानूनी संरक्षण मिला हुआ है. संविधान का अनुच्छेद 51ए(ए) कहता है कि हर नागरिक का यह मौलिक कर्तव्य है कि वह राष्ट्रीय गान का सम्मान करे. इसके अलावा भी, राष्ट्रगान के शब्दों और उसके इस्तेमाल को लेकर गृह मंत्रालय ने कई आदेश जारी किए हैं.

इन आदेशों में यह बताया गया है कि राष्ट्रगान कब और कैसे बजाया या गाया जाना चाहिए, ताकि उसका पूरा सम्मान बना रहे. जैसे, सरकारी या आधिकारिक कार्यक्रमों में जब राष्ट्रगान बजता है, तो सभी लोगों को खड़ा होना जरूरी है. साथ ही, ऐसे नाटकीय या बदले हुए रूपों पर रोक है, जिनसे गान का अपमान हो सकता है.

हाल के कुछ सालों में अदालतों में कई याचिकाएं दायर हुई हैं, जिनका मकसद यह साफ करना है कि क्या ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ के तहत राष्ट्रगान से जुड़े मामलों में सजा दी जा सकती है या नहीं. बताते चलें कि इस एक्ट के तहत अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान के गायन में रुकावट डालता है या गान गा रही सभा को बाधित करता है, तो उसे तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है.

साल 2022 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि राष्ट्रगान न गाने पर कोई अलग से सजा तय नहीं की गई है. सरकार ने यह भी कहा कि वंदे मातरम को कब और किन हालात में गाया या बजाया जाए, इस बारे में अब तक कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुए हैं.

ये भी पढ़ें: वंदे मातरम्: जंग-ए-आजादी में अंग्रेजों की नींद उड़ाने वाला गीत क्यों ना बन सका राष्ट्रगान

वंदे मातरम को लेकर क्या है विवाद?

पिछले साल संसद के शीतकालीन सत्र में वंदे मातरम पर चर्चा हुई. इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर वंदे मातरम की महिमा को दबाने का आरोप लगाया. दूसरी तरफ, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी इतिहास को तोड़-मरोड़ रही है और उसने पश्चिम बंगाल चुनावों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रगान पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया है.

सत्तारूढ़ बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति के लिए 1937 के अधिवेशन में गीत के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों को हटा दिया. यह आरोप गीत के छह छंदों में से चार को हटाए जाने से जुड़ा हुआ है. पहले दो छंद भूमि की महिमा का बखान करते हैं, जबकि बाद के छंद मातृभूमि को देवी के रूप में बताते हैं. इसे लेकर संविधान सभा के कुछ सदस्यों का मानना ​​था कि सभी धर्मों के नागरिकों को शायद यह पसंद न आए.

यह पूरी कवायद ऐसे समय हो रही है जब केंद्र सरकार ने वंदे मातरम का एक साल लंबा उत्सव शुरू किया है. पहला चरण नवंबर में पूरा हो चुका है, दूसरा चरण इस महीने चल रहा है, तीसरा चरण अगस्त 2026 में और चौथा चरण नवंबर 2026 में होगा.

वीडियो: राज्यसभा में वंदे मातरम पर चर्चा, आप सांसद संजय सिंह ने ऐसा क्या कह दिया कि बीजेपी ने मांफी मांगने को कहा

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