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शुभेंदु के शपथ में वंदे मातरम नहीं बजा, विजय ने सबसे पहले यही बजवाया, फिर भी विवाद

'तमिल वेत्री कझगम' (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत 'वंदे मातरम' से हुई. जबकि शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में 'वंदे मातरम' नहीं बजाया गया. यह इसलिए भी ज्यादा खटक रहा है क्योंकि बीजेपी हमेशा से 'वंदे मातरम' की सबसे बड़ी पैरोकार रही है.

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10 मई 2026 (पब्लिश्ड: 05:30 PM IST)
vande mataram played at Vijay Oath Ceremony
विजय का शपथ ग्रहण समारोह. (फोटो: ANI)
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तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत 'वंदे मातरम' से हुई. समारोह की शुरुआत में सबसे पहले वंदे मातरम बजा. फिर राष्ट्रगान और अंत में राज्य गीत राज्यगीत 'तमिल थाई वल्थु' बजाया गया. हालांकि, इसे लेकर विवाद शुरू हो गया है. विजय की सरकार में साझीदार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने राज्यगीत के सबसे लास्ट में बजाए जाने पर आपत्ति जताई है. सीपीआई ने सीएम जोसेफ विजय से अपील की कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी आधिकारिक सरकारी कार्यक्रमों में 'तमिल थाई वाज़्थु' को पहला स्थान मिले.

बता दें कि रविवार, 10 मई को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में राज्यपाल ने सी जोसेफ विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई. इस कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, 'तमिल वेत्री कझगम' (TVK) और उसके साथ गठबंधन में शामिल पार्टियों के नेता मौजूद रहे.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने हाल ही में 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971' में संशोधन कर 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान के बराबर दर्जा दिया है. अब सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के सभी 6 अंतरे गाए जाने अनिवार्य हैं. ये भी कहा गया कि इसे राष्ट्रगान से पहले बजाया जाना चाहिए. टीवीके प्रमुख विजय ने उन नियमों का पालन किया जिन्हें बीजेपी सरकार ने अनिवार्य बनाया था. कार्यक्रम की शुरुआत 'वंदे मातरम' से हुई. बाद में राष्ट्रगान 'जन गण मन' और अंत में राज्य गीत 'तमिल थाई वल्थु' बजाया गया. 

दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी ने बंगाल में अपने मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में इसे नजरअंदाज कर दिया था. 9 मई को कोलकाता में हुए शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में 'वंदे मातरम' नहीं बजाया गया. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के कई मुख्यमंत्री और बड़े नेता शामिल हुए थे.

वहीं, विजय के शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत 'वंदे मातरम' के साथ होना एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है.

बता दें कि स्टालिन (DMK) सरकार के समय ‘तमिल थाई वल्थु’ (राज्य गीत) को प्राथमिकता दी जाती थी. किसी भी सरकारी समारोह में सबसे पहले यह गीत बजाया जाता था लेकिन विजय के शपथ ग्रहण में इसे सबसे लास्ट में बजाया गया. इसे लेकर सीपीआई ने विरोध जताया है. रविवार 10 मई को एक बयान में CPI तमिलनाडु ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में तमिलनाडु सरकार के लंबे समय से चले आ रहे प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, जिसके तहत आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत 'तमिल थाई वाज़्थु' से और समापन राष्ट्रगान से होता है.

सीपीआई ने 'तमिल थाई वाज़्थु' को ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान के बाद तीसरे स्थान पर रखे जाने पर आपत्ति जताई और इसे राज्य की स्थापित परंपरा का उल्लंघन करार दिया. पार्टी ने सरकार से यह भी पूछा कि प्रोटोकॉल में किए गए इस बदलाव के लिए कौन जिम्मेदार है? CPI ने सरकार से आग्रह किया कि वह यह सुनिश्चित करे कि आने वाले समय में सभी सरकारी कार्यक्रमों में 'तमिल थाई वाज़्थु' ही सबसे पहले गाया जाए. 

ये भी पढ़ें: विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, 59 साल बाद गैर-द्रविड़ CM, राहुल गांधी भी रहे मौजूद

वंदे मातरम को लेकर क्या है विवाद?

पिछले साल संसद के शीतकालीन सत्र में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर चर्चा हुई. इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर वंदे मातरम की महिमा को दबाने का आरोप लगाया. दूसरी तरफ, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी इतिहास को तोड़-मरोड़ रही है और उसने पश्चिम बंगाल चुनावों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रगान पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया है. सत्तारूढ़ बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस ने तुष्टीकरण की राजनीति के लिए 1937 के अधिवेशन में गीत के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों को हटा दिया. 

यह आरोप गीत के 6 छंदों में से 4 को हटाए जाने से जुड़ा हुआ है. पहले 2 छंद भूमि की महिमा का बखान करते हैं, जबकि बाद के छंद मातृभूमि को देवी के रूप में बताते हैं. इसे लेकर संविधान सभा के कुछ सदस्यों का मानना ​​था कि सभी धर्मों के नागरिकों को शायद यह पसंद न आए. 

वीडियो: राष्ट्रगान से पहले गाया जाए वंदे मातरम, सरकार ने जारी किए नए नियम

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