रुद्रप्रयाग में किस बात पर भड़के निहंग सिख? प्रोटेस्ट करने गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए
Uttarakhand के रुद्रप्रयाग में निहंग सिख गुरुद्वारे की छत पर चढ़कर प्रदर्शन कर रहे हैं. पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने इलाके में इंटरनेट की सुविधा बंद कर दी है.

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में एक गुरुद्वारे से तनाव का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले हेमकुंड साहिब से लौट रहे निहंग सिख तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच भी विवाद हुआ था, जिसके विरोध में कुछ निहंग सिख नगरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और प्रदर्शन करने लगे. निहंग पुलिस की कार्रवाई से भी नाराज हैं. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने इलाके की इंटरनेट सुविधा बंद करा दी है.
घटना शनिवार, 20 जून की शाम की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस भी फौरन हरकत में आ गई और निहंगों को समझाने की कोशिश करने लगी. इंडिया टुडे ने एक न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि निहंग कर्णप्रयाग की घटना से ही नाराज बताए जा रहे थे. दरअसल, रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में निहंगों ने शनिवार, 20 जून की शाम दो लोगों को बंधक बना लिया.
सुरक्षा में जवान तैनातविवाद बढ़ने के बाद एक व्यक्ति को छोड़ दिया, लेकिन एक सेवादार को बंधक बनाए रखा. अचानक गुरुद्वारे की लाइट बंद हो गई. गुरुद्वारे में तनाव और निहंगों के कब्जे की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति संभालने में जुट गए. फिलहाल करीब 30 से 40 पुलिस वाले और 2 दर्जन ITBP के जवान गुरुद्वारे के बाहर तैनात हैं. हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक निहंग गुरुद्वारे में ही डेरा डाले हुए हैं.
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, रुद्रप्रयाग के DM विशाल मिश्रा निहंगों से बातचीत करने के लिए पहुंचे, लेकिन उन्होंने DM से बात करने से इनकार कर दिया. प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अगले आदेश तक इंटरनेट बंद कर दी है. साथ ही चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के संवेदनशील इलाकों में कर्णप्रयाग की घटना के बाद से ही धारा 163 लागू है, जो 27 जून तक लागू रहेगी.
सिख यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों में विवाददरअसल, यह मामला चमोली के कर्णप्रयाग बाजार की एक घटना से जुड़ा हुआ है. 16 जून को हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे सिख यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों के बीच विवाद हो गया. रिपोर्ट के मुताबिक, 5 से 6 बाइक सवारों के जत्थे की एक बाइक बाजार में खड़ी कार से टकरा गई थी, जिसके बाद मारपीट की स्थिति बन गई.
विवाद बढ़ने के बाद हिंसा में बदल गया और धारदार हथियार निकल गए. हमले के आरोप में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनमें से तीन की कोर्ट में पेशी के बाद ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है, जबकि एक आरोपी का इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि सिख निहंग इस घटना के बाद पुलिस के एक्शन से नाराज हैं. उन्होंने मामले को लेकर तीन मांगे रखी हैं.
ये भी पढ़ेंः 'छात्रों को भारत के सिस्टम पर भरोसा,' NEET Re-Exam पर बोले धर्मेंद्र प्रधान
पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई के आरोपउनकी पहली मांग है कि पुलिस स्थानीय लोगों पर एक्शन ले. निहंगों का आरोप है कि पुलिस ने मामले में एकतरफा कार्रवाई की है. निहंगों की दूसरी मांग है कि उनके साथियों को फौरन छोड़ा जाए और हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षा दी जाए. तीसरी और आखिरी मांग है कि चमोली पुलिस ने मामले में जो FIR दर्ज की है, उसे रद्द करे.
मामला संवेदनशील होने के बाद पुलिस भी सतर्क हो गई है और फूंक-फूंककर कदम रख रही है. चूंकि मामला धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़ा है तो एक भी गलत कदम स्थिति को और नाजुक बना सकता है. पुलिस ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है.
वीडियो: बांग्लादेश में ‘राम’ को लेकर क्यों बवाल हो गया?

