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यूपी पुलिस जानबूझकर हाफ एनकाउंटर करती है? जेल में मजिस्ट्रेट के सामने कैदी ने बताई आपबीती

सहारनपुर जिले के देवबंद के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) परविंदर सिंह का एक वीडियो वायरल है. वीडियो में ACJM सिंह देवबंद जेल में कैदियों से बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इसी दौरान एक कैदी ने पुलिस पर फर्जी तरीके से हाफ एनकाउंटर करने का आरोप लगाया.

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आनंद कुमार
| अनिल कुमार
12 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 13 फ़रवरी 2026, 08:30 AM IST)
Uttar pradesh saharanpur half encounter of police
देवबंद जेल में कैदी ने ACJM परविंदर सिंह को कथित फर्जी एनकाउंटर की कहानी बताई. (एक्स)
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उत्तर प्रदेश पुलिस के फुल या ‘हाफ एनकाउंटर’ को लेकर आए दिन सवाल उठते रहते हैं. पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एनकाउंटर के तरीकों को लेकर बेहद सख्त टिप्पणी की थी. नया मामला सहारनपुर से आया है, जिसके बाद एक बार फिर कथित हाफ एनकाउंटर को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

दरअसल सहारनपुर जिले के देवबंद के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) परविंदर सिंह का एक वीडियो वायरल है. वीडियो में ACJM सिंह देवबंद जेल में कैदियों से बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इसी दौरान एक कैदी ने पुलिस पर फर्जी तरीके से हाफ एनकाउंटर करने का आरोप लगाया. 

इंडिया टु़डे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ACJM परविंदर सिंह ने एनकाउंटर में घायल कैदियों को बुलाकर एक-एक करके उनसे पूछताछ की. बातचीत के दौरान एक कैदी ने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए.

कैदी ने बताया कि वह बागपत से सहारनपुर जा रहा था, जहां उसे कोर्ट में पेश होना था. उसने दावा किया कि पुलिस ने शामली इलाके के एक पार्क से उसको उठा लिया, जिसकी पुष्टि उसकी मोबाइल लोकेशन से की जा सकती है. कैदी के मुताबिक, पुलिस चौकी पर ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई. उसको बिजली का करंट लगाया गया और जबरदस्ती अपराध स्वीकार करने का दबाव बनाया गया.

बंदी ने आगे बताया कि देर शाम को उसे जंगल के इलाके में ले जाया गया. और थाने से लाई गई बाइक के पास खड़ा करके उसके पैर पर कपड़ा रखकर नजदीक से गोली मारी गई. उसने दावा किया कि  पुलिस ने खुद से गोली मारकर इसे मुठभेड़ का नाम दे दिया. वीडियो में देखा जा सकता है कि न्यायिक अधिकारी ने इस कैदी के अलावा दूसरे कैदियों से भी इसी तरह की पूछताछ की. 

इस वीडियो के सामने आने के बाद अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. बयान आता है तो हम खबर को अपडेट करेंगे.

इंडिया टुडे के इनपुट के मुताबिक, अभी वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हो सकी है. लेकिन यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो यह मामला प्रदेश स्तर पर बड़ी कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है.

प्रमोशन और शोहरत के लिए मार रहे पैर में गोली : हाई कोर्ट

पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे एनकाउंटर और हाफ एनकाउंटर को लेकर गंभीर टिप्पणी की थी. कोर्ट ने कहा था कि पुलिस सिर्फ प्रमोशन और सोशल मीडिया पर सुर्खिया बटोरने के लिए मुठभेड़ का सहारा ले रही है, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है. क्योंकि दंड देने का अधिकार केवल कोर्ट के पास है. 

हाई कोर्ट ने डीजीपी और गृह सचिव को तलब करते हुए पूछा था कि क्या पुलिस अधिकारियों को पैरों में गोली मारने का कोई लिखित या मौखिक आदेश दिया गया है. कोर्ट ने ये भी कहा कि पुलिस अक्सर मामूली मामलों में भी मुठभेड़ का दिखावा करते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर देती है, जबकि इन मुठभेड़ों में किसी अधिकारी को चोट नहीं लगी.

वीडियो: SC के पूर्व जज जस्ती चेलमेश्वर ने पुलिस एनकाउंटर को लेकर क्या कहा?

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